मंगलवार, 28 फ़रवरी 2023

क्रिकेट पे मंडराता हुआ खतरा

सचिन के वनडे को बचाने का सुझाव



आज के समय फुटबॉल के बाद सबसे अधिक लोकप्रिय खेल हैं क्रिकेट। यह खेल  रोमांच व अनिश्चिताओं से भरपूर हैं व साथ ही मनोरंजन से भरपूर होता हैं। इसलिए आप हर शहर हर गांव की गली मोहल्लों में इसे खेलते हुए देख सकते हो। क्रिकेट का सबसे पुराना फॉर्मेट हैं टेस्ट मैच जो दो टीमों के बीच 5 दिन तक खेला जाता हैं। और आज भी टीमों की टेक्निकल कुशलता के साथ शारीरिक दक्षता का इम्तेहान इस फॉर्मेट में देखने को मिलता है। और आज भी क्रिकेट विशेषज्ञ इस फॉर्मेट में सफल खिलाड़ियों को ही क्रिकेट की अच्छी समझ वाले खिलाड़ी मानते हैं। लेकिन जैसे जैसे दुनिया में आधुनिकता की और बढ़ रही हैं तो अब लोगो के पास 5 दिन तक स्टेडियम में या टेलीविजन के सामने बैठ कर देखना मुश्किलों भरा होता हैं। इसलिए एक दिवसीय क्रिकेट मैचों का दौर शुरू हुआ और लोगों ने इसे खूब प्यार दिया और खेल और खिलाड़ी दोनो को खूब सम्मान मिला। और समय के साथ 60 ओवर का एक दिवसीय मैच अब 50 ओवर का खेला जाने लगा। समय के साथ तकनीकी का विकास हुआ।और कैमरे की नजरो से इस खेल ने बुलंदियो को  छुआ। और लोगो का खूब मनोरंजन किया और आज भी कर रहा हैं।

      भारत पाकिस्तान का मैच हो या ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की एशेज सीरीज  का रोमांच प्रशंसकों के सर चढ़ कर बोलता था। और जिस दिन खेल होता ।देशों की आर्थिक गतिविधियां रुक सी जाति थी। दुनियां की सबसे पुरानी क्रिकेट सीरीज में शुमार एशेज सीरीज जो 15- 19 मार्च 1877 में इंग्लैंड खेला गया जिससे टेस्ट मैचों को पहचान मिली। और इसका रोमांच इतना था की 1882 में जब ओवल मैदान पर आसानी से जीतता हुआ मैच इंग्लैंड हार गई जो उसकी धरती पर पहली हार थी। इस हार को इंग्लैंड की मीडिया ने "इंग्लैंड क्रिकेट की मौत" का नाम दिया था। लेकिन समय के साथ बहुत कुछ बदला और ये खेल भी अपना रूप बदलता हुआ। अब 4 घंटे के T20  फॉर्मेट सीमित हो गया हैं। इसमें ग्लैमर और पैसे का प्रवेश हो गया हैं। जिन खिलाड़ियों को लोग भगवान के रूप में देखते थे। उनको आज उनके खेल के आधार पर पशुओं की भांति बोली लगाकर कर खरीदा जाता हैं। बहुत से लोग इसे क्रिकेट के स्कोप,रोजगार,बड़ते हुऐ दायरे के तौर पर देखते हैं। क्या आज से 15 - 20 वर्ष पूर्व कोई बोलता की सचिन आओ आपको हम 10 लाख रुपए देते हैं। क्या सचिन इसके लिए तैयार होते शायद नहीं। क्योंकि क्रिकेट सचिन के लिए एक साधना थी। इस पैसे के कारण अधिक से अधिक खेल होने लगे और IPL जैसी सीरीज अब हर देश में शुरू हो चुकी हैं। जिसमे मात्र कुछ घंटों में  चोको और छको की बारिश होती हैं। और दर्शक अपने घर लोट जाते हैं। अब इतने मैच होने लगे हैं की खिलाड़ी तो खिलाड़ी दर्शकों के भी अच्छे खेल की स्मृतियां धूमिल होने लगीं हैं। अब टेलीविजन से खेल आपके मोबाइल स्क्रीन पर आ चुका हैं। नही देख पाए तो रिकॉर्ड देख सकते हैं। सामग्री आपके पास उपलब्ध हैं। बहुत से महान खिलाड़ी इस बदलाव को क्रिकेट के पतन की और बढ़ते कदम बता चुके हैं और अपनी चिंता भी जता चुके हैं। 

 ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल-

    क्रिकेट के किसी एक प्रारूप पर मजबूत निर्णय लिया जाना चाहिए।क्योंकि सबको पता हैं यदि ऐसा ही चला टेस्ट मैचों के बाद एक दिवसीय मैच और अब T 20 और आने वाले समय में हम देखेंगे की T 10 का दौर चालू हो चुका हैं और उसका भी दौर 10 साल से अधिक नहीं रहेगा। इस तरह तो हम अपने इस अद्भुत खेल को खो देंगे। निश्चित ही ICC को अब इस पर मनन करने की जरूरत हैं। क्योंकि अब ज्यादा समय नहीं हैं की T-10 प्रारूप में अमीरात क्रिकेट बोर्ड नाइंटी बैश बना चुका हैं जो आने वाले समय में हमारे सामने होगा। जिसमे मात्र 2 घंटे में आप चौके और छको की बारिश देखने को मिलेगी। हालांकि अभी तक T 20 प्रारूप को ICC से मान्यता नहीं दी हैं लेकिन UEA के सफल आयोजन के बाद श्रीलंका ने भी आयोजन का फैसला किया हैं।क्योंकि इंग्लैंड के बेहतरीन ऑलराउंडर ब्रेन स्टॉक्स ने एक दिवसीय प्रारूप से सन्यास लेके सबको चौका दिया और कहा की तीनो फॉर्मेट में क्रिकेट खेलना बहुत मुश्किल हैं।इसलिए T 20 के सामने एक दिवसीय मैच फीके होने लगे हैं और T 10 के सामने T 20 फीके होने लगेंगे और अंतत इस खेल से रोमांच,शोहरत सब समाप्त हो जायेगी। या ये खेल अपना रूप बदल देगा।

वसीम अकरम - 

      एक दिवसीय फॉर्मेट 50 ओवर का खेल अब थकाऊ और बोझ की तरह लगता हैं कमेंटर के तोड़ पर भी यह प्रारूप मजेदार नही लगता।ऐसा महसूस होता हैं की हम इसे जबरन खींच रहे हैं।T 20  इसकी तुलना में ज्यादा बेहतर हैं इसलिए वनडे धीरे धीरे खत्म होते जा रहा हैं।

रविचंद्रन अश्विन 

   R अश्विन ने भी कहा की वनडे मैच देखते देखते एक समय बोर हो जाते हैं और टीवी ऑफ कर देते हैं।

उस्मान ख्वाजा

ऑस्ट्रिलाई ओपनर  ने भी वनडे फॉर्मेट को खत्म करने की मांग की थी । उन्होंने कहा की ये फॉर्मेट धीर धीर मर रहा हैं। कई बार मुझे वनडे वर्ल्डकप भी T 20 के सामने कुछ खास नहीं लगता।और मौजूदा समय में आप फॉर्मेट नही खेल सकते आपको कोई एक प्रारूप छोड़ना ही होगा।

इस प्रकार से टेस्ट।मैचों से सन्यास ले चुके साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक भी बोल चुके हैं।

सचिन के वनडे को बचाने का सुझाव

सचिन ने कहा था की इस प्रारूप को बचाया जा सकता हैं यदि 50 ओवर को 25-25 ओवर की दो पारियों में खेला जाए तो यह बहुत ही मजेदार और रोमांच से भरा हो सकता हैं। इसी प्रकार टोनी ग्रेग ने भी 2012 में वनडे फॉर्मेट को 4 पारियों में खेल जाने की वकालत की थी। यह सब चिंताएं T 20 के बड़ते हुई पॉपुल र्टी के कारण हैं क्योंकिइस प्रारूप की फैन फॉलोइंग बहुत अधिक हैं। लेकिन क्रिकेट के भविष्य को लेके इससे आगे देखना और बढ़ना होगा।

रविवार, 26 फ़रवरी 2023

ऑस्ट्रेलिया बना ICC T20 महिला वर्ल्डकप चैंपियन

 

दक्षिणी अफ्रीका को फाइनल में 19 रनों से हराया।

साउथ अफ्रीका के केपटाउन में आज मेजबान ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अफ्रीका के बीच फाइनल मैच खेला गया और ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम के अनुरूप 19 रनों से जीत दर्ज की। ICC WC के वन डे प्रारूप में 7 बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने टी20 में भी 6वी बार चैंपियनशिप जीती हैं। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बालेबाज़ी करते हुऐ।बेथ मुनि ने 53 गेंदों में 9 चौके और 1 सिक्स के साथ नाबाद 74 की आतिशी पारी खेली और साउथ अफ्रीका के सामने 157 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी साऊथ अफ्रीका की धीमी शुरुवात का खामियाजा भुक्तना पड़ा। शुरू के 50 रन बनाने के लिए साउथ अफ्रीका की टीम ने 9 ओवर खेले।और अगले कुछ रनों के अंतराल में 3 विकेट खोने के बाद दक्षिणी अफ्रीका संघर्ष करते नजर आई। उनकी सलामी बालेबाज लारा वल्फर्ट ने आउट होने से पहले 48 बॉल में 61 रन की पारी खेली लेकिन अपनी टीम को जीत नही दिला पाई।ऑस्ट्रेलिया की और से 7 महिला खिलाडियों ने किफायती बॉलिंग की उनकी मुख्य बॉलर मेगन शूट,गार्डनर,D ब्राउन ने बहुत कसी हुई गेंदबाजी का प्रदर्शन की जिसके कारण दक्षिणी अफ्रीका मात्र 137/6 रन ही बना पाई। अपने घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतने का साउथ अफ्रीका का सपना चकनाचूर होगया।


शनिवार, 25 फ़रवरी 2023

यूक्रेन युद्ध का एक वर्ष।

रूस यूक्रेन की जंग में दुनिया की हार 



दुनिया  में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे अधिक जानें रूस - यूक्रेन युद्ध में हुई हैं। 24 फरबरी 2022 के अल सुबह जब रूस ने हमला बोला तो किसी ने नहीं सोचा था की ये लड़ाई 21वी सदी में दो पड़ोसी देशों में इतना लंबा पारंपरिक युद्ध चलेगा।

युद्ध का एक साल क्या खोया क्या पाया।

इस युद्ध ने यूक्रेन को ध्वस्त कर दिया हैं। यूक्रेन की बड़ी आबादी को अपने देश से भाग के पड़ोसी देशों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा है। रूस ने इस एक साल में यूक्रेन की करीब 17% जमीन को कब्जा लिया हैं।इसमें इज्यूम,सेवरोडोनेटिक, लुहानक, डोनबस,डोनेट्सक,मरिउपोल, मेलिटोपोल मुख्य शहर हैं जंग रूस की सेना का नियंत्रण हैं। इस जंग में रूस ने 2 लाख सैनिक के मारे जाने व घायल होने की सूचना हैं। वन्ही पे यूक्रेन ने भी 1.50 लाख सैनिक और 30 हजार से अधिक आम लोगो की जाने गई हैं। एक साल के बाद जान्हा पे दोनो देश ही विजेता बने हुए हैं पर इससे मानवता की हार हुई हैं।और IMF के अनुसार इस युद्ध से 1 लाख करोड़ डॉलर के उत्पादन के बराबर नुकसान हुआ है।IMF के अनुसार सबसे अधिक धनी देशों में भी उपभोक्ता किमतो में 7.3% की बढ़ोतरी हुई हैं।जो पूर्वानुमानों से दुगनी के लगभग हैं।जबकि गरीब देशों में ये किमते 9.9% की वृद्धि दर्ज की गई हैं। यूक्रेन की GDP तबाह हो चुकी हैं। जबकि रूस का भारत जैसे देशों से आयात -निर्यात 9 अरब डॉलर से  बढ़कर 35 अरब डॉलर पर पहुंच गया हैं।

शरणार्थी महिलाओं के साथ देह व्यापार का खतरा।

इस युद्ध से जो मानवता का सबसे बड़ा संकट हैं।अपने घर से बेघर होना। इस दर्द को कोई नहीं समझ सकता जिसका आशियाना छूटता हैं वही इसे समझ सकता हैं। करीब 80 लाख लोग यूक्रेन छोड़ कर यूरोपीय देशों में चले गए हैं। इनमे अधिकतर ने पोलैंड में शरण ली हैं।इसके बाद रोमानिया,मोलधोवा,हंगरी, स्लोवाकिया मुख्य देश हैं जिन्होंने इन लोगो को शरण दी हैं। इन शरणार्थियों को संख्या किसी भी देश से पलायन करने वाले देशों में सबसे अधिक हैं। इससे पहले केवल वेनेजुएला से 32.9 लाख और अफगानिस्तान से 25.3 लाख और इराक युद्ध में 24 लाख लोगो ने अन्य मुल्कों में शरण ली थी।। ऐसे समय भुखमरी,रोजगार,कुपोषण के साथ साथ बच्चो की शिक्षा और बुजुर्गो के लिए स्वास्थ सेवाएं। और महिलाओं पे देह व्यापार का खतरा बढ़ता जाता हैं क्योंकि 60 वर्ष से कम उम्र के लोगो को यूक्रेन ने लड़ाई में शामिल होने के कारण जाने पर प्रतिबंध लगा रखा हैं।ऐसे में ये महिलाएं अपने बच्चो,बुजुर्गो के साथ अजनबियो पर भरोसा करने को मजबूर हैं।क्योंकि ऐसे वक्त पे हर देश में मानव तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं।क्योंकि लोग वोलेंट्री के रूप में अपना उलू सीधा कर पाने में सफल होते हैं।

अमेरिका और NATO देश 

बाइडेन की यात्रा से मसला और गर्म हो गया हैं। बाइडेन ने अचानक यूक्रेन पहुंचकर दुनिया को चौंका दिया और यूक्रेन को 500 मिलियन डॉलर की मदद करके व उसी समय जेलेंशकी की चीन को युद्ध से दूर रहने की चेतावनी देके इसे और पेचीदा बना दिया हैं।क्योंकि जेलेंस्की ने कहा हैं कि चीन रूस का साथ देता हैं तो ये विश्वयुद्ध हो जायेगा।


 

NATO जो इस युद्ध का मूल कारण हैं 

क्योंकि यूक्रेन के नाटो के सदस्य बनने की जिद्द के कारण ही। रूस को अपनी संप्रभुता का खतरा लगा और युद्ध छिड़ गया।और अब नाटो के सभी 30 देश खुल कर यूक्रेन का साथ दे रहे हैं। जो विश्व शक्ति रूस को मंजूर नहीं हैं।रूस के राष्ट्रपति ब्लादीर पुतिन ने युद्ध शुरू होने से पहले ही यह साफ कह दिया था की इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। रूस अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हैं। बाइडेन की यात्रा के तुरंत बाद रूस ने अमरीका के साथ परमाणु समझौता भी तोड़ दिया हैं और ये कदम युद्ध को विश्वयुद्ध की और लेजाने वाला साबित हो सकता हैं।

भारत और चीन की शांति की पहल

गुरुवार को संयुक्त महासभा में रूस के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया गया जिसमे रूस तुरंत यूक्रेन से बाहर निकलने के लिए कहा गया । इस प्रस्ताव के पक्ष में 141 वोट पड़े और विरोध में केवल 7 वोट पड़े,32देशों ने इस प्रस्ताव में मतदान नही किया। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति का वक्तव्य  की हम मजबूत हैं और हम युद्ध में रूस को हरा देंगे। ये बताने के लिए काफी हैं की ये युद्ध तीसरे विश्व युद्ध की और बढ़ता नजर आ रहा हैं। भारत ने यूएनओ में इस युद्ध को रोकने के लिए किए गए प्रयासों पर सवाल उठाए ।और नाकामयाबी बातें और चाइना ने शीत युद्ध की मानसिकता से बाहर आके 12 सूत्रीय शांति प्रस्ताव दिया जिसमे कहा गया की हर देश को संपूर्भुता का समान होने की बात कही गई है।शांति के प्रयास की शुरुवात हो, मानवीयता के लिए युद्ध बंधी और शरणार्थियों की सुरक्षा की बात कही गई।एकतरफा प्रतिबंधों को समाप्त करना होगा।अनाज और औद्यौगिक आपूर्ति के लिए एक्सपोर्ट और इंपोर्टेंट को वापस चालू करना होगा। और जो नुकसान इंफ्रास्ट्रक्चर को हुआ हैं उसका पुननिर्माण की योजनाओं को बात भी मुख्य रूस से करनी चाहिए।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शांति के लिए चीन की पहल का स्वागत किया हैं और शांति के लिए वार्ता के लिए तैयार रहने की बात की हैं।भारत शुरू से ही तटस्थ रहते हुए युद्ध को छोड़ शांति के लिए बातचीत का रास्ता ही सबसे सही रास्ता सुझाया।

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2023

IND v/s Aus Women semifinal - भारतीय टीम का सपना फिर अधूरा

 

हरमनप्रीत के रन आउट के साथ ही भारत का सपना चकनाचूर। 

आईसीसी टी20 महिला वर्ल्ड कप 2023 के सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथो मात्र 5 रन से शिकस्त को भारतीय टीम के लिए एक दुस्वपन जैसा होगा। अर्धशतक लगा कर भारत को विश्वकप के फाइनल में ले जाने का सपना संजोए जिस तरह से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत रन आउट हुई। उसने करोड़ों भारतीयों का दिल टूट गया। और फिर भारत का ये सपना अधूरा ही रह गया। लेकिन खेल में जो जज्बा भारतीय टीम ने दिखाया वो कबीले तारीफ योग्य हैं। भारतीय लड़कियां ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के सामने योद्धाओं की तरह से लड़ी।

हाइलाइट्स

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दिया 173 रन का टारगेट
भारत की टीम ने  8 विकेट खोके 167 रन बना पाई और 5 रन से पराजित हो गई।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने ताबड़तोड़ तरीके से मात्र 34 बॉल में 52 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुई। क्रीच के पास जाकर बैट जमीन में फसने के कारण रन आउट होके पवेलियन लौटना पड़ा। और भारतीय टीम की आसान दिखने वाली जीत उसकी हाथ से बालू रेत की तरह खिसक गई।
जबकि भारतीय बैट्समैन जेमिमा रोड्रिग्स ने 24 बाल में 43 रन की पारी खेल मैच को एकतरफा सा बना दिया था।
भारत की और से शिखा पांडे ने 2 विकेट चटकाए और दीप्ति शर्मा और राधा ने 1-1 विकेट लेने में सफलता प्राप्त की।

टॉस जीत ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग की और सलामी बैट्समैन बेथ मुनि ने 37 बॉल में 54 रन की पारी से अच्छी आधारशीला रखी।जबकि कप्तान मेग लेनिंग ने 49 और गार्डनर ने 31 रन बना कर स्कोर को 172 रन तक पहुंचाया। अब ऑस्ट्रेलिया फाइनल में इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।


गुरुवार, 23 फ़रवरी 2023

Icc Women's T20 WC semifinal-Ind v/s Aus Dream 11 and Pitch report in Hindi

करो या मरो का मुकाबला 

   आज भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला T20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका के कैप टाउन में न्यूलैंड्स ग्राउंड पे दोनो टीमें फाइनल में जगह पक्की करने के इरादे से उतरेगी। 5 बार की विश्व चैंपियन कंगारू टीम का रिकॉर्ड भारत के खिलाफ बहुत मजबूत हैं लेकिन भारत की टीम को कमजोर आंकने की भूल ऑस्ट्रेलिया की टीम नही करेगी क्योंकि हाल में महिला U 19 टीम का खिताब भारत ने जीता हैं और टीम की बैटिंग,बॉलिंग और फील्डिंग तीनो ही क्षेत्र में टीम ने शानदार खेल दिखाया हैं।भारत को इस वर्ल्ड कप में एकमात्र हार इंग्लैंड से मिली हैं। इसलिए फाइनल में पहुंचने के लिए ये मुकाबला करो या मरो जैसा होगा।ऑस्ट्रेलिया की टीम T20 में पिछले 22 मैच लगातार जीतते हुऐ सेमीफाइनल में पहुंची हैं।

भारत की संभावित 11 खिलाड़ी

भारत की टीम कप्तान हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में शेफाली वर्मा और स्मृति मांगना की सलामी जोड़ी के साथ मैदान पर होगी। और मिडिल ऑर्डर में यास्तिका भाटिया,जेमिमा रोड्रिक्स,रिचा घोष,हरलीन देओल,दी शर्मा,देविका वैद,राधा यादव और तेज बॉलर रेणुका ठाकुर ,अंजली सरवनी,पूजा वस्त्रकर,राजेश्वरी गायकवाड और शिखा पांडे होंगी।


ऑस्ट्रेलिया का स्क्वॉड

कप्तान मेग मैनिग,एलिसा हिली , डी ब्राउन,ए गार्डनर,के गार्थ,ही ग्राह्म,ग्रेस हैरिस,जोनासेन,एलाना किंग, टी मैकग्रा,बेथ मुनि,ए पैरी,मेगान शट,ए सदरलैंड और जोर्गिया वरेहम के रूप में होगी। प्लेइंग 11 के रूप में दोनो ही टीमों में बदलाव की कम ही संभावना हैं।


पिच का मिजाज


केपटाउन के न्यूलैंडस मैदान पर टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने वालीं टीम को शुरुवाती तौर पे नमी का लाभ मिल सकता हैं। और तेज गेंदबाजों के अनुकूल वातावरण रहेगा।और दोनो टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होने की पूरी पूरी संभावना हैं।

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023

बाइडेन यूक्रेन यात्रा से रूस में हलचल

 क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध का संकेत हैं ?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को यूक्रेन पहुंच कर दुनिया को हैरान कर दिया। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को 24 फरवरी को एक वर्ष पूरा होने ही वाला हैं की बाइडेन की ये अचानक यूक्रेन की यात्रा इस युद्ध में आग में घी का काम करेगी। क्योंकि ये कदम रूस को भड़काने वाला साबित हो सकता हैं।यह कदम इस युद्ध को विश्वयुद्ध की और ले जा सकता हैं। USA राष्ट्रपति जो इस वक्त दुनिया में सबसे ताकतवर देश के मुखिया हैं। हमेशा एयरफोर्स वन की सूरक्षा में सफर करने वाला शख्स ट्रांस अटलांटिक फ्लाइट से पोलैंड पहुंचे जो की उस यूक्रेन का मित्र देश हैं और वहां से 10 घंटे का सफर ट्रेन के द्वारा कीव पहुंचे।कई मौकों पर बाइडेन कह चुके हैं की वो यूक्रेन का साथ नही छोड़ेंगे।

यूक्रेन को अमरीकी मदद

युद्ध के शुरुवात से ही अमरीका यूक्रेन को सहायता देता आया हैं और कल कीव पहुंच कर बाइडेन ने यूक्रेन को और मदद का ऐलान कर दिया। अमरीका अब और अधिक आधुनिक हथियार एंड एयर सर्विलांस रडार यूक्रेन को मुहैया करवाएगा।अमरीका यूक्रेन को 500 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता देगा।। बाइडेन ने ये भी कहा की एक वर्ष पहले पुतिन को लगा की यूक्रेन एक कमजोर देश हैं। और पश्चिमी देश बंटे हुए हैं लेकिन रुसी राष्ट्रपति ब्लादिर पुतिन गलत थे। और वो यूक्रेन को सैन्य,आर्थिक और मानवीय मदद दी हैं और उनका समर्थन बना रहेगा। 

इस दौर से एक बात आयने की भांति साफ हो गई हैं की यूक्रेन ने जो साहस दिखाया था उसके पीछे अमरीकी ताकत थी। पूरी दुनिया जानती हैं की अमरीका की  इकोनॉमी का मुख्य आधार सैन्य साजो सामान का एक्सपोर्ट हैं। और वो कभी भी ऐसे मौके को हाथ से नही जाने देना चाहता हैं इससे पहले भी अमरीका ऐसा कई बार कर चुका हैं जिसमे इराक ईरान की लड़ाई भी शामिल हैं। जो देश संयुक्तराष्ट का मुख्य देश हो जिसका कार्य विश्व में शांति स्थापित करना हो । लेकिन अमरीका स्वयं युद्धो को भड़काने का काम करता हैं। जहां भारत जैसे देश दुनिया में शांति का रास्ता पस्त करने की कोशिश में दिख रहे हैं। और यूरोपियन संघ ने भी G 20 में रूस यूक्रेन युद्ध का हल निकलने की उम्मीद जता रहे हैं।

युद्ध को जड़ NATO (North Atlantic Treaty Organisation)

रूस - यूक्रेन के बीच जंग की मुख्य वजह रही हैं NATO जिसको 1949 में शुरू किया गया था। और अब इसमें 30 देश  सदस्य हैं।NATO का सदस्य होने का मतलब हैं की एक दूसरे की रक्षा करने और गठबंधन के बीच एकजुटता की भावना पैदा करने की बाध्यता करना हैं।यूक्रेन भी NATO में शामिल होना चाहता था। लेकिन ये रूस को उसकी संपूर्भुता के लिए ये खतरा लग रहा था की इससे पश्चिमी देशों की हस्तक्षेप बड़ जायेगी जो 1990 के दशक में रूस का विभाजन हो चुका था। रूस इस तरह की कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता था। रूस को ये लगता था की यदि यूक्रेन NATO का सदस्य बनता है तो उसका शत्रु रूस के द्वार पर बैठने जैसा होगा इसलिए रूस और यूक्रेन के बीच आनें वाले देश मुख्यत अमरीका और ब्रिटेन ने इन्हे आगे बढ़ाने का काम किया। और ये कहना की अब ये युद्ध तीसरे विश्वयुद्ध की और बढ़ता दिख रहा है। और ये अमरीका और रूस का शक्ति प्रदर्शन का एक और जरिया हैं। किसी की भी नजर यूक्रेन को जनता की भावनाओं के साथ नही हैं जो शांति और सद्धभावना के साथ रहना चाहते हैं। ऐसा नहीं हैं की सभी नाटो देश इस मत पर एकजुट हैं।डोनबास में जब रूस ने भीषण हमले किए उस समय अमरीका और यूरोपीय सहयोगी देश और अधिक हथियार देने पर सहमत नही थे। फ्रांस और जर्मनी ने इसका विरोध किया था की इससे युद्ध लंबा खिंचेगा और आर्थिक घाटा भी बढता चला जायेगा।

यूक्रेन युद्ध से सबसे ज्यादा नुकसान किसका 

वैसे देखा जाए तो इस युद्ध में एकतरफ यूक्रेन के साथ अमेरिका सहित यूरोपीय देश लगे हुए हैं और एक तरफ रूस अकेला खड़ा हया हैं और युद्ध एक साल पर भी किसी नतीजे पर पहुंचता नजर नहि आ रहा हैं।रूस किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा हैं। यूक्रेन को रूस की गोला बारूद ने शमशानो में तब्दील कर दिया हैं। शहर खंडर बन चुके हैं।  बड़ी आबादी को गेंहू की आपूर्ति करने वाला देश सब कुछ छोड़ के युद्ध लड़ रहा हैं

 इसका सबसे बड़ा नुकसान पूरी मानवजाति को चुकाना पड़ रहा हैं। दुनिया में एक अराजकता का माहौल बना हुआ हैं और महंगाई बढ़ती जा रही है। तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के मध्य कोई भी बड़ा इन्वेस्टमेंट नही करना चाहता जिससे रोजगार के अवसर भी नही बन पा रहे हैं । 

इस युद्ध से तकरीबन 2 लाख से अधिक सैनिक मारे जा चुके हैं और करीब 1.50 करोड़ यूक्रेनी नागरिक जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और लाखो लोग विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं।इस युद्ध में रूस और यूक्रेन दोनो दे ही एक एक  लाख सैनिकों को खो चुके हैं।।  विश्व में आर्थिक मंडी का खतरा बढ़ता जा रहा हैं। इससे रूस को भी आर्थिक प्रतिबंध का सामना करना पड़ा हैं और 12%से 15%तक अर्थव्यवस्था में मंदी देखी जा रही हैं। 

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दे दी चेतावनी, कहा- अगर चीन

जेलेंसी ने कहा हैं की यदि चीन रूस का साथ देगा तो ये तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकता हैं। इसलिए चीन को यूक्रेन का साथ देना चाहिए या तस्तथ रहना चाहिए ।

पुतिन ने खत्म की परमाणु संधि

पुतिन ने बाइडेन की यात्रा के बाद तथा तत्काल अमरीका के साथ एकमात्र बची संधि   न्यू न्यूक्लियर ट्रीटी को निलंबित करने की घोषणा कर दी हैं।ब्लादिमीर पुतिन ने बाइडेन की यात्रा को बोतल के बाहर जिन्न के आने के जैसा बताया। और आरोप लगाया की इस युद्ध के पीछे पश्चिमी देश ही जिमेदार हैं जिन्होंने यूक्रेनी लोगो पश्चिमी आकाओं के बंधक बन गए हैं। और पश्चिमी देशों ने इनके अर्थव्यवस्था और सेना पे कब्जा कर लिया हैं।बाइडेन ने भी कहा की अब NATO पहले से अधिक संगठित हो चुका हैं। वर्तमान घटनाक्रम रूस यूक्रेन युद्ध को तीसरे विश्व युद्ध की और बढ़ाने का एक कारण साबित हो सकता हैं।

सोमवार, 20 फ़रवरी 2023

ICC U-19 Women World Championship won by India

 

 Indian U-19 Women Cricket Team won the World Cup

 

माहरी छोरि के छोरा सू कम हैं । ये कहावत कुश्ती के मैदान मे सुनने को मिलते हैं पर आज महारी छोरियो ने  इंग्लैंड  को पटखनि  देके ICC  अंडर -19 महिला टी 20 विश्व कप के रोमांचक फाइनल में जीत हासिल की और निर्धारित लक्ष्य मात्र 68 को केवल 14 ओवर मे 3 विकेट खो के विश्वकप अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही भारत 2000,2008,2012,2018 और 2023 की जीत के साथ ही विश्व मे सबसे अधिक 5 बार जितने वाली टीम बन गई है ।

शेफाली वर्मा की कप्तानी

भारतीय दल की कप्तान शैफाली वर्मा के नेतृत्व जितने वाली टीम को भारत के प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने बधाई दी हैं और देश के लिये प्रेरणा देने वाली जीत बताया हैं ।भारत और इंग्लैंड के इस फाइनल मैच के साथ ही दक्षिण अफ्रीका में इस आयोजन के पहले रोमांचक संस्करण का अंत हो गया है विश्व कप ट्रॉफी के साथ अब भारतीय टीम का उसके फैन इन्तजार रहेगा जब भरत की उभरती हुई प्रतिभाओं का  समान होगा।

भारत की बेटियों ने क्रिकेट में इतिहास बनाया


यह क्रिकेट इतिहास में पहला मौका हाँ जब भारत के बेटियों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का ख़िताब जीता है , कई बार भारत की सीनियर टीम के पास मोके आये लेकिन वो इनसे भुना नही पाई और अबकी बार भारत का ये सपना पूरा किया U -१९ टीम ने और वो भी इंग्लैंड को फाइनल में पटखनी देके /साउथ अफ़्रीका की धरती पर भारतीय पुरुष टीम ने पहला टी20 विश्व कप जीता था और उसी धरती पर आज इस युवा सेना ने पहला महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप अपने नाम किया. 

 

रविवार, 19 फ़रवरी 2023

श्रद्धा हत्याकांड और निक्की यादव लव इन रिलेशनशिप

 

श्रद्धा मर्डर के बाद समाज में एक नई बहस शुरू हो गई हैं ।

 श्रद्धा  हत्याकांड और अब निक्की यादव की हत्या , ये लव इन रिलेशनशिप का ट्रेंड बढ़ने के पीछे नई पीढी की सोच क्या है ? जब इस विषय के गर्भ में जानकारी की गई तो एक बात सामने आई की ये कोई नई परिपाटी नही पहले के समय भी ऐसा होता था केवल इसका नाम अलग था उस समय ऐसी संबंधो को रखेल रखना कहा जाता था। जिसको समाजिक व कानुन की कोई मान्यता नही होती थी । जितने दिन मन किया मौज मस्तियाँ की और फिर नया दरवाजा देखो जिसको समाज बड़ी घर्णिय नजरों से देखता था । आज के समय माता पिता द्वारा संचालित आधुनिकता का दोर जँहा इस तरह के रिश्तो को बढ़ावा दिया जाता हैं और आज की पीढ़ी इनका पुर फ़ायदा उठाने की कोशिश करती हैं ।और वो समाज के पतन का एक बड़ा कारण बनता जा रहा हैं ।। इसमे एक पहलू हैं मकान मालिक जो बिना सही पहचान के किराए के लालच मे इनको पनाह देते है । वेलेंटाइन डे जो की आज के समय प्यार का इजहार करने का एक अच्छा ट्रेंड बन गया हैं। समाज में महिलाओं को एक ऊंचा मुकाम हासिल हैं। उन्हें सदियों से मां,बहन,बेटी v देवी के रूप में देखा जाता हैं लेकिन आज के समय क्या ये बदलाव सही हैं या अनुचित लाभ उठाकर श्रद्धा जैसा अंजाम दिया जाता हैं। ये पुरुष प्रधान देश की सोच हैं या वर्ग विशेष की सोच होगई हैं ये सोचने का विषय हो सकता हैं पर ।शादी से पहले किसी अनजान व्यक्ति से कुछ मुलाकातों के बाद अपना बिस्तर शेयर करने को कोई भी उच्चित नहीं ठहरायेगा। और आज शहरो में इस तरह का ट्रेंड बढ़ते जा रहा हैं। 

जॉब व  पढाई  करने वाली लड़कियां 

जॉब व  पढाई करने  वाली लड़कियां हो इस तरह के ट्रेंड को अपनाने में बिलकुल भी नहीं झिझकती और अपनी सोच को मॉडर्न कह के इसका अनुसरण करती हैं और अधिकाश केस में कुछ समय के बाद ठगी महसूस करती हैं। हमने कभी नहीं सुना की लिव इन रिलेशनशिप में किसी लड़के/पुरुष को कोई दिकत का सामना करना पड़ा हो। क्योंकि उनको एक समय की लिए केयर टेकर के रूप में साथी मिल जाता हैं और जब लड़की मैरिज की बात करती हैं तो वो बहाने बनाते रहते हैं और क्या आपको मेरे pe विश्वास नहीं हैं कह कर उस लूटी हुई जिंदगी को कुछ और समय के लिए धकाते रहते हैं और जब लड़की जिद करती हैं तो या तो उसे अलग कर दिया जाता हैं या संपर्क कट कर दिया जाता हैं या श्रद्धा जैसा हस्र कर दिया जाता हैं। इसके लिए आज के चकाचौंद भी जिमेवार हैं


TV सीरियल हो या आज की फिल्म भी कम जिमेदार नहीं हैं

 जिन्होंने अपनी पुर जोर कोशिश से हमारे समाज को गंदा करने का काम किया हैं। इससे पार पाने का एक ही तरीका हैं की इस तरह की परिपाटी पर कानूनन बैन लगाया जाना चाहिए। और हर माता पिता को इस तरह के संबंधों को बिलकुल भी बढ़ावा नहीं देना चाहिए। प्यार करना कोई गुनाह नहीं हैं पर इस तरह से शारीरिक संबंध स्थापित करना । सामाजिक v पारिवारिक जीवन को नष्ट करने का कारण साबित होते हैं जिसके बिना जीवन के रंग अधूरे होते है। इसलिए एक और हमारा देश आर्थिक विकास की और बढ़ रहा हैं उसके लिए सामाजिक ताने बाने को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक हैं ताकि और कोई श्रद्धा कांड ना हो। इसे मनन करने की बड़ी आवश्यकता हैं।

जॉब व पड़ने वाली लड़किया आसान टारगेट

पुरुष प्रधान मानसिकता वाले देश में अमूमन लड़किया और महिला जो जॉब के लिए या पढाई के लिए घर दूर रहती हैं और ये ऐसी मानसिकता वाले लोगो की आसान शिकार होती हैं , निक्की यादव हत्याकांड में कैसे परिवार और रिश्तेदारो ने साजिस करके हत्या को अंजाम दिया ,लेकिन इन सब को ये मौका किसने दिया यह भी सोचने की आवश्यकता हैं , निक्की की बहन जो साथ में रहती थी उसने भी परिवार से उनके विवाह की बात छुपाई और पढाई की ओढ़ में जीवन के एक नए पहलु को चोरी छुपे कर रही थी और घर में माँ  बाप जिनको २ साल से खबर  तक नहीं होने दिया इसलिए इस तरह की वारदात को रोका नहीं जा सकता इसमें विक्टिम को भी सामाजिक ताने बाने को समझना होगा अन्यथा कितने भी कड़े कानून बन जाये इस तरह के अपराधों को विराम देना बहुत मुश्किल 

ऑस्ट्रेलिया चारो खाने चित 2nd टैक्स मैच

दिल्ली टेस्ट मैच में भारत की जीत।



दिल्ली के कोटला ग्राउंड पे आज भारत और ऑस्ट्रिलाया के बीच 2nd टेस्ट मैच का तीसरा ही  दिन था। और भारत के स्पिनर जडेजा 7 विकेट और अश्विन की 3 विकेट और मात्र 113 रन के स्कोर पे कंगारू आराम गृह में पहुंच चुके थे। जिस प्रकार से कंगारुओं ने बैटिंग की उससे उनकी मानसिक तनाव देखा जा सकता था। मैच में सबसे अधिक सुर्खिया बटोरी सर रविंद्र जडेजा ने  जिन्हे प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

रविंद्र जडेजा _मैन ऑफ द मैच 

" मुझे गेंदबाजी में मजा आता हैं और ऐसी पिच पर मुझे बहुत मजा आता हैं । कुछ गेंद टर्न लेती हैं और कुछ नही। मुझे चीजों को सरल रखना पसंद हैं वह रन बनाने की कोशिश कर रहे थे और मैने सोचा था की स्टम्प पर ही गेंदबाजी करता रहूंगा और इसी से मुझे सबसे अधिक फायदा मिला " यह जडेजा ने इंटरव्यू में बताया। वैसे पूरे मैच के हीरो रहे भारत की तिकड़ी जडेजा,अश्विन और अक्षर पटेल जिन्होंने गेंद और बैट दोनो से कंगारू टीम को चित किया। 

ऑस्ट्रेलिया 263 & 113

भारत  ( T-115) 262 &118

परिवारवाद पर लोकतंत्र की जीत - महाराष्ट्र

    उद्धव नही चला पाए तीर धनुष



वर्ष 1966 में मशहूर कार्टूनिस्ट बाला साहेब ठाकरे ने ये कभी नहीं सोचा होगा होगा की उनका वारिश ही एक दिन जनता के सामने कार्टून बन जायेगा। महाराष्ट्र में शिवसेना एक मजबूत राजनैतिक दल के रूप में स्थापित हो चुकी थी। और हिंदू समर्थक नीति के कटर समर्थक रही पार्टी में। संकट के बादल बाल ठाकरे के देहांत के साथ ही मंडराने लगे थे। जब बाल ठाकरे ने पार्टी के कमान राज ठाकरे की बजाय पुत्र मोह में अपरिपक्व उद्धव के हाथो में थमा दी थी। पिछले विधानसभा चुनाव में शिवसेना एंड भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा और उद्धव की मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांक्षा के चलते हुऐ गुट ने भाजपा का दामन छोड़ के कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी के साथ मिलकर महाराष्ट्र  में नित विकास आघाड़ी सरकार का गठन किया। लेकिन समय के साथ कांग्रेस व शरद पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सता में आते ही अपने एजेंडे पर काम करना शुरू किया।।

कंगना राणावत और पाल घर में संतों  की हत्या।

      सरकार के नशे में चूर उद्धव को ये दो घटनाएं जो की उद्धव के पतन का मुख्य कारण बनी। कंगना राणावत के निजी घर को बिना नोटिस के ये कह कर गिरा देना की ये मुंबई प्राधिकरण की बिना अनुमति के बना हैं। की घटना में कंगना ने जो श्राफ दिया था की वो दिन दूर नही जब तेरा घमंड चूर चूर होगा। और वर्ष 2020 में पालघर में मुसलमानो को भीड़ ने दो साधुवो और एक ड्राइवर की पीट पीट कर निर्मम हत्या की गई। और पूरे देश में इसकी निंदा हुई। ये दोनो घटनाओं में उद्धव की हिन्दुत्व की विचार धारा पर उद्धव का मुख्यमंत्री का पद भारी पड़ा और धीरे धीरे उद्धव ने अपने  ही कारकर्ताओ की भावनाओं के खिलाफ काम करना चालू कर दिया और दूरियां बनती गई । और  उद्धव ने अपने बेटे आदित्य ठाकरे को आगे कर कार्यकर्ताओं से मिलना भी कम कर दिया। अंतत्व पार्टी में शिंदे गुट ने विद्रोह कर दिया और भाजपा के समर्थन ने नई सरकार का गठन किया गया जो वर्तमान सरकार के रूप में कार्यरत हैं। यह सचाई हैं। इसलिए लोकतंत्र में परिवारवाद जनता की भावनाओं  ठेस ही नही पहुंचता जबकि लोकतंत्र की नीव को भी कमजोर करता हैं।।

अर्णव गोस्वामी 

जो की न्यूज चैनल के चीफ एडिटर थे और ये चैनल मुखर होकर पूछता है भारत के नाम से सावन करता हैं और अपनी हिन्दुत्व छवि के लिए तेजी से बढ़ रहा हैं ने उद्धव सरकार पे सवाल खड़े करना शुरू किया तो अर्णव गोस्वामी जो हिरासत में लेके जेल में बंद कर दिया गया। जिसे हिन्दुत्व की विचार धारा रखने वाले लोगो को तगड़ा झटका लगा। और इन सब से दुखी होके शिवसैनिको ने बगावत का रास्ता इक्तिहार किया।।
शिवसेना की संपति का अधिकार।पार्टी फंड के रूप में बैंकों में जमा लगभग 148 करोड़ रुपये की फिक्स डिपोजिट (FD) और संपत्ति को इस्तोमाल करने 186 करोड़ की अचल संपत्ति हैं जिसमे उद्धव के घर के नीचे का माला भी बाला साहेब ने शिवसेना के नाम से कर दिया था जिस पे शिवसेना अपना दावा कर सकती हैं व इसके साथ पूरे राज्य में 80 के लगभग पार्टी के ऑफिस हैं जिनपर  अधिकार एकनाथ शिंदे गुट को होगा। 

अमित शाह का बयान।

पिछले आठ महीनों से अपने दिल की आवाज को निकलने का इंतजार कर रहे भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने कल उद्धव का नाम लिए बिना हमला बोला। और कहा की कैसे उन्होंने मोदी की बड़ी फोटो लगाकर महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना सता में आई और उद्धव ने जनता को धोका दिया। ऐसे लोगो से लोकतंत्र को बचाना चाहिए। और उन्होंने इसके लिए एकनाथ सिंधे को बधाई दी और जनता से  आहवान किया की महाराष्ट्र में 100% सीट लोकसभा में उनके गठबंधन को जिताएं और इसके लिए सभी कार्यकर्ता मिलजुल कर काम करे।।

शरद परिवार ने भी उद्धव को नसीयत दी

 की यह चुनाव आयोग का फैसला है। एक बार फैसला हो जाने के बाद कोई चर्चा नहीं हो सकती। इसे स्वीकार करें और नया चुनाव चिह्न लें।'' शरद पवार ने कहा कि पुराने चुनाव चिह्न के चले जाने का कोई बड़ा असर नहीं होने वाला है क्योंकि लोग नए वाले को स्वीकार करेंगे।।

उद्धव गुट इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा हैं। और उसके नजदीकी संजय रावत का अभिमान भी चकना चूर हो चुका हैं और अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि ये केंद्र सरकार के द्वारा एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा हैं।

शनिवार, 18 फ़रवरी 2023

2nd टेस्ट ऑस्ट्रेलिया फिर हुई ढेर।

 कंगारू भारत में फिर फीसडी साबित

    भारत की मेजबानी में पहला टेस्ट मैच में बुरी हार झेल कर मैदान पर उतरी कंगारू टीम लगातार तीसरी बार पहली पारी में 90 ओवर भी नही खेल और 263 रन पर सिमट गई। दिल्ली के कोटला मैदान पर जन्हा कंगारू टीम ने केवल एक तेज गेंदबाज को टीम में जगह दी वन्ही पे मोहम्मद सामी ने 4 विकेट झटक के कंगारू कप्तान को उलझन में डाल दिया।

भारत की और से आर अश्विन और सर जडेजा ने भी 3 -3 विकेट लिए।

पुजारा का 100th टेस्ट मैच।

पुजारा भारत की और से 100 मैच खेलने मैदान पे उतरा। इस मौके पर सुनील गावस्कर ने खास कैप देके पुजारा को सम्मान दिया। और मैदान उतरते समय टीम के साथियों ने भी पुजारा की उपलब्धि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पुजारा भावुक मुद्रा में दर्शकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

अश्विन का कंगारू के खिलाओ 100 विकेट।

 आर अश्विन ने तीन खिलाड़ियों को आउट करके ऑस्ट्रेलिया के खिलाओ अपनी 100 विकेट पूरी की। इससे पहले अनिल कुंबले ने कंगारू टीम के खिलाफ टेस्ट मैच में 111 विकेट लिए थे।

दुनिया का टॉप ऑलराउंडर जडेजा।

     इस समय ICC टेस्ट मैच रैंकिंग में जडेजा दुनिया के नंबर वन ऑलराउंडर हैं। सिर जडेजा टैक्स मैच में इकलौते भारतीय हैं जिन्होंने 2500 रन व 250 विकेट पूरे किए हैं।और इंग्लैंड के इयान बॉथम हैं जिन्होंने 55 मैच में कारनामा किया था।

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2023

एक किसान व चार चोरों की कहानी।

"दुबारा पंगा नहीं लेने की सौगंध"



यह कहानी हैं एक किसान परिवार एवं चार चोरों की। 

एकबार की बात हैं की एक गांव के एक छोर पे एक गरीब किसान परिवार रहता था। ताजा ताजा बारिश हुई थीं और बाकी लोग अपने खेतो में काम करने की तैयारी में लगे हुए थे।यही किसान चारपाई पे बैठा बैठा सोच रहा था। तभी किसान की पत्नी ने देखा की वो चिंता की मुद्रा में हैं। उसने किसान से पूछा की क्या बात हैं,तब किसान ने बताया की फिर हमे किसी से बैल उधार में लेने होंगे खेती के लिए और जिससे भी लेंगे वो पहले अपनी खेती पूरी करेगा और उसके बाद ही कोई सहायता करेगा और हमारी फसल की जुताई में देरी के कारण फिर से पिछले वर्ष की भांति अनाज की पैदावार कम होगी। काश अपने पास अपने बैल होते ।यही सब सोच के परेशान था। किसान पत्नी ने बताया की उसके पास उसके मायके वालों ने जो गहने दिए थे उनको बेच के आप अपने 2 बैल खरीद लो। और जब हमारी फैसले अच्छी होंगी उससे हमे आमदनी होगी और हम फिर से गहने बनवा लेंगे। इस प्रकार से किसान ने 2 हस्टपुष्ट बैल खरीदे। और परिवार में बड़ी खुशी का माहौल होगया। 


    किसान अपनी पत्नी के साथ खेत में जुट गया और खेत को साफ करके हल जोतना शुरू कर दिया।उसकी पत्नी उसे खेत में ही भोजन लेके जाति और खुशी के साथ वो अपने काम में लग गए। एक रोज क्या हुआ की किसान खेत में हल जोत रहा था तभी उसके पड़ोस के खेत से दूसरे किसान ने उसको आवाज दी और कहा की उसकी पत्नी चाय लेके आई हैं इसलिए वो भी थोड़ी चाय पी ले और इस बहाने थोड़ा आराम भी मिल जायेगा और बैल भी थोड़ा आराम कर लेंगे । किसान ने बैलों से हल को अलग करके और चाय पीने चला गया। दोनो पड़ोसी आराम से चाय पीते हुए अपनी बाते करते हुए कब 2 घंटे बीत गए पता ही नही चला। तभी किसान ने कहा की अब उसे जाना चाहिए और अपने काम पे लग जाना चाहिए। जैसे ही किसान अपने खेत में पहुंचा तो देखता हैं की उसके दोनो बैल खेत में नही हैं। किसान ने बैलों को इधर उधर खोजा पर बैल नही मिले। सांय का समय होने को था और भोला भाला किसान बड़े दुखी मन से उदास होकर अपना हल कंधे पर उठाए घर पहुंचा। 


   उसको बिना बैल के देख के उसकी पत्नी ने बैलों के बारे में पूछा तो किसान ने सारी घटना विस्तार से बताई। उसकी पत्नी तुरंत खाना बनाकर किसान व बच्चो को खिलाके उन्हें आराम करने को कहा और खुद ही बैलों को खोजने के लिए चल दी। और खेत से बैलों के पैरो के निशान (खोज) देखते हुऐ बढ़ती रही। बहुत अधिक मील पैदल चलते चलते उसको बहुत रात हो गई। तभी उसने रुकने के लिए एक सराय (पुराने समय की होटल) में पहुंची तो देखती हैं की उसके बैल खूंटे से बंधे हुए हैं और चार चोर रुके हुऐ हैं। चोरों ने उससे पूंछा तो उसने बताया की वो राहगीर हैं इसलिए रात्रि विश्राम के लिए रुकी हैं। आपस में बात करते हुए सबने भोजन की चर्चा की तो किसान की पत्नी के कहा की उसके पास कंगन हैं वो बनिए की दुकान से सामान ले आती हैं और भोजन मिलजुल के बना लेते हैं यह आइडिया चारो चोरों को अच्छा लगा । किसान की पत्नी ने बनिए के पास गई और बताया की उसको राशन चाहिए उसके बदले वो बैल दे देगी। तभी मोल भाव किया तो बनिए ने कहा की दोनो ही बैल उसे दे दे तो अच्छी कीमत देगा। किसान की पत्नी ने तेज आवाज लगाई और चोरों से पूछा की एक बेच दू की दोनो ही बेच दू तभी उन्होंने कहा की दोनो ही बेच दो। उसने दोनो बैलों के पैसे बनिए से लिए और उसमे से कुछ राशन खरीद कर ले आई। और भोजन बनाया और बातचीत करके सभी लोग सो गए। बातचीत में चोरों ने उसे बताया की वो सभी रेलवे लाइन पे बहारामाशी का काम करते हैं और वो अपने गांव से दूर एक बूढ़ी महिला के घर में रहते हैं और उनके पास बहुत धन हैं।। जब सभी गहरी नींद में सो गए तो किसान की पत्नी उठी और दबे पांव अपने घर वापस आ गई।


 जब सुबह चोर जगे तो देखते हैं 

की वो औरत नही हैं तभी वो अपने नित्यकर्म से फ्री होके अपने बैलों को लेकर चलने लगें तभी बनिए ने उन्हें रोका और कहा की वो बैल तो उसने खरीद लिए हैं। रात्रि में उस औरत ने आपसे पूंछा भी था की एक बेचना हैं या दोनो तभी आपने दोनों के लिए कहां था। तभी चोरों को कंगन का माजरा समझ में आ गया । अब चोर अपने आपको एक महिला के हाथों ठगा महसूस कर रहे थे। तभी उन्होंने उससे बदला लेने की ठानी और वो सभी उस गांव की तरफ चल दिए। पर उन्हें किसान के घर का पता नहीं था। इसलिए उन्होंने प्लान किया की उसकी पत्नी पानी लेने को जोहड़ में आएगी तो वो लोग उससे पहचान लेंगे और उसका पीछा करके उसके घर के बारे में पता कर लेंगे और उन्होंने ऐसा ही किया। पर ये करते हुए किसान की पत्नी ने उनको पहचान लिया और समझ गई की ये चोर बदला लेने के लिए आए हैं। चोरों ने रेकी करके रात्रि होने का इंतजार किया और वापस जोहड़ के पास झाड़ियों में आके बैठ गए। इसी बीच किसान की पत्नी अपने गांव के नाई (बार्बर) के पास गई और उससे उस्तरा (सेविंग करने का धारदार औजार) लेके आगाई और खाना खिलाके किसान व बच्चो को सुला दिया और खुद अपने घर की एक खिड़की जिसमे इंसान की मुंडी (सर) अंदर जा सके उसके पास रोशनी करके छिप के बैठ गई। जैसे ही अंधेरा हुआ वो चारों चोर उसके घर के चारों ओर घर में परवेश करने की जगह तलासने लगें तभी उन्हें उस खिड़की के पास रोशनी दिखाई दि और वो उसके पास पहुंच गए। एक चोर जो अधिक सक्रिय था ने अपनी गर्दन उस खिड़की के अंदर की और शेरनी की भांति किसान की पत्नी घात लगाकर कर बैठी थी उसने तुरंत उस्तरे से उसकी नाक को काट दिया। चोर को समझ नही आया। और वो चिलाने लगा की उससे मधुमक्खी ने काट लिया हैं चूंकि वन्हा पे अंधेरा था इसलिए दूसरे चोर ने उसे कमजोर कहा और खुद अपनी गर्दन अंदर झांकने के लिए घुसा दी और उसकी भी नाक को काट दिया और वो भी चिलाया की यन्हा पे तो सच में खतरनाक मधुमक्खियां हैं। तभी तीसरे चोर ने अंदर गर्दन दी और उसकी नाक कटी तो उसनें कहा की ये पीले वाले ततये हैं सब को कमजोर देखते हुए चौथे चोर ने अपनी गर्दन अंदर दी और जैसे ही उसकी नाक कटी वो जोर से चिल्लाया की उसकी नाक कट गई तभी सबने बारी बारी से कहा की उनकी भी नाक कट गई है। सभी दुखी होकर व हार मानके वापस अपने घर चले गए। 

कुछ दिन के अंतराल के बाद


एकदिन किसान की पत्नी ने चूरमा के बड़े बड़े पिण्ड बनाए और उनके अंदर उन चोरों की नाक को डाल दिया। वो उनको ढूंढते हुऐ उनके घर पहुंच गई। और बूढ़ी मां को बताया की वो उनकी बहिन हैं और उनसे मिलने के लिए आई हैं। बूढ़ी मां ने बताया की वो सभी काम पे गए हुऐ हैं। उसने बूढ़ी मां से उनकी रग (to know the detail about that ) ली तो बूढ़ी मां ने सब कुछ बता दिया की वो कितना कमाते है और घर में किधर किधर छुपा रखा हैं। तभी उसने कहा की वो आराम करे और में उनको बुला के ले आती हुं। जाते वक्त किसान की पत्नी ने बूढ़ी मां को वो चूरमे के चार पिण्ड भी दे दिए ताकि उसके भाई वापस आते समय खाते हुए आयेंगे तो उसको बहुत खुशी होगी। और बूढ़ी मां चली गई पीछे से किसान की पत्नी ने सारा धन इकट्ठा किया,और वहां से तुरंत रवाना हो गई। जब बूढ़ी मां ने जाके उनको बहन के आने की जानकारी दी तो आश्चर्य में पड़ गए,क्योंकि उनकी कोई बहन थी ही नहीं। वो अपनी बूढ़ी मां के साथ अपने घर की और बढ़ने लगे तभी मां ने उनको लड्डू (चूरमे के पिण्ड) खाने को दिए और वो उसका स्वाद लेते हुए चल रहे थे तभी एक के पिण्ड में वो कटी हुई नाक मिली और सबने देखा की वो सबके पिण्ड में थी वो समझ चुके थे। वो तुरंत घर पहुंचकर देखते हैं,की उनका छुपाया गया सारा धन गायब था। वो सभी दौड़ते हुऐ उसके पीछे चले दिए। चलते चलते रात्रि हो गई और जंगल भी आगया था। 


   इसलिए उन्होंने सोचा की उन्हे यन्ही पे रुक के आराम करना चाहिए। और एक बड़े बरगद के नीचे एक महात्मा का धुना था उसी जगह आराम करने लगे। क्योंकि जंगल में जानवर थे इसलिए 3 लोग सोएंगे और एक चोर जानवरों का ध्यान रखने के लिए जागता रहेगा ,ऐसा सभी बारी बारी से करेंगे। मध्यवरात्री में एक चोर जो जगा हुआ था उसने देखा की बरगद के पेड़ पर कोई महिला दिख रही हैं तो उसने उससे पूछा की आप कोन हो तो महिला ने बताया की आसमान से पटकी और पेड़ पे अटकी एक दुखियारी हैं और इस संसार में उसका कोई भी नही हैं। यह बात सुन कर चोर के मन में दया का भाव जगा और उसने उसे विवाह का प्रस्ताव दिया जिसे उसने स्वीकार कर लिया तभी चोर ने कहा की आप नीचे आजाओ लेकिन महिला ने उसे ऊपर आने के लिए आग्रह किया । और वो चोर अपने साथियों को सोए हुए छोड़ के बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। और कहा की हम यान्हा पर शादी कैसे करेंगे तभी किसान की पत्नी ने कहा की हम एक दूसरे की जीभ से होठों को किश करेगें और प्रेम के पवित्र बंधन में बंध जाएंगे। तभी किसान की पत्नी ने पहले जीभ निकाली और उसके होठों को किश किया। फिर चोर को भी ऐसा करनें को कहा तो चोर ने जीभ बाहर निकाली की उसने उस्तरे से उसकी जीभ को काट दिया अब क्या था ।चोर अपना संतुलन खो कर नीचे महात्मा के धुने (राख) में आके गिरा। अंधेरे के कारण सभी चोर डर के मारे भागने लगे उनके पीछे जीभ कटने के कारण तुतलाता हुए चोर दौड़ रहा था रु -रु -रु -को -को-रुको रुको पर वो डर के मारे दौडे जा रहे थे। पूरी रात वो एक उन तीनो के पीछे दौड़ता रहा । जब सुबह हुई तो उनमें से एक ने पीछे मुड़ के देखा तो उनका साथी ही पीछे दौड़ रहा था । महात्मा के धुने में गिरने के कारण वो राख से पहचान में भी नही आ रहा था। इस प्रकार से चोरों ने अपनी जिंदगी का कमाया हुआ धन व नाक खोने के बाद जिंदगी में दुबारा कभी चोरी नही करने की सौगंध ली । और अपने अपने रास्ते चलते बने। इस प्रकार से किसान की पत्नी ने चोरों को सबक सिखाया और फिर खुशी खुशी रहने लगे। ।। Read More......

बुधवार, 15 फ़रवरी 2023

मोदी के अलोकतांत्रिक वित्तीय निर्णय।

भारत ने खरीदे 470 विमान।


 इस समय मोदी सरकार का लोकप्रियता का ग्राफ भले ही ऊंचा हैं। मोदी द्वारा किए जा रहें कार्यों को निश्चित जनता द्वारा व दुनिया में सहराना मिल रही है। और देश में भाजपा का विस्तार हो रहा हैं। और मोदी के 9 साल का किया गया कार्य भी जनता के हित में रहे हैं तभी 2019 में मोदी सरकार सता में वापसी कर पाई। लेकिन जैसा की भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं और आज भी  

भारत 65% आबादी गांवों में निवास करती है।

  इसलिए वित्तीय रूप से देखा जाए और केंद्र सरकार का बजट को हम अध्यन करते हैं तो लगता हैं की बहुत कुछ देश में अलोकतांत्रिक वित्तीय निर्णय हो रहे हैं। इनसे कभी भी अमीर गरीब की खाई को भरा नहीं जा सकता। भारत जिसमे 37%आबादी आज भी गरीबी रेखा के नीचे जीने को विवश हैं और गरीबी रेखा से मतलब की उस परिवार का महीने का कुल खर्च 3860 रूपये से नीचे रहता हैं। इससे ऊपर को सरकार गरीबी रेखा में नही मानती हैं। ये वो लोग हैं जिनको खाना मुफ्त चाहिए,शिक्षा व स्वास्थ मुफ्त चाहिए साथ में घर भी मुफ्त चाहिए क्योंकि इनके पास वो आधारभूत ढांचा आज भी नही हैं जिससे ये लोग इससे अधिक अर्थ उपार्जन कर पाए। ये वो लोग हैं जिनकी मेहनत से देश चलता हैं। किसान वर्ग जो अनाज ,सब्जी,दूध सब देश को उपलब्ध कराता हैं। किसी भी शहर का उद्योग में काम करने वाले लोग जो पेपर उद्योग,कृषि उद्योग,रियल स्टेट,सीमेंट उद्योग, चमड़ा उद्योग,कपड़ा उद्योग,माइंस उद्योग, ऑटोमोबाइल्स उद्योग जैसे क्षेत्र में अपनी सेवाएं देते हैं ।जिनमे सबसे अधिक प्रदूषण होता हैं और सबसे अधिक खामियाजा इन्ही को चुकाना होता हैं अपने स्वास्थ के रूप में। क्या बजट में सरकारें इनको देख के नीतियां बनाती हैं। हमे लगेगा की हां सरकारें ऐसा करती हैं। जैसे 80 करोड़ लोगो को फ्री अनाज जबकि गरीबी की रेखा से नीचे केवल 37% लोग ही हैं बाकी को सरकार वोट बैंक के तौर पे सुरक्षित रखना चाहती हैं। भारत जैसे देश में कल हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री का अमरीका व फ्रेंच के साथ दुनिया का सबसे बड़ा विमानन सौदा किया गया जिसमे एयरबस जो की फ्रांस की कम्पनी हैं से 250 विमान और बोइंग से 220 विमान जो की अमरीका की कम्पनी हैं। इसके लिए 70 अरब डॉलर यानी की 5.80 लाख करोड़ रूपये की डील साइन की गए। और ये डील वीडियो कॉन्फ्रेशिंग के जरिए PM मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रो एंड टाटा समूह के डायरेक्टर रत्न टाटा की मौजूदगी में हुआ। और ब्रिटिश के पीएम ऋषि सनक ने भी बहुत खुशी जाहिर की क्योंकि फ्रांस में एयरबस को इंजन की आपूर्ति ब्रिटेन करता हैं इसलिए एक लाख करोड़ का निवेश उनको भी मिलेगा। और अमरीका भी खुश क्योंकि MOTI  कमाई हुई हैं और बाद में इनको सर्विस भी देनी होगी।

देश में 1% लोग हवाई यात्रा करते हो उस देश से इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट इस दिशा में सही हैं शायद भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इसे कोई भी न्यायोचित नहीं मानेगा। भारत में सड़को की चौड़ाई व सुंदरता पे बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा खर्च किया जाता हैं /

केवल 7% भारतीय लोग कार रखते हैं 

 और तकरीबन 50% लोगो के टू व्हीलर उपलब्ध हैं।और ये सारा इन्वेस्टमेंट को धरातल पर उतारने वाले लोग ही अमीर हैं। इसलिए विपक्ष मोदी अडानी को लेकर बार बार आरोप लगा रहा हैं।  कोई भी ये नही कह रहा हैं की घोटाला हुआ हैं सवाल ये हैं की क्या भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में किसी एक व्यक्ति के ऊपर इतना जोखिम लेना न्यायओचित हैं शायद नहीं। क्योंकि ऐसा नहीं हैं की भारत में और लोगों की कमी हैं इसलिए विपक्ष के आरोपों को नजरंदाज करना देश के गरीबी को और गरीबी में लेकर जा सकता हैं। बुलेट ट्रेन की नीव रखी तो भारत के पीएम मोदी जी ने कहा था की हमे विश्व प्रतिस्पर्धा  में आगे आने के लिए निर्णय करने होंगे। और एक बहुत बड़ी धनराशि से अहमदाबाद से मुंबई के लिए बुलेट ट्रेन के लिए आवंटित कर दी गई। अब हमे देखना होगा की भारत के कितने लोगो को इसका सौभाग्य इस जीवन में मिलेगा।।। 

गरीबों का ट्रांसपोर्ट हैं बस और ट्रेन 

और पूरे भारत में सरकारी बसों में  कमी होते जा रही हैं और ट्रेंस में जनरल डिब्बे आज भी 2 से 4 ही होते हैं जिनमें पशुओं की भांति लोग ट्रैवल करनें को मजबूर हैं।। इस देश में लोग खरबों रुपया अपने घर पर खर्च करते हैं जबकि रूपये से कई गांवों की काया पलट सकती हैं और गांवों में रोजगार पैदा हो सकते हैं और भारत फिर से सोने की चिड़िया बन सकता हैं। इसलिए सरकारों को भारत जैसे देश में 5% लोगो को ध्यान में रखते हुए नीति नहीं बनानी चाहिए। और गरीब अमीर की खाई को भरने की कोशिश करनी चाहिए। और विपक्ष को भी अपनी आवाज को सही तरह से उठाना चाहिए। अन्यथा इन अलोकत्रांत्रिक वित्तीय निर्णयों से केवल चंद लोगो को ही फायदा होगा और देश के एक बड़े तपके में असंतोष का भाव पैदा होगा जो। मानव जाति के लिए सही साबित नही होगा।इसलिए सरकारों को चाहिए की लोगो को शिक्षा, स्वास्थ के साथ अच्छे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाले निर्णय ले।

हर जज्बात को जुबान नहीं मिलती

  Smile is Important

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2023

महिला IPL की नीलामी

ऑलराउंडर रहे पहली पसंद।



 महिला इंडियन प्रीमियम लीग के पहले सीजन के लिए 409 में से केवल 87 खिलाड़ी को ही खरीदार मिल पाए। और इस दौरान देशी व विदेशी खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजी ने खुले दिल से बोली लगाई। T20 क्रिकेट प्रारूप में ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भारी मांग रहती हैं। 5 टीमों के लिए लगी बोली ।
 दिल्ली कैपिटल दिल्ली की टीम ने युवा खिलाड़ियों को तबजो दी ताकि भविष्य की अच्छी टीम बनाई जा सके। इसलिए पाकिस्तान के खिलाफ हाफ सेंटर लगाने वाली भारत की जमींमा रोड्रिग्ज पर 2.20 करोड़ खर्चे और अंडर -19 में विश्व चैम्पियन बनाने वाली कप्तान शेफाली वर्मा पर भी 2.00 करोड़ रुपए खर्च किए। 
मुंबई इंडियंस ने भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ,पूजा वस्त्रकार, यस्तीका भाटिया सहित स्मार्ट खरीददारी की। मुंबई की मालकिन नीता अंबानी व टीम मेंटर झूलन गोस्वामी के साथ मुख्य कोच चार्लोट एडवर्ड्स के नेतृत्व में एक दमदार टीम साबित हो सकती हैं। 
 गुजरात जॉइंट्स ने एशले गार्डनर वी बेथ मुनि सहित मेघना व स्नेहा राणा हेमलता कंवर,मोनिका को अपनी टीम में जगह दी। आरसीबी ने भारत की प्रतिभावान खिलाड़ी स्मृति मंघाना ,रेणुका सिंह वी ऋचा घोष सहित सोफी डिवाइन,एलिसे पेरी को अपनी टीम में जगह व रेणुका को 1.50 करोड़ की बोली लगी। हिमाचल की इस प्लेयर पर जब बोली लग रही थी उस समय साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम में जश्म मना रही थी। भारत की पूर्व कप्तान मिताली ने महिला IPL के पहले संस्करण पर खुशी जाहिर की और कहा की अब कोई भी महिला खिलाड़ी मौका नहीं मिलने के कारण क्रिकेट छोड़ने का इरादा नहीं करेगी। प्रत्येक टीम के पास 12 करोड़ रूपये की राशि थी नीलामी के लिए ।
यूपी वारियर  ने डिप्टी शर्मा एक्सलेस्टोन एंड तलीहा मगरोह को वरीयता दी।
इसलिए 5 टीमों ने कुल 59 करोड़ 50 लाख में 87 खिलाड़ियों को खरीदा जो खेल का हिस्सा बनेंगे।

बीबीसी को मिला विपक्ष का सहारा

बीबीसी की टैक्स चोरी पर छापेमारी




BBC पर इंटरनेशनल टैक्स में गड़बड़ी को लेकर आज दिल्ली और मुंबई में इनकम टैक्स विभाग की रेड हुई हैं। क्योंकि टैक्स में गड़बड़ी के जवाब में ITD ने BBC को नोटिस दिया हुए था और जिसका संतुष्ट पूर्ण कोई जवाब नही मिलने के कारण डिपार्टमेंट को छापा मारना पड़ा।।


जिसमे केवल अकाउंट्स डिटेल को खंगाला गया। रेड में और किसी भी तरह की और कोई तहकीकात नही की गई।

कांग्रेस के जयराम रमेश ने इसे देश में अघोषित आपातकाल करारा दिया और दिग्विजयसिंह ने इसे  मोदी डॉक्यूमेंट्री के कारण इसे बदले की कार्रवाई बताया । ।

सोशल मीडिया पे जिस तरह से कांग्रेस एक्टिवेट होती हैं ये जनता को समझ आने लगा हैं।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने BBC को विश्व का एक विश्वनीय मीडिया हाउस बताया। लेकिन गहलोत जी शायद ये भूल गए हैं की उनके ही 40 सांसदो ने एक समय BBC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।


लगे हाथ  आम आदमी पार्टी ने इसे वैचारिक आपक्तकाल करार दिया।और कहा की इससे भारत के लोकतांत्रिक  की इमेज को विश्वपटल पर झटका लगेगा। यह सही हैं की इस समय।विपक्ष के पास मोदी को कोई जवाब नही हैं और वो कोई मौका नहीं खोना चाहते एन केन परकारेंन वो।मोदी की छवि को धूमिल कर इसका फायदा उठाना चाहते हैं। इसलिए पूरा विपक्ष मोदी अदानी को छोड़ के तुरंत बीबीसीए वाला नेरटीव फिट करने में लग जाता है।

 

संजय रावत ने आरोप लगाया की भारत लोकतांत्रिक छवि खो रहा है। उदव ठाकरे ने आरोप लगाया की मोदी सरकार आवाज को रोंधने की कोशिश कर रही हैं। मौका मिलते ही अखिलेश भी TV पर आकर इसको देश में वैचारिक इमर्जेंसी करार दिया। एक बात साफ हैं भारत में कांग्रेस ही नही जितनी भी परिवारिक राजनीतिक पार्टी भी अपनी जमीन बचाने की कोशिश में लगी हैं। इस मुद्दे को लेकर भी बीजेपी ने विपक्ष को पुर जोर जवाब दिया। और अमित शाह ने कहा की विपक्ष आज से नही 2002 से मोदी के पीछे लगे हुए हैं लेकिन मोदी जनता के विश्वास पे उतने ही निखरते आ रहे हैं। लेकिन मोदी एंड टीम किसी भी हालत में बैकफुट पे नही दिख रही हैं और आज मोदी अदानी के एपिसोड के बाद आज भारत व फ्रांस के मुखिया भारत के उद्योग पति रत्न टाटा की मौजूदगी में 250 विमान खरीदने के सौदे को फाइनल किया और पूरी दुनिया में विमान प्राधिकरण इतिहास की सबसे बड़ी डील को अंजाम दिया। और ये साफ कर दिया की ये मोदी हैं विपक्ष कुछ भी करता रहे ये मोदी हैं इस रोक पाना वर्तमान विपक्ष के बूते के बाहर हैं। राहुल हो, ममता दीदी हो, नीतीश कुमार, केजरीवाल हो, ओवेशी हो या शरद पवार हो ,अखिलेश हो तेजस यादव हो सब अपने वजूद को बचाने के लिए मुस्लिम वोटर्स को हतियाने के लिए कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं तभी आज उदय ठाकरे मुस्लिम धर्मगुरु से मिलने पहुंचे जिसके कार्यक्रम में 2 दिन पहले मोदी शामिल हुए थे।। पर अभी भी मोदी विश्वपटल  व भारतीय लोगो की पहली पसंद बने हुए हैं उनकी लोकप्रियता का कारण मोदी का देश के लगातार किए जाने वाले प्रयास हैं जो देश को नई दिशा दे रहे हैं और  उसके कार्य को जनता देख पा  रही हैं। इसलिए 2024 के चुनावो से पहले अभी बहुत सी पिक्चर हैं जो जनता को देखनी हैं।</

बकरी व चील की कहानी

 "सहायता करना गलत नहीं पर चुनाव सही होना जरूरी हैं अन्यथा अपने ही पर कुतरावा दोगे"

एक बार एक जंगल में एक शेर अपने परिवार के साथ  रहता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी के साथ 2 बच्चे भी थे। एक बार क्या हुआ की शेर व परिवार को भोजन किए 2 से 3 डिंबका समय बीत गया इसलिए शेर ने शेरनी से कहा की आज तो शिकार करने के लिए चलना होगा। और वो अपनी गुफा में दोनो बच्चो को छोड़ के शिकार के लिए दूर निकल गए। क्योंकि बच्चे को बहुत भूख लगीं हुई थी इसलिए वो गुफा के बाहर शेर व शेरनी का इंतजार कर रहे थे तभी उधर से एक बकरी गुजर रही थी। बकरी ने देखा की शेर के बच्चे भूख के मारे तड़प रहे थे इसलिए उसे दया आई और उसने दोनो बच्चो को अपना दूध पिलाया। कुछ देर बाद दोनो बच्चे शांत होगए और आपस में खेलने लगे। बकरी ने भी देखा की अब इनकी भूख शांत होगई हैं इसलिए उसे अपने मार्ग पे आगे बढ़ना चाहिए उसी समय शेर और शेरनी दोनो वापस लोट रहे थे । और आज भी उन्हें कोई शिकार नहीं मिला था। इसलिए शेर बकरी को देख के खुश होगया और उसकी और तेजी से दौड़ा। तभी दोनो बच्चे शेर और बकरी के बीच में आगए और उन्होंने शेर को बताया की कैसे बकरी ने उनकी भूख मिटाकर सहायता की हैं। इससे शेर और शेरनी बहुत खुश हुए और शेर ने बकरी को धन्यवाद दिया और उसकी सहायता के लिए उसे जंगल में कभी भी विचरण करने की आजादी दे दी। अब क्या था बकरी बहुत खुश हो गई और अब उसे जंगलबके शेर से डरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। और अब बकरी कभी बच साथ और कभी सोए हुए शेर के बदन पर चढ़ती और उतरती। ये सब जंगल के बाकी जानवर भी देख रहे थे और अचंभित थे। और ये बात जंगल में आग की तरह फैल गई। सभी जानवरों को पता लगा की सहायता करने का फल कितना अच्छा व मीठा होता है उसी जंगल में एक चील भी रहती थी उसने भी ये बात सुनी और निश्चित किया की जब कभी भी उसको मौका मिलेगा तो वो भी सहायता करेगी। और एक दिन ऐसा समय आया की चील भोजन के लिए इधर उधर उड़ रही थी। उसने देखा की एक चूहा अपने परिवार के साथ एक दलदल में फंसा हुए हैं और बचने के लिए कोशिश कर रहा था लेकिन वो निकल नही पा रहें थे तभी चील ने सोचा की मौका भुनाने का यहीं सही समय हैं। और उनकी सहायता के लिए पहुंच गई। और उनको बारी बारी से सभी चूहों को दलदल से निकाल कर एक सुखी जगह पर रखा। तभी उसने देखा की चूहे ठंड के मारे तड़प रहे हैं। इसलिए उसने अपने पंख उनके ऊपर फैला कर बैठ गई। ताकि उनको गर्म करके आराम दे सके। और घंटे भर के बाद चील ने सोचा की अब चूहे आराम की स्थिति में आगए हैं इसलिए उसे अब चलना  चाहिए। जैसे ही चील ने उड़ने के लिए कोशिश की तो देखा की वो उड़ नहीं पा रहीं रही है। तभी उसने देखा की चूहों उसके पर कतर दिए हैं। इससे चील बहुत दुखी हुई और वो बकरी के पास गई और आपबीती सुनाई। तभी बकरी ने उसे बताया की सहायता करना गलत नही हैं पर आप जिसकी सहायता कर रहे हो वो उसकी वैल्यू करने में सक्षम हैं या नहीं यह जरूर आंकना चाहिए।।


"इसलिए सहायता करना गलत नहीं हैं पर जिसकी आप सहायता  कर रहे हो कभी वो चूहा तो नही हैं ये जरूर जांच ले अन्यथा कब आपके पंख कुतर देगा आपको पता भी नही चलेगा " Read More....

चुंबकयुक्त उत्पादों के प्रयोग मात्र से गहन बीमारीयां छुमंतर

केवल सोने पानी पीने और हाथ की कलाई पर मैग्नेटिक ब्रासलेट पहनने से रोगों से चमत्कारी मुक्ति की सचाई             चुम्बकीय चिकित्सा हर आयु के न...