मंगलवार, 25 जुलाई 2023

राजस्थान राजनीतिक में लाल डायरी का खेल

राजस्थान राजनीतिक में लाल डायरी का खेल

लाल डायरी का खेल

       राजस्थान में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा हैं राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आगई हैं। पिछले दो दिन में विधानसभा में जो कुछ भी घटित हुआ वह निंदनीय हैं। 

      मामला राजेंद्र गुढ़ा के उसे बयान से शुरू हुआ जिसमे सचिन पायलट की तर्ज पर उन्होंने गहलोत सरकार को मणिपुर की बजाय राजस्थान में हो रही बलात्कार की घटनाओ पर केंद्रित करने की नसीहत दे डाली। राजेंद्र गुढ़ा झुंझुनू के उदयपुरवाटी से विधानसभा का चुनाव बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर जीतकर आये थे।  

      अपनी ही सरकार को आइना दिखाने के चक्कर में गहलोत सरकार ताव में आगई और राजेंद्र गुढ़ा को सरकार में सैनिक कल्याण मंत्रालय से बर्खास्त कर सदन से बाहर का रास्ता दिखा दिया।  

        राजेंद्र गुढ़ा अशोक गहलोत के निकटम मंत्रियो में शुमार थे।  सचिन पायलट के गुरुग्राम प्रकरण के दौरान गुढ़ा बहुजन समाज पार्टी से जीतकर आये सभी 6 विधायकों के साथ गहलोत सरकार में शामिल हो गए थे और गहलोत सरकार को बचाने में संजीवनी का काम राजेंद्र गुढ़ा ने किया था।  और इसी की बदौलत अशोक गहलोत ने उसे सैनिक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी से नवाज़ा था। 

राजेंद्र गुढ़ा वैसे तो 2  बार से विधायक हैं।  और अपनी बेखौफ छवि के लिए जाने जाते हैं।  लेकिन गुढ़ा राजनीतिक में सत्यवादी बनने के चक्कर में भेंट चढ़ गए।
     कल जब विधानसभा की कारवाई शुरू हुई तब गुढ़ा एक लाल डायरी लेकर विधानसभा पहुंचे पहले उनको कांग्रेस के विधायकों ने गेट पर रोकने की पुरजोर कोशिश की लेकिन वो अंदर पहुँच गए।  और एक लाल डायरी लेकर सभापति सी पी जोशी  आसान के पास पहुँच गए और जानना चाहा की उनकी गलती क्या हैं।  इस पर सी पी  जोशी ने पहले उनको केबिन में मिलने को कहा पर जब राजेंद्र गुढ़ा नहीं माने तो उन्होंने गुढ़ा को बाउंसर की सहायता से विधानसभा के बाहर निकाल दिया गया। 

राजेंद्र गुढ़ा के आरोप 

      इस दौरान कांग्रेस के विधायकों ने गुढ़ा के साथ धक्का मुक्की की और गुढ़ा के अनुसार शांति धारीवाल ने उन्हें लात भी मारी और निचे गिरा दिया।  यह घटना गहलोत सरकार के लिए एक और निंदनीय कार्य की लिस्ट में जुड़ गया।  बाहर आकर गुढ़ा रोते हुए मीडिया को बताया की उसकी लाल डायरी को जबदरस्ती छीन लिया गया हैं जिसमे करीब 500 करोड़ के लेनदेन का व्यौरा था। 

गहलोत पर गंभीर आरोप 

     राजस्थान सरकार में गहलोत ने कैसे राज्य सभा के लिए MLA को पैसा देकर वोट कराया और इसी प्रकार से RCA के चुनाव में भी वैभव गहलोत के पक्ष में वोट करने के लिए पैंसे का लेनदेन किया। साथ ही गुढ़ा ने आरोप लगाया की गलत सरकार में बहुत से मंत्रियो के अलग अलग महिलाओ के साथ अवैध संबंध हैं।  

बीजेपी हमलावर

लाल डायरी

        इस घटना के बाद बीजेपी के नेता गहलोत सरकार पर हमलावर हो गए हैं। केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह, सतीश पुनिया , स्मृति ईरानी और राजेंद्र राठौड़ सहित सभी नेताओ ने कांग्रेस पर चौतरफा हमले शुरू कर दिए और लाल डायरी  का रहस्य जनता में उजागर करने की गुहार लगाई और आरोप लगाया की कांग्रेस सरकार जनता में अपना विश्वास खो चुकी हैं।

कांग्रेस के लिए गुढा बना नया सिर दर्द

      राजेंद्र गुढ़ा वो विधायक हैं जो बहुजन समाज पार्टी से पहली बार चुनाव जीता और सेकंड टाइम बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायको के साथ गहलोत खेमे में शामिल हुए और गहलोत सरकार ने उन्हे सैनिक कल्याण मंत्री बनाया। लेकिन राजनीतिक में कोई किसी का दोस्त और दुश्मन नहीं होता। इसलिए गहलोत ने तुरंत प्रभाव से राजेंद्र गुढ़ा को पार्टी से निष्कासित ही नहीं किया बल्कि बाउंसरों से पिटाई भी कराई।। अब राजेंद्र गुढ़ा इसकी पूरी सियासत करेंगे और इसे शेखावाटी की अस्मिता का सवाल बनाएंगे।। और निश्चित इसका फायदा आने वाले विधानसभा चुनाव में फायदा लेंगे।।

राजेंद्र गुढ़ा की आज से ऊंट गाड़ी यात्रा शुरू 

       पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री राजेंदर गुढ़ा ने आज से अपने विधासभा के पचलंगी पंचायत में हनुमान मंदिर झड़या से सुबह से शुरुवात करेंगे और लाल डायरी का राज जनता में लेकर जायेंगे और गांव ,ढाणी में जायेंगे और उसके खिलाफ हुए अत्याचार के बारे में जनता को बताएँगे। उधर कांग्रेस अपनी चिर परिचित अंदाज।में इसे अमित शाह और मोदी की चाल बता कर अपना पला झाड़ना चाहती हैं पर ये इतना आसान नहीं हैं। क्योंकि 27 तारीख को सीकर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़ी जन सभा को सम्बोधित करेंगे और निश्चित ही लाल डायरी को लेकर गहलोत सरकार पर तीखे हमले करेंगे 

