गुरुवार, 25 अप्रैल 2024

चुंबकयुक्त उत्पादों के प्रयोग मात्र से गहन बीमारीयां छुमंतर


केवल सोने पानी पीने और हाथ की कलाई पर मैग्नेटिक ब्रासलेट पहनने से रोगों से चमत्कारी मुक्ति की सचाई 
Magnetic Products

         चुम्बकीय चिकित्सा हर आयु के नर-नारियों के लिए गुणकारी है। आज के समय में चुम्बकों के माध्यम से इलाज इतना सीधा-सादा है कि यह किसी भी समय, किसी भी स्थान पर और शरीर के किसी भी अंग पर आजमाया जा सकता है। पुरुष हो या स्त्री, जवान हो या बूढ़ा, सभी इससे लाभान्वित हो सकते हैं। 

             क्योंकि आधुनिकता के समय में चुम्बक से बने हुए मेट्रेस ,ब्लड प्रेशर का सही बनाये रखने के लिए रिस्ट बैंड ,नैक बैंड ,वाटर बॉटल कवर ,कार सीट कवर इत्यादि उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं।  इनमें उपस्थित चुम्बक के प्रभाव से  रक्तसंचार सुधरता है कुछ समय तक चुम्बक लगातार शरीर के संपर्क में रहे तो शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है, उसकी सारी क्रियाएँ सुधर जाती हैं और रक्तसंचार बढ़ जाता है। इस कारण सारे शरीर को शक्ति मिलती है, रोग दूर होने में सहायता मिलती है, थकावट और दुर्बलता दूर होती है, जिससे रोगी शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करता है और शरीर के प्रत्येक अंग की पीड़ा और सूजन भी दूर हो जाती है। कुछ मामलों में लाभ बड़ी तेजी से यह पद्धति इतनी शक्तिशाली है और इसका प्रभाव इतनी तेजी से पड़ता है कि कई बार एक ही बार में चुम्बकयुक्त उत्पाद काम में लेने से रोग को सदा के लिए समाप्त करने के लिए काफी होता है। कई मामलों में इसके नियमित काम में लेने की आवश्यकता ही नहीं  पड़ती । जैसे कि दाँत की पीड़ा और मोच आदि में। पहले से तैयारी जरूरी नहीं एक ही चुम्बक का अनेक व्यक्ति उपयोग कर सकते हैं।  इसकी लत नहीं पड़ती चुम्बक के उपचार की आदत नहीं पड़ती और उसका उपयोग अचानक बंद कर दिया जाए तो भी कोई मुश्किल खड़ी नहीं होती। 

             चुम्बक शरीर से पीड़ा को खींच लेता है प्रत्येक रोग में कोई न कोई पीड़ा अवश्य होती है। पीड़ा चाहे किसी कारण से हो, चुम्बक में उसे घटाने, बल्कि समाप्त तक करने का गुण है। उसकी सहायता से शरीर की सारी क्रियाएं सामान्य हो जाती हैं। इसी कारण सभी रोगों पर चुम्बकों का प्रभाव पड़ता है, पीड़ा दूर हो जाती है और शरीर की क्रियाओं के विकार ठीक हो जाते हैं।


2014 में किए गए एक अन्य अध्ययन से पता चला कि चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में आने वाले शुक्राणु अधिक टिकाऊ होते हैं। 

FAQs - नियोडिमियम मैग्नेट का मानव जीवन में चिकित्सा में कैसे काम आता हैं ? 

        इस समीक्षा में दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों के इतिहास, परिभाषा और गुणों को संक्षेप में समझाया गया। इसके अतिरिक्त, अब तक किए गए अध्ययनों से मोटे तौर पर जांचे गए परिणामों के आधार पर, हमने निष्कर्ष निकाला कि शरीर प्रणालियों, ऊतकों, अंगों, रोगों और उपचारों पर चुंबक, विशेष रूप से नियोडिमियम चुंबक का प्रभाव पड़ता है।

पुरुष हो या स्त्री, जवान हो या बूढ़ा, सभी इससे लाभान्वित हो सकते हैं। चुम्बकत्व से रक्तसंचार सुधरता है कुछ समय तक चुम्बक लगातार शरीर के संपर्क में रहे तो शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है, उसकी सारी क्रियाएँ सुधर जाती हैं और रक्तसंचार बढ़ जाता है।


नियोडिमियम मैग्नेट हर 100 वर्षों में केवल अपना लगभग 5% चुंबकत्व शक्ति  खो देते हैं 


FAQs -मैग्नेट दर्द को दूर करने के लिए कैसे काम करते हैं?

       एक अन्य सिद्धांत से पता चलता है कि चुंबकीय क्षेत्र त्वचा और चमड़े के नीचे और मांसपेशियों के ऊतकों के माध्यम से रक्त के प्रवाह में वृद्धि को बढ़ावा देता है , जिससे दर्द कम हो जाता है।


FAQs -क्या मैग्नेट दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है?

          अधिकांश समय नहीं. सावधानी से संभालने पर एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र मानव शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है । ब्रिटिश प्री-स्टैंडर्ड संख्या 50166-1 के अनुसार, यदि चुंबकीय क्षेत्र का स्तर 3000 गॉस से नीचे है [1] तो दैनिक सफाई और रखरखाव में मानव शरीर के लिए कोई स्वास्थ्य जोखिम नहीं है।


Important -निओडिमियम चुम्बक बाजार में उपलब्ध चुम्बकों में सबसे शक्तिशाली चुम्बक हैं।

बुधवार, 24 अप्रैल 2024

रोगों का दुश्मन है आक का पौधा, दर्द से तुरंत दिलाता है राहत, पाइल्स समेत कई रोगों में भी रामबाण हैं इसकी जड़े ।

बवासीर/पाइल्स का रामबाण हैं आँकड़ा /आक/मदार

औषधीय गुणों से भरा पौधा है आक

  आयुर्वेदिक में आक के पौधे को मदार भी बोला जाता है बहुत से क्षेत्र में इसे आँकड़ा के नाम से भी पुकारा जाता हैं।

        यह एक ऐसा पौधा है, जो बंजर भूमि पर अपने आप से उग आता है. इस पर सफेद और बैंगनी कलर के फूल आते हैं और यह अनेक औषधीय गुणों से भरा पौधा है.वैसे तो धरती पर सभी पेड़ पौधे गुणों का खजाना होते हैं.ऐसा ही एक है आक के पौधे हल्के फूल के साथ बीज हवा से बंजर भूमि पर अपने एक स्थान से अन्य स्थानों पर हवा के साथ चले जाते हैं और अपने आप उग आता है. 

         यह पौधा औषधि गुणों से भरा होता है. इसका दूध, पत्ती, जड़ प्रत्येक भाग औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इसके इस्तेमाल से शरीर की अनेको बीमारियों में फायदा होता है. इसके सेवन से किसी भी प्रकार के दर्द में राहत मिलती है. सिर दर्द, कान दर्द और बवासीर में यह तेजी से राहत पहुंचाता है. 

        अगर इसका प्रयोग नियमित रूप से किया जाए तो यह शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करताहै.और यह एक ऐसा औषधीय गुणों से भरा पौधा है, जिसके फूल, पत्ती, जड़ अलग- अलग बीमारियों में काम आते हैं. यह सिर दर्द और कान दर्द को तेजी से ठीक करने मे है. इसके इस्तेमाल से व्यक्ति अपने आप को स्वस्थ रख सकता है. बस इसका इस्तेमाल करते वक्त डॉक्टर द्वारा बताई गई सावधानियां बरतनी होती हैं.   

         आयुर्वेद में आक जिसमे एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक, एंटी फंगल, एंटी डाइसेंट्रिक, एंटी सिफिलिटिक और एंटी रूमेटिक तत्व पाए जाते हैं. इसके पत्ते का इस्तेमाल तेल के साथ करने से सूजन को कम किया जा सकता है. इसके फूलों के इस्तेमाल से दर्जनों बीमारियों में तुरंत राहत मिलती है और इसकी जड़ का इस्तेमाल बवासीर जैसी गंभीर बीमारी को ठीक करने के लिए किया जाता है. 

        इसके इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी होती है.   

      आक की शाखाओं में दूध निकलता है । वह दूध विष का काम देता है । आक गर्मी के दिनों में रेतिली बंजर भूमि पर होता है । आक के पौधे शुष्क प्रकृति के होते हैं । इस वनस्पति के विषय में साधारण समाज में यह भ्रान्ति फैली हुई है कि आक का पौधा विषैला होता है, यह मनुष्य को मार डालता है । इसमें किंचित सत्य जरूर है क्योंकि आयुर्वेद संहिताओं में भी इसकी गणना उपविषों में की गई है । यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में कर लिया जाये तो, उल्दी दस्त होकर मनुष्य की मृत्यु हो सकती है । इसके विपरीत यदि आक का सेवन उचित मात्रा में, योग्य तरीके से, चतुर वैद्य की निगरानी में किया जाये तो अनेक रोगों में इससे बड़ा लाभ होता है ।   

      चिकित्सा में उपयोग चिकत्सक की देख रेख में करें। 

ASK -आक के पौधे के नकारात्मक प्रभाव क्या होते हैं? 

ANS -आक का दूध यदि आंख में चला जाए तो आंख की रोशनी भी जा सकती है । अतः प्रयोग करते समय अपनी आंखों को बचा के रखे । ।  आक का पौधा बहुत ही विषैला होता है. इसको सूंघने मात्र से आप बेहोश हो सकते हैं. इसका सबसे ज़हरीला हिस्सा होता है जड़. हालांकि इसके पत्तों में भी जहर पाया जाताहै.नाज़ुक हिस्सो को बचा के रखे.   इसलिए बिना चिकित्सक की सलाह के इसका सेवन ना करें ।    

Disclaimer- इस खबर में दी गई दवा/ औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. यह ब्लॉग का लेख किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

जयपुर गुलमोहर गार्डन मे कार्पेंटर की धोखाधड़ी।

 पढ़े लिखे लोग भी बन रहे हैं ठगी का शिकार  

Gulmohar Garden Jaipur
           

           जयपुर मे आशियाना बिल्डर की सोसाइटी गुलमोहर गार्डन जो वाटिका मे हैं। यंहा पर राजस्थान के बाहर  दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यपादेश, गुजरात, मुंबई, बंगाल और कर्नाटक से भी लोग रहते हैं। और भारत की मिलीजुली संस्कृति का रूप हैं गुलमोहर गार्डन।  इन दिनों यंहा पर एक अलग प्रकार की ठगी का शिकार हो रहे हैं यंहा पर घर खरीदने वाले लोग। आज की   भागदोड़ जिंदगी मे लोग यंहा पर अच्छी सुख सुविधाओ के साथ बिल्डर की ख्याति के अनुसार घर खरीदते हैं। और फिर ये लोग समय के अभाव मे या जानकारी की कमी से अन्य लोगो के दिशा निर्देश मे घर मे फर्नीचर और इंटीरियर का काम करवाने के लिए  इन ठगो के चक्कर मे आते हैं। जो इन्हे कुछ अच्छे विला या फ्लैटेस् का काम दिखा कर कार्य हाथ मे ले लेते हैं। और पैसा एडवांस लेकर कार्य को प्रारंभ कर देते हैं। फिर धीर धीरे करके पुरा पैसा ले लेते हैं। और कार्य को धीमा करते करते अधूरा छोड़ कर कार्य अपूर्ण अवस्था मे छोड़ कर निकल लेते हैं। 

          इस प्रकार के कार्य की जानकारी अभी सार्वजनिक तौर पर सामने आई तो इस तरह की ठगी के शिकार बहुत से लोग सामने आये हैं। जिन्होंने एक विकास कांवट एंड नीलू कांवट नाम की दम्पति  जिनकी फर्म का नाम हर्षिता क्रिएशन्स हैं के खिलाफ RWA को अपनी कम्प्लेन दर्ज कराई  हैं। इस फर्म के खिलाफ एयरफोर्स से रिटायर श्री शेर सिंह जी ने भी पुलिस कंप्लेन दर्ज कराई थी।  

कार्य का क्वोटेशन पत्र 

          लेकिन लोगो की व्यस्थता का फायदा उठाने में माहिर यह व्यक्ति आदतन लोगों को परेशान कर पैसे लेकर कार्य नहीं करके ठगी कर रहा हैं।  विला नंबर M -111,110,168 & 169  से श्रीमान सौरभ जी एंड प्रियंका जी ,नसीब,विवेक रस्तोगी ने इस प्रकार की शिकायत की हैं।  अब देखने वाली बात यह हैं की RWA इसके स्थायी   समाधान  पर काम करती हैं या लीपापोती करके इसे रफा दफा करती हैं। 

सोमवार, 22 अप्रैल 2024

में बेरोजगार हूँ।

लाखों रोजगार हैं इस क्षेत्र में 

E Biotorium

देश में जब से भारत सरकार ने नेटवर्किंग व्यवसाय को वैधानिक  दर्जा दिया गया हैं। इस क्षेत्र में  रोजगार की अपार संभावनाएं जागृत हुई हैं। आवश्यकता हैं लोगों को मानसिक संकीर्णता  से बाहर आने की।

    वर्तमान दौर में भारत पूरी दुनिया में इकलौता देश हैं जिसकी जीडीपी में बढ़ोतरी हैं और शिक्षा,स्वास्थ,एक्सपोर्ट,महिला शसक्तीकरण से लेकर किसान की आय दुगनी,राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन,बैंकिंग,टूरिज्म,खेल के क्षेत्र में अच्छे कार्य हो रहे हैं ,चिकिस्ता शिक्षा में ढाँचागत बदलाव,रेलवे का विधुतीकरण के साथ रेलवे का आधुनिकरण अनगिनत रोजगार सर्जन के प्रयास किये जा रहे हैं.

       लेकिन वर्तमान पीढ़ी के सामने फिर भी सबसे बड़ी चिंता हैं रोजगार जिसके दो  बड़े कारण हैं । अकुशल शिक्षा प्रणाली जो दो तिहाई युवा को  शिक्षित तो जरूर करती हैं लेकिन युवाओ को अपना जीवन जीने के लिए कोई कार्य करने की गारंटी नहीं देती। क्योंकि भारत में अब भी स्किल आधारित शिक्षा का अभाव हैं।  और यदि स्किल भी हो तो भारत की इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए अवसर उपलब्ध कराना बहुत ही मुश्किल कार्य हैं। 

       और अब पारम्परिक व्यवसाय में भी नई टेक्नॉलाजी के आने के बाद आय के स्रोत घटते जा रहे हैं। सरकारी नौकरी दिन प्रतिदिन कम होती जा रही हैं। प्राइवेट जॉब में कोल्हू का बैल बनके अपने जीवन को बॉस की जी हुजूरी में पारिवारिक और सामाजिक जीवन का पूर्णतय त्याग करना पड़ता हैं।। कुछ व्यवसायिक प्रशिक्षण/शिक्षा लेकर जॉब मिल भी जाता हैं तो जैसे तैसे जीवन आगे बड़ता हैं तो आवश्यकताओं का दायरा जिस गति से बड़ता हैं उससे सैलरी कम पड़ती नजर आने लगती हैं तब व्यक्ति अन्य आय के स्रोतों पर सोचने को विवश होता हैं. 

        बहुत से लोग अपनी कठिन मेहनत कि बचत को शेयर मार्केट जैसी जगह लगा कर बर्बाद हो जाते हैं । या बचत को किसी यार दोस्त के साथ व्यवसाय में साझेदारी के चक्कर में लूटा चुके होते हैं।  सारांश निकलता हैं ढाक के दो पात । सरकारी कर्मचारी अपनी आवश्यकताओं के लिए लिए सैलरी के साथ रिश्वत लेना शुरू कर देता हैं। और समाज में यह रिश्वत एक विकृति के तौर पर देखि जाती हैं। 

         इन्हीं सब बिंदुओं को समाधान हैं डॉक्टर सागर जोशी जो पिछले लंबे समय से बेरोजगारी और बीमारी के समाधान के लिए स्वास्थ के क्षेत्र में चुंबकीय चिकित्सा पद्धति पर कार्यरत हैं। और भारत जैसे देश में 20 लाख लोगो को रोगों से मुक्ति दिलाने का कार्य किया हैं तो साथ ने हजारों लोगों को रोजगार दिया हैं। और आज e-बिओटोरियम की टीम इतना उत्साहित हैं कि आने वाले समय में भारत की सबसे बड़ी रोजगार देने वाली कंपनी कि और अग्रसर हैं।

यदि आप के सामने ये प्रश्न खड़े हैं.


*मेरे पास पैसा नहीं है तो मैं क्या करूं?
*ऐसा कौन सा काम करें जिससे पैसा आए?
*मेरे पास हमेशा पैसा क्यों नहीं होता है?
*तुरंत पैसा पाने के लिए क्या करें?
*12 महीने चलने वाला बिजनेस कौन सा है?
*में क्या करू जिससे जीवन के लिए दो पैसे कमा सकु ?
*मुझे तो कुछ ज्यादा आता ही नहीं हैं।
*मुझे कोन सहायता करेगा?
*मेरा व्यवसाय मेरी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम नहीं हैं।
*मेरी सैलरी से मेरा काम नहीं चल रहा हैं।
*यदि ऐसे ही चला तो मेरे और परिवार के सपने धरे के धरे रह जाएंगे।
*मै अधिक पैसा कैसे कमा सकता हूं।
*क्या में भी महीने के लाखों रुपए कमा सकता हूं।
*क्या में भी अपना घर/गाड़ी खरीद सकता हूं।
*क्या मेरे भी जीवन में विदेश यात्रा का योग हो सकता हैं।।

इन सभी सवालों का जवाब हैं  हां यह सब संभव हैं। E-Biotorium  परिवार के साथ।
जिसके साथ आप सीख सकते हो,काम कर सकते हो, प्रतिदिन कमा सकते हो।  कितना कमा सकता हु , जितनी आपकी आवश्यकता हैं। हर कार्य में एक बात कॉमन हैं कर्म प्रधान हैं। और यंहा पर भी नियमित लगन और मेहनत के साथ ईमानदारी से काम करके आप भी हर दिन हजारों रुपए कमा सकते हो। कैसे यह जानने के लिए आपको वॉट्सएप @9521588188 पर अपना नाम/पता/शहर का नाम भेजना होगा। हम आपको वो प्लेटफॉर्म देंगे जिसमे आप इच्छित परिणाम प्राप्त कर सकते हो और साथ में भारत को स्वास्थ के क्षेत्र में सुदृढ़ करने जैसा महान कार्य में अपना योगदान देंगे. इसलिए डरिये मत समझिये और अपने जीवन को बदलने वाला निर्णय कीजिये यकीं मानिये जैसे सपने आपने देखे हैं हम सब मिलकर उनको पूरा करेंगे। 




चुंबकयुक्त उत्पादों के प्रयोग मात्र से गहन बीमारीयां छुमंतर

केवल सोने पानी पीने और हाथ की कलाई पर मैग्नेटिक ब्रासलेट पहनने से रोगों से चमत्कारी मुक्ति की सचाई             चुम्बकीय चिकित्सा हर आयु के न...