       अशोक गहलोत बड़ी मुश्किल से सचिन पायलट प्रकरण को साध कर चुनाव में जाने की पूरी तैयारी में थे  लेकिन लाल डायरी का नया जिन गहलोत के गले की फांद बन गया हैं।



शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

पिकलबाल-राजस्थानी खेलेंगे अमरीकी खेल/कल से 2 दिवसीय प्रतियोगिता शुरू

 राज्य स्तरीय पिकलबॉल चैंपियनशिप सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर में

राजस्थानी खेलेंगे अमरीकी खेल

     जयपुर सवाई मानसिंह स्टेडियम में 15 व 16 जुलाई से राजस्थानी खेलेंगे अमरीकी खेल राजस्थान पिकलबॉल एसोसिएशन के तत्वाधान में 2 दिवसीय प्रतियोगिता शुरू होगी ।इस प्रतियोगिता में राजस्थान के 15 जिलों के 150 खिलाड़ी भाग लेंगे ।
     पिकलबॉल खेल की इस प्रतियोगिता में राजस्थान स्टेट जूनियर और सीनियर पिकलबॉल टूर्नामेंट का आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम में 15 व 16 जुलाई को होगा। टूर्नामेंट में 15 जिलों के 25 महिला खिलाड़ियों के साथ 150 खिलाड़ी भाग लेंगे। इसमें कुल 700 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट गौरव टेक्सटाइल और इंस्टाकैश लिस्ट और पिकलबॉल यूनाईटेड की ओर से आयोजित किया जा रहा है। राजस्थान पिकलबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष रघुराज सिंह ने बताया कि टूर्नामेंट में 8 से 80 साल तक के खिलाड़ी खेलेंगे। 

       पिकलबॉल के फाउंडर और मुख्य संरक्षक करण सिंह ने बताया कि 15 जिलों के खिलाड़ी टूर्नामेंट में भाग लेगे। सचिव रिपुदमन चंद्रावत ने बताया कि टूर्नामेंट अंडर - 16, अंडर- 19, अंडर-35, अंडर-50 और अंडर 60 आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग लेंगे। चेयरमैन अश्विनी वाधवा ने बताया कि टूर्नामेंट राउंड रोबिन लीग के आधार पर खेला जाएगा। उसके बाद में नॉक आउट मैच खेले जाएंगे।


इस अमरीकी खेल की खास विशेषता हैं की इसे हर उम्र का व्यक्ति खेल सकता हैं। इसलिए इस प्रतियोगिता में पिता पुत्र की जोड़ी खेलते नजर आएगी तो साथ में चित्तौरगढ़ के दादा पोता ने भी अपना रजिस्ट्रेशन किया हैं।

            अभी हाल में चुरू जिले में भी डिजर्ट पिकलबॉल चैंपियनशिप का भव्य सफल आयोजन किया गया हैं।
           इससे पूर्व पिछले वर्ष आस्था वैदिक संस्थान सुमेरपुर पाली के तत्वाधान में राजस्थान स्टेट चैंपियनशिप का सफल आयोजन हो चुका हैं उसके बाद जोधपुर भीलवाड़ा सहित बहुत से जिलों में इस खेल के लिए नए ग्राउंड का निर्माण हुआ हैं इससे यह अंदाज लगाना मुश्किल नहीं की इस खेल का प्रसार कितनी तीव्र गति से हो रहा हैं।

मंगलवार, 11 जुलाई 2023

अरोमाथेरेपी और यज्ञ पद्धति से चिकित्सा

 अरोमाथेरेपी और यज्ञ पद्धति पर लेख 

अरोमोथेरपी और आयुर्वेदिक यज्ञ पद्धति से चिकित्सा से लाभ  

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      आरोमाथेरेपी एक प्रकार की चिकित्सा है जिसमें विभिन्न पौधों से प्राप्त किए जाने वाले तेलों का उपयोग किया जाता है, जबकि यज्ञ पद्धति में धूप, दाना और औषधियों के धुएं का उपयोग किया जाता है। आप दोनों तरीकों के विशेषताओं, उपयोगों और उनके प्रभावों की चर्चा करेंगे ।

       इस लेख में, आप यज्ञ पद्धति और अरोमाथेरेपी के प्रमुख उपयोगों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जैसे कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, आंतरिक शांति और सक्रियता को बढ़ाने में मदद करना। आप दोनों पद्धतियों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की चर्चा कर सकते हैं और उनके साथ-साथ चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में उनके उपयोग के उदाहरण प्रदान कर सकते हैं।

       हम अरोमाथेरेपी और यज्ञ पद्धति के बीच तुलनात्मक विश्लेषण करके पाठकों को इन दोनों चिकित्सा पद्धतियों के महत्वपूर्ण तत्वों के बारे में जागरूक करने में मदद करेगा। इसके अलावा, आप चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में यज्ञ पद्धति और अरोमाथेरेपी के प्रभावों पर प्रमाणित अनुसंधान और अध्ययनों के बारे में भी जान सकते है.

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अरोमाथेरेपी मुख्यत 4  प्रकार  की होती हैं होते हैं।

  1. वापर या इनहेलेशन आरोमाथेरेपी: इस प्रकार के आरोमाथेरेपी में, आप खुद को तेलों के उपयोग से सुगंधित वायु के संपर्क में रखते हैं। यहां तक कि आप तेलों को वापराया विशेष आरोमाथेरेपी डिफ्यूज़र में डालकर कमरे की वायु को ताजगी और शांति से भर सकते हैं।

  2. बाथ आरोमाथेरेपी: इस प्रकार के आरोमाथेरेपी में, आप तेलों को गर्म पानी में मिलाते हैं और फिर इस मिश्रण को स्नान के दौरान उपयोग करते हैं। यह ताजगी और स्थायित्व प्रदान करने के लिए मदद करता है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

  3. मालिश आरोमाथेरेपी: इस प्रकार के आरोमाथेरेपी में, आप तेलों को संघटक तेलों के साथ मिश्रित करके शरीर पर मालिश करते हैं। यह शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करने, मांसपेशियों को शांत करने और मन को ताजगी देने में मदद कर सकता है।

  4. स्थानिक आरोमाथेरेपी: इस प्रकार की आरोमाथेरेपी में, तेलों को विशेष स्थानों पर लगाया जाता है, जैसे कि आंखों के आसपास, चेहरे के आसपास या सबसे अधिक तनाव वाले भागों पर। इसका उपयोग दर्द को कम करने, तनाव को शांत करने और ध्यान को स्थिर करने में किया जाता है।

ये कुछ मुख्य आरोमाथेरेपी के प्रकार हैं, हालांकि, अन्य भी प्रकार हो सकते हैं जो विशेष उपयोग, विधि या एकाग्रता की आवश्यकताओं के अनुसार बदल सकते हैं। और अधिक जानकारी के लिए आरोमाथेरेपिस्ट से विचार विमर्श करके परामर्श ले सकते हैं।

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यज्ञ द्वारा सुगन्धित चिकत्सा पद्धति क्या होती हैं ?

       यज्ञ द्वारा सुगंधित चिकित्सा पद्धति, जिसे आरोमा यज्ञ या धूप यज्ञ भी कहा जाता है, एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसमें वनस्पति के सुगंधित तत्वों का उपयोग उनकी सुगंध के माध्यम से होता है। यह पद्धति धूप यज्ञ या वनस्पति-यज्ञ के रूप में अन्य धार्मिक और आयुर्वेदिक परंपराओं में प्रचलित है।

इस पद्धति में, वनस्पति के विभिन्न भागों जैसे कि जड़, पत्तियाँ, फूल, लकड़ी, दारू, गुग्गुल, घास, लोबान आदि को सुगंधित धूप के रूप में जलाया जाता है। यह धूप यज्ञ धीमी आग में जलती है जिससे सुगंधित धुआं उत्पन्न होती है और वायु में फैलती है।

इस पद्धति को सुगंधित चिकित्सा के रूप में उपयोग करने के कई लाभ मान्यता प्राप्त हैं। इसका कहा जाता है कि सुगंधित धुआं के माध्यम से वनस्पति के तत्व वायुमंडल में प्रविष्ट होते हैं और शरीर और मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यह माना जाता है कि इसके उपयोग से श्वसन प्रणाली, श्वासनली, नसों, मस्तिष्क, और मन को सक्रिय किया जा सकता है।

हालांकि, इस पद्धति का वैज्ञानिक आधार और आयुर्वेदिक प्रमाण प्राप्त करने के लिए अधिक शोध और अध्ययन की आवश्यकता है। सुगंधित चिकित्सा पद्धति का उपयोग करने से पहले सलाह और सावधानी से इसका उपयोग करना चाहिए, विशेष रूप से यदि किसी व्यक्ति को किसी वनस्पति से एलर्जी हो सकती है या उनकी स्वास्थ्य स्थिति विशेष हो।

 

अरोमोथेरपी और सुगन्धित चिकत्सा पद्धति में क्या अंतर हैं ?

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अरोमाथेरेपी और सुगंधित चिकित्सा पद्धति दोनों ही चिकित्सा तकनीकें हैं जो तत्वों के सुगंधित प्रयोग के माध्यम से स्वास्थ्य और कल्याण को प्रोत्साहित करती हैं। यहां इन दोनों पद्धतियों के बीच कुछ मुख्य अंतर हैं:

  1. उपयोग का तरीका: अरोमाथेरेपी में, आरोमातिक तेलों का उपयोग किया जाता है जो वनस्पति से प्राप्त किए जाते हैं, जबकि सुगंधित चिकित्सा पद्धति में वनस्पति के अन्य तत्वों, जैसे कि जड़, पत्तियाँ, फूल, विटामिन, खाद्य पदार्थ आदि का उपयोग किया जाता है।

  2. उपयोग की विधियाँ: अरोमाथेरेपी में, आरोमातिक तेलों को वापर के द्वारा, मालिश के द्वारा, इनहेलेशन के द्वारा या स्नान में मिलाकर उपयोग किया जाता है। सुगंधित चिकित्सा पद्धति में, वनस्पति के तत्वों का उपयोग चयनित पदार्थों, जैसे पाउडर, पेस्ट, दवा, अभिषेक, प्रक्षालन आदि के रूप में किया जाता है।

  3. चिकित्सात्मक गुणों का प्रयोग: अरोमाथेरेपी में, आरोमातिक तेलों की विशेषताएं और चिकित्सात्मक गुणों का उपयोग किया जाता है। सुगंधित चिकित्सा पद्धति में, वनस्पति के तत्वों की सुगंधित गुणों और उनके चिकित्सात्मक लाभों का प्रयोग किया जाता है।

  4. चिकित्सात्मक पदार्थों का चयन: अरोमाथेरेपी में, चयनित तेलों का उपयोग किया जाता है, जो विशेषता के आधार पर चुने जाते हैं और विशिष्ट उपयोग के लिए योग्य माने जाते हैं। सुगंधित चिकित्सा पद्धति में, चयनित वनस्पति के तत्वों का उपयोग किया जाता है, जो उपचार के लिए समर्पित वनस्पतियों के रूप में चुने जाते हैं।

ये कुछ मुख्य अंतर हैं अरोमाथेरेपी और सुगंधित चिकित्सा पद्धति के बीच। हालांकि, ये दोनों पद्धतियाँ सुगंधित चिकित्सा में तत्वों के उपयोग पर आधारित हैं और शरीर, मन और आत्मा को स्वास्थ्य और सुख की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से काम करती हैं

प्रमुख आरोमाथेरेपी तेल

प्रमुख आरोमाथेरेपी तेलों के नाम हैं जो हिंदी में उपलब्ध होते हैं:

  1. लैवेंडर तेल (Lavender oil)

  2. टी ट्री तेल (Tea Tree oil)

  3. चमेली तेल (Jasmine oil)

  4. संडलवुड तेल (Sandalwood oil)

  5. रोजमेरी तेल (Rosemary oil)

  6. लेमनग्रास तेल (Lemongrass oil)

  7. य्लांग-य्लांग तेल (Ylang-Ylang oil)

  8. पचरी तेल (Patchouli oil)

  9. पीपरमिंट तेल (Peppermint oil)

  10. इवनिंग प्राइमरोज़ तेल (Evening Primrose oil)

ये कुछ आरोमाथेरेपी तेल हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य और सुंदरता समस्याओं में उपयोग होते हैं। याद रखें, आरोमाथेरेपी तेलों का उपयोग करने से पहले उनके उपयोग, गुण, और सुरक्षा के संबंध में विशेषज्ञ या वैध व्यक्ति से सलाह लेना उचित होगा।

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सोमवार, 10 जुलाई 2023

2023 विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप (20,000 USD)/Bali, Indonesia

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विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप 2023" एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेलकुद का आयोजन है जो पिकलबॉल के प्रशंसकों के लिए महत्वपूर्ण है। यह चैंपियनशिप पिकलबॉल खेल की सबसे उच्च स्तरीय प्रतियोगिता है और विभिन्न देशों के टीमों के बीच मुकाबला होता है।

विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप 2023 का आयोजन बाली, इंडोनेशिया में किया जाएगा। इस चैंपियनशिप में विश्व के प्रमुख पिकलबॉल खिलाड़ी टीमों का हिस्सा होता है जो अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करते हैं। इस प्रतियोगिता में देशों की टीमें विभिन्न चरणों में आमने-सामने होती हैं और उन्हें अपनी कुशलता और टीम वर्क को प्रदर्शित करके जीत प्राप्त करनी होती है।

विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप 2023 आयोजित होने के साथ-साथ इसमें विभिन्न क्षेत्रीय चैंपियनशिप्स भी होती हैं, जिनमें देशों की टीमें प्रतिस्पर्धा में आती हैं। इस चैंपियनशिप में देशों की प्रतिष्ठित पिकलबॉल टीमें एक-दूसरे के साथ मुकाबला करती हैं और महत्वपूर्ण खिताब के लिए प्रतियोगिता करती हैं।

"विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप 2023" खेल के प्रेमियों के लिए एक आदर्श अवसर है जहां उन्हें विश्व के प्रमुख पिकलबॉल टीमों के अद्यतन खेलकूद और एकाग्रता का दर्शन करने का मौका मिलता है। इसमें टीमवर्क, कौशल और नियंत्रण की प्रदर्शन क्षमता आपको मजबूत और रोमांचक खेलकूद का आनंद देती है।

कार्यक्रम 

टूर्नामेंट स्थान
शहर:बाली, इंडोनेशिया
आयोजक: पिकलबॉल ग्लोबल
इवेंट - टूर्नामेंट
प्रारंभ: 19 सितंबर, 2023 से 24 सितंबर, 2023 तक
शहर:बाली, इंडोनेशिया
होम क्लब: लिगा टेनिस
पंजीकरण की अंतिम तिथि: 31 अगस्त, 2023 (खुला)
टियर लेवल: 5
 

 अन्य टॉप 3  विश्व स्तरीय पिकल बॉल चैंपियनशिप

 

2023 लैटिन अमेरिका पिकलबॉल ओपन चैंपियनशिप

आयोजक: एसोसिएकाओ ब्रासीलीरा डी पिकलबॉल इवेंट

टूर्नामेंट प्रारंभ: 18 अगस्त, 2023 से 20 अगस्त, 2023 तक 

शहर: गवर्नर वैलाडेरेस - गवर्नर वैलाडेरेस, गवर्नर वैलाडेरेस - मिनस गेरैस राज्य, ब्राज़ील होम 

क्लब: वैलाडेरेस पिकलबॉल क्लब पंजीकरण की अंतिम तिथि: 31 जुलाई, 2023 (खुला) 

टियर लेवल: 4 

2023 ओशिनिया पिकलबॉल ओपन (पुरस्कार राशि AUD 20,000)

आयोजक: पिकलबॉल ग्लोबल इवेंट 

टूर्नामेंट प्रारंभ: 01 अगस्त 2023 से 05 अगस्त 2023 तक 

शहर: एटवर्क ऑस्ट्रेलिया (विकलांगता रोजगार सेवाएँ), सामुदायिक केंद्र, राइफल रेंज रोड, पिम्पामा क्यूएलडी 4209, 

ऑस्ट्रेलिया होम क्लब: पिम्पामा स्पोर्ट हब 

पंजीकरण की अंतिम तिथि: 13 जुलाई, 2023 (खुला) 

टियर लेवल: 4

2024 माल्टा पिकलबॉल ओपन

आयोजन - टीम प्रतियोगिता 

प्रारंभ: 15 सितंबर, 2024 से 15 सितंबर, 2024 तक 

शहर: बिरगू, माल्टा होम 

क्लब: डी ला सैले 

पंजीकरण की अंतिम तिथि: 15 अगस्त, 2024 

टियर लेवल:3

आप पिकल बॉल की ग्लोबल वेबसाइट पर जा कर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। 

आशा हैं की यह आपके लिए महत्वपूर्ण इवेंट होगा। 


 

 

 

 

 

रविवार, 9 जुलाई 2023

हर_हर_महादेव/काँवर/कावड़ यात्रा 2023/कावड़ का इतिहास

हर_हर_महादेव

कावड़ यात्रा 2023 और इतिहास

कावड़ यात्रा भारत में एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है जो विशेष रूप से हिंदू धर्म के प्रमुख देवता भगवान शिव के भक्तों द्वारा मनाया जाता है। यह यात्रा मुख्य रूप से श्रावण मास (जुलाई-अगस्त) में होती है, जब शिवरात्रि के दिनों में शिवभक्तों ने जल ले कर अपने घरों से हरिद्वार, गंगोत्री, यमुनोत्री और खड़ग यात्रा में जाने का परंपरागत आयोजन किया है।इस दौरान पूरा माहौलहर_हर_महादेव मय हो जाता हैं।

        कावड़ यात्रा का इतिहास बहुत पुराना है और मान्यताओं के अनुसार इसे त्रेतायुग के समय से ही चलाया जाता रहा है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने अपने समुद्र मंथन के दौरान अमृत प्राप्त किया था जो उन्हें अमरत्व का वरदान देता है। इस अवसर पर, भगवान शिव के भक्त अमृत को लेकर यात्रा करते हैं,और हर_हर_महादेव के साथ बूम बूम भोले के नारे गूंजते हैं  जिसे हम आज कावड़ यात्रा के रूप में जानते हैं।

       कावड़ यात्रा में श्रद्धालुओं को गंगा जल को एक कावड़ में संग्रह करके शिव मंदिरों में चढ़ाना होता है। यह यात्रा विभिन्न रूपों में की जा सकती है, जैसे कि काँवड़ यात्रा (पैदल यात्रा), बाइक यात्रा, ट्रेन यात्रा आदि। कई श्रद्धालुओं को भक्ति और त्याग के प्रतीक के रूप में यह यात्रा महत्वपूर्ण होती है।

       इस यात्रा का मुख्य धार्मिक स्थल हरिद्वार, उत्तराखंड है, जहां से श्रावण मास में कावड़ यात्री अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। उन्हें गंगाजल को लेकर पैदल या अन्य वाहनों का उपयोग करके हरिद्वार से हर महीने बाबा विश्वनाथ मंदिर, काशी (वाराणसी) तक यात्रा करनी होती है।

        कावड़ यात्रा धार्मिक और सामाजिक महत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसे हज और कुंभ मेले के समान माना जाता है, जो भारतीय धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। कावड़ यात्रा के दौरान भक्तों की भीड़ बड़ी होती है और उन्हें पुण्य का अनुभव होता है जब वे अपनी भक्ति और विश्वास का प्रदर्शन करते हैं।

कावड़ यात्रा के पवित्र स्थल  

कावड़ यात्रा के दौरान कई पवित्र स्थानों का दौरा किया जाता है। ये स्थान मुख्य रूप से श्रावण मास में शिवभक्तों द्वारा चढ़ाई के लिए पसंद किए जाते हैं। ये हैं कुछ प्रमुख पवित्र स्थल:

  1. हरिद्वार, उत्तराखंड: हरिद्वार भारतीय कावड़ यात्रा की प्रमुख आरंभिक स्थल है। यहां पर्वतीय नदी गंगा बहती है और श्रावण मास में कावड़ यात्रियों को गंगाजल लेने का अवसर प्रदान किया जाता है। हरिद्वार में हर की पौड़ी और माया देवी मंदिर भी महत्वपूर्ण हैं।

  2. गंगोत्री, उत्तराखंड: गंगोत्री भगवान गंगा की जन्मस्थल है और कावड़ यात्रा के माध्यम से पहुंचा जाता है। यह स्थान हिमालयी पर्वतों में स्थित है और भगवान शिव की उपासना का महत्वपूर्ण केंद्र है।

  3. यमुनोत्री, उत्तराखंड: यमुनोत्री भगवान यमुना की उत्पत्ति स्थल है। यह भी हिमालयी पर्वतों में स्थित है और कावड़ यात्रियों द्वारा पूज्य गंगाजल को लेने के लिए पहुंचा जाता है।

  4. खड़ग, हरियाणा: खड़ग हरियाणा राज्य में स्थित है और श्री छड़ानी जयपाल महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। कावड़ यात्रा के दौरान यहां भक्तों द्वारा दर्शन किया जाता है।

  5. केदारनाथ, उत्तराखंड: केदारनाथ हिमालयी पर्वतों में स्थित है और यह चार धामों में से एक है। यहां पर्वतीय भगवान शिव का प्रमुख मंदिर स्थित है और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।

ये केवल कुछ प्रमुख पवित्र स्थल हैं, जो कावड़ यात्रा के दौरान भक्तों द्वारा दर्शन किए जाते हैं। इसके अलावा भी कई और स्थान हैं जहां यात्रियों को धार्मिक महत्व होता है और वे वहां चढ़ाई करते हैं।

कावड़ यात्रा में महत्वपूर्ण सामग्री  

कावड़ यात्रा में कुछ महत्वपूर्ण सामग्री होती है, जो यात्रियों के लिए आवश्यक होती है। ये सामग्री यात्रा की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। नीचे दी गई सामग्री कावड़ यात्रा के लिए सामान्यतः जरूरी मानी जाती है:

  1. कावड़ (पालनी): कावड़ यात्रा का प्रमुख प्रतीक है। यात्रियों को एक कावड़ (एक डण्डा जिसमें झूला होता है) लेकर चलना होता है, जिसे पालनी या कावड़ कहा जाता है। इसे यात्रियों को अपने कंधे पर रखकर यात्रा किया जाता है।

  2. कंधारी या झोला: यात्रियों को कावड़ लेकर चलते समय अपनी पीठ पर झोला (कंधारी) लेना चाहिए। इसमें वस्त्र, सामग्री और अन्य आवश्यक चीजें रखी जाती हैं।

  3. गंगाजल: कावड़ यात्रा के दौरान यात्रियों को गंगाजल को लेने के लिए एक या अधिक बोतलें ले जानी चाहिए। यह गंगाजल पूजा के लिए और मंदिरों में चढ़ाई के लिए प्रयोग होता है।

  4. पूजा सामग्री: शिव पूजा के लिए कुछ महत्वपूर्ण पूजा सामग्री जैसे रुद्राक्ष माला, बिल्व पत्र, धूप, दीप, कपूर, सुपारी, इलायची, लौंग, चावल, पूजा के लिए बने लम्बे धागे आदि ले जानी चाहिए।

  5. आहार-विहार सामग्री: यात्रा के दौरान आहार और विहार के लिए कुछ आवश्यक चीजें ले जानी चाहिए, जैसे पानी की बोतलें, खाद्य पदार्थ, फल, निम्बू, दूध, घी, आदि।

  6. पहनावा: यात्रा के लिए उचित पहनावा लेना चाहिए, जैसे ऊँची टोपी, जूते, जूनामी वस्त्र, गमछा, कम्बल, रूमाल, आदि।

  7. औषधि सामग्री: यात्रियों को अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कुछ आवश्यक औषधि सामग्री ले जानी चाहिए, जैसे एंटीसेप्टिक लोशन, एंटी-एलर्जी दवाएं, पैनडोल, बैंडेज, गैस्ट्रो टेबलेट्स, एंटी-उल्टी दवाएं आदि।

कृपया ध्यान दें कि कावड़ यात्रा के दौरान सामग्री को स्थानीय सूचना, यात्रा की आवश्यकताओं और स्थानीय आदतों के आधार पर तउपयोग करना चाहिए। यात्रा से पहले स्थानीय आदेशों और नियमों को ध्यान से पढ़ें और मानें। सुरक्षा के लिए यात्रा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित रखें।

कावड़ यात्रा में आवश्यक सावधानिया

कावड़ यात्रा में आपको कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करना चाहिए ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और समृद्ध हो। नीचे दी गई हैं कुछ सावधानियां:

  1. शारीरिक तैयारी: यात्रा से पहले अपने शारीर की तैयारी करें। ध्यान दें कि आप स्वस्थ हैं और यात्रा के लिए पर्याप्त ताकत और स्थामिति रखते हैं। योग्यता और सामरिक दक्षता की जांच करने के लिए एक चिकित्सा जाँच करवाएं।

  2. सुरक्षा के नियमों का पालन: यात्रा के दौरान स्थानीय सुरक्षा नियमों का पूर्णतः पालन करें। यात्रा के लिए निर्धारित मार्ग पर चलें और गाइडेलाइन्स का पालन करें। अपनी सुरक्षा के लिए सावधानीपूर्वक रहें और अज्ञात क्षेत्रों में न जाएं।

  3. यात्रा के समय की योजना: यात्रा के लिए अपनी योजना बनाएं और समय सारणी का पालन करें। पर्यटन स्थलों के उचित समय पर पहुंचें और लौटने का समय ध्यान में रखें।

  4. पूर्ण सावधानी से चलें: यात्रा के दौरान संयमपूर्वक चलें और अपनी प्रतिष्ठा और सामरिकता को सुरक्षित रखें। खुद को भोजन, पानी और आराम के लिए पर्याप्त समय दें।

  5. पर्याप्त आहार-विहार: यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पिएं और स्वस्थ आहार का सेवन करें। गर्मी के मौसम में ताजगी के फल खाएं और शराबी या तंबाकू का सेवन न करें।

  6. बारिश की सावधानी: बारिश के मौसम में सड़कों पर चलते समय सतर्क रहें। सतह पर नल और गीली मिट्टी से बचें ताकि दुर्घटना न हो।

  7. सामग्री की सुरक्षा: अपनी सामग्री की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें। मूल्यवान वस्त्र और धनराशि को सुरक्षित जगह पर रखें।

  8. आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें: आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें और यात्रा के दौरान अपने मोबाइल फोन, एमएसएम और आपातकालीन संख्याओं का उपयोग करना जानें।

  9. आपसी सहायता: यात्रा के दौरान अपने सहयात्रियों और स्थानीय लोगों के साथ सहयोगपूर्ण और नम्र बनें। यदि आपको किसी परेशानी का सामना करना पड़े, तो सतत्पर रहें और स्थानीय अधिकारियों की मदद लें।

  10. आदर्श आचार व्यवहार: यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक महत्व का सम्मान करें। अन्य यात्रियों के साथ सही तरीके से बर्ताव करें और अपने परिवार को भी संबंधित सावधानियों के बारे में जागरूक करें।

यात्रा के दौरान इन सावधानियों का पालन करने से आप अपनी सुरक्षा और सुखद यात्रा की सुनिश्चित कर सकते हैं। ध्यान दें कि ये सावधानियां आपकी स्थिति, स्थान और स्थानीय नियमों पर भी निर्भर कर सकती हैं, इसलिए स्थानीय निर्देशों का पालन करें और समय-समय पर समाचार और सुरक्षा सलाहकार संस्थानों को ध्यान से सुनें। 

कावड़ यात्रा में व्यवहार  

वैसे तो हर_हर_महादेव और बूम बूम भोले के नारों के बिच इस यात्रा के  दौरान उचित व्यवहार का पालन करना आपके और अन्य यात्रियों की सुरक्षा और सुखद यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है। नीचे दी गई हैं कुछ व्यवहारिक संकेत:

  1. स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें: कावड़ यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, और आदतों का सम्मान करें। यात्रा के स्थलों पर शांति और सामरिकता का माहौल बनाए रखें।

  2. समय पर चलें: यात्रा के दौरान निर्धारित समय पर पहुंचें और गतिविधियों को नियमित रूप से संपादित करें। दूसरों के साथीयों की सुविधा को ध्यान में रखें और उनके साथीयों के साथ विश्राम और सुखद यात्रा का आनंद लें।

  3. सार्वभौमिकता बनाए रखें: यात्रा के दौरान अन्य यात्रियों के प्रति सार्वभौमिकता और सम्मान बनाए रखें। उनके धर्म, भाषा, और संस्कृति के प्रति समझदारी दिखाएं।

  4. सभ्यता बनाए रखें: अपने आप को सभ्य तरीके से व्यवहार करें और अन्य यात्रियों की सामरिकता को सम्भालें। अनुचित भाषा, अश्लीलता, और विवादापूर्ण व्यवहार से बचें।

  5. स्थानीय नियमों का पालन करें: किसी भी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों, निर्देशों और अनुशासन का पालन करें। यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासनिक और सुरक्षा नियमों का आदान-प्रदान करें।

  6. पर्यावरण की सुरक्षा करें: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यात्रा के दौरान अपने कचरे को सुरक्षित तरीके से निपटाएं और प्रकृति के साथ सद्भाव रखें। प्लास्टिक के उपयोग को कम करें और आपातकालीन स्थितियों के लिए तत्पर रहें।

  7. अपनी संख्या को संयम में रखें: कावड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ का होना सामान्य है। अपनी संख्या को संयमित रखें और दूसरों की राहत को सुनिश्चित करें। ज्यादा भीड़ में अपनी सुरक्षा का ख्याल रखें और धीरे-धीरे चलें।

  8. धार्मिक स्थलों का सम्मान करें: कावड़ यात्रा में आपको धार्मिक स्थलों का सम्मान करना चाहिए। पूजा और अनुष्ठानों के दौरान शांति बनाए रखें और उन्हें पवित्र रखें। अन्य यात्रीयों के प्रति आदरभाव दिखाएं और उनके अवश्यकताओं को समझें।

  9. स्वच्छता का ध्यान रखें: यात्रा के दौरान स्वच्छता का पूर्णतः ध्यान रखें। यात्रा के स्थलों को साफ-सुथरा रखें और अपनी कचरे को सटीक तरीके से निपटाएं।

  10. अपने गुरु या गाइड की सलाह का पालन करें: कावड़ यात्रा में आपके पास एक गुरु या गाइड हो सकता है, जो आपको यात्रा के दौरान सलाह देते हैं। उनकी सलाह का पालन करें और उनकी दिशा में चलें।

यात्रा के दौरान इन व्यवहारिक संकेतों का पालन करने से आप समृद्ध और धार्मिक यात्रा का आनंद ले सकते हैं और साथ ही दूसरों को भी सम्मान और सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। यात्रा के स्थानीय नियमों और संस्कृति को समझें और उनका सम्मान करें, जिससे आप अपने और अन्य यात्रियों के लिए एक सुखद और सामरिक यात्रा का आनंद ले सकें।

251 kg holy water Kawad

हर_हर_महादेव बम बम भोले। ..... हर_हर_महादेव बम बम भोले  

 


शनिवार, 8 जुलाई 2023

चीन की आर्थिक तरक्की के महत्वपूर्ण बिंदु पर लेख 2023

चीन की आर्थिक तरक्की के महत्वपूर्ण बिंदु    

चीन की आर्थिक तरक्की के महत्वपूर्ण बिंदु पर लेख

आउटवार्ड इन्वेस्टमेंट (बाहरी निवेश)

      चीन ने विदेशी निवेश को अपनी आर्थिक तरक्की का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है । वे उच्च निवेश और बाहरी मार्केटों में व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से विदेशी मुद्रा प्राप्त कर रहे हैं । इसके परिणामस्वरूप उनकी आर्थिक सक्रियता बढ़ी है और विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं

चीन आउटवार्ड इन्वेस्टमेंट (बाहरी निवेश) एक प्रक्रिया है जिसमें चीनी कंपनियाँ या व्यक्तियों द्वारा चीन के बाहर निवेश किया जाता है। यह विदेशी वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों में निवेश के माध्यम से होता है। यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्रिया है जो चीनी उद्यमिता और कंपनियों को विश्व अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख भूमिका देती है।

चीनी आउटवार्ड इन्वेस्टमेंट के पीछे कई कारण हैं, जैसे:

  1. बाजार उपयोगिता: चीनी कंपनियों को विदेशी बाजारों के उपयोगिता और पोटेंशियल से लाभ हो सकता है। विदेशी निवेश के माध्यम से, वे नए ग्राहक वापसी और विपणन मौके ढूंढ सकते हैं जो अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए संभावित हैं।

  2. सामरिक और भूमिगत सुविधाएं: विदेशी निवेश चीनी कंपनियों को सामरिक और भूमिगत सुविधाओं का लाभ उठाने की संभावना प्रदान करता है। वे अपने उत्पादों के निर्माण और प्रदान करने के लिए नए बाजारों और संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।

  3. टेक्नोलॉजी और ज्ञान संसाधनों का उपयोग: चीनी कंपनियों को विदेशी निवेश के माध्यम से विदेशी टेक्नोलॉजी और ज्ञान संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलता है। वे विदेशी संबंधों और विदेशी कंपनियों के साथ सहयोग करके नए और उन्नत तकनीकी ज्ञान का लाभ उठा सकते हैं।

  4. भारी बाजारों का एकीकरण: विदेशी निवेश चीनी कंपनियों को भारी बाजारों में प्रवेश करने का एकीकरण करने की संभावना प्रदान करता है। वे विदेशी निवेश के माध्यम से ग्राहकों का आकर्षण कर सकते हैं और विपणन नेटवर्क का विस्तार कर सकते हैं।

चीनी आउटवार्ड इन्वेस्टमेंट का महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह चीनी कंपनियों को विश्व अर्थव्यवस्था में प्रमुख खिलाड़ी बनाता है और उन्हें विदेशी मार्केटों में विपणन और वित्तीय मौद्रिक क्षेत्र में मजबूती प्रदान करता है।

निजीकरण और उद्यमिता 

        चीन ने व्यापारिक क्षेत्र में निजीकरण को प्रोत्साहित किया है और व्यापारिक उद्यमिता को बढ़ावा दिया है । इससे नये उद्योगों की स्थापना, रोजगार के संभावनाएं, नवाचार और नई प्रौद्योगिकियाँ विकसित हुई हैं, जो आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं ।   

निजीकरण और उद्यमिता दो महत्वपूर्ण आर्थिक प्रक्रियाएं हैं जो आर्थिक विकास और उद्योग को प्रोत्साहित करती हैं। ये दोनों प्रक्रियाएं कंपनियों और उद्यमियों को स्वतंत्रता, स्वाधीनता, और सक्रियता के साथ व्यापारिक क्षेत्र में बदलाव और विकास का माध्यम प्रदान करती हैं।

निजीकरण (प्राइवेटाइज़ेशन) एक प्रक्रिया है जिसमें सरकारी संस्थानों, उद्योगों, और सेवा प्रदायकों को निजी स्वामित्व में लिया जाता है। इसमें सरकार संसाधनों को निजी कंपनियों को सौंपती है जो इनके प्रबंधन और प्रदान किए जाने वाले सेवाओं का जिम्मा लेती हैं। निजीकरण का मुख्य उद्देश्य सरकारी संस्थानों को दक्षता, कुशलता, और आर्थिक प्रगति के लिए बेहतर व्यवस्था प्रदान करना होता है। इसके अलावा, निजीकरण के माध्यम से सरकारी संस्थानों को अधिक नवीनीकरण, तकनीकी प्रगति, और कारगरता का मौका मिलता है।

उद्यमिता (एंट्रेप्रेनरशिप) एक प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति (उद्यमी) नए व्यवसाय की स्थापना करने और व्यवसायी उपक्रमों में नई गतिविधियों को प्रारंभ करने के लिए आगे आता है। उद्यमिता का महत्वपूर्ण पहलु यह है कि इससे नए रोजगार के अवसर सृजित होते हैं, आयोग्यता का स्तर बढ़ता है, वित्तीय और व्यापारिक स्वाधीनता मिलती है, और आर्थिक विकास होता है। उद्यमिता का महत्वपूर्ण कारक है क्यिउद्यमियों के द्वारा नवीन और नवाचारी विचारों का आविष्कार और प्रगति होती है। उद्यमिता व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और समाज के आर्थिक विकास को सुदृढ़ करती है। उद्यमिता आर्थिक स्वाधीनता, सामरिक न्याय, और सामाजिक उत्थान की संकल्पना को प्रोत्साहित करती है।

निजीकरण और उद्यमिता दोनों प्रक्रियाएं आर्थिक विकास और उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं। निजीकरण द्वारा सरकारी संस्थानों को निजी स्वामित्व में लेकर उन्हें प्रभावी और दक्ष प्रबंधन का मौका मिलता है। उद्यमिता द्वारा व्यक्ति को स्वतंत्र व्यवसायी बनाकर नए रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और समाज को नवीन और उन्नत उत्पादों और सेवाओं का लाभ मिलता है।

इन दोनों प्रक्रियाओं का सही मिश्रण एक आर्थिक परिदृश्य को सुदृढ़ करता है और उद्योग, रोजगार, और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने में मदद करता है। इसलिए, निजीकरण और उद्यमिता को आर्थिक विकास के प्रमुख तत्वों के रूप में माना जाता है जो व्यापारिक संदर्भों में सक्रिय होते हैं।

निर्यात और विदेशी व्यापार 

          चीन विश्व बाजारों में उनके निर्यात को बढ़ाने के लिए कई उपाय अपना रहे हैं । वे विदेशी व्यापार के लिए उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, कम लागत, और मजबूत विपणन प्रणाली प्रदान कर रहे हैं । इससे उनकी निर्यात बढ़ी है और विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ावा मिला है । 

चीन एक प्रमुख निर्यात और विदेशी व्यापार राष्ट्र है, जो विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चीन का निर्यात और विदेशी व्यापार उद्योग, औद्योगिक उत्पादों, सेवाओं, और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को सम्मिलित करता है।

चीन के निर्यात और विदेशी व्यापार के अहम् बिंदुगत ये हैं:

  1. विदेशी बाजार प्रवेश: चीन के निर्यातकों को विदेशी बाजारों में प्रवेश करने के लिए अवसर मिलता है। चीनी उत्पादों की गुणवत्ता, कीमत, और मान्यता के कारण, वे विदेशी बाजारों में महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। चीनी कंपनियाँ अब तक विभिन्न विपणन संबंधी मुद्दों का सामना करती हैं, जैसे मानकों और विनिर्माण अनुबंधों की अनुकूलता, विदेशी बाजारों की नैतिकता और कानूनी तत्वों का पालन।

  2. विदेशी निवेश: चीन ने विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया है और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है। विदेशी निवेश के माध्यम से चीनी कंपनियों ने विदेशी बाजारों में स्थानांतरण किया है और विदेशी मुद्रा प्राप्त की है। विदेशी निवेश की वजह से चीनी कंपनियों का विश्वस्तरीय उपस्थान बढ़ा है और उन्हें विश्वस्तरीय मानकों, तकनीकी ज्ञान का लाभ, और नवीनीकरण की संभावनाएं मिली हैं।

  3. निर्यात समर्थन नीति: चीन सरकार ने विभिन्न निर्यात समर्थन नीतियाँ अपनाई हैं जो निर्यात सेक्टर को प्रोत्साहित करती हैं। वे निर्यात उद्योगों को वित्तीय समर्थन, कर्मियों कआर्थिक संकल्पना और प्रगति में वृद्धि, विपणन और विपणन रसोई, विदेशी मुद्रा आय, प्रदायक और उद्योग की विकास दक्षता, वैदेशिक निवेश के लिए निवेश नीतियों और सुविधाओं का प्रबंधन करने में मदद करती हैं। चीन अपनी उद्योगिकता, विनिर्माण ऊर्जा संरचना, प्रौद्योगिकी और नवीनीकरण में प्रगति कर रहा है जो उद्यमियों और कंपनियों को निर्माण के लिए अवसर प्रदान करता है।

चीन के निर्यात और विदेशी व्यापार के माध्यम से उन्नति हो रही है और यह उद्यमियों को ग्राहकों के बाजारों और स्रोतों के लिए अधिक विकासशील और ग्लोबलीकृत बनाता है। चीनी निर्यातकों का विश्व बाजारों में बढ़ता हुआ हिस्सा निर्माण, उद्योग, टेक्नोलॉजी, और सेवा संबंधी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हो रहा है। चीन के विदेशी व्यापार में गतिविधियों का विस्तार भारत, अफ्रीका, अमेरिका, और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में हो रहा है।

चीन के निर्यात और विदेशी व्यापार का सफलतापूर्वक मानव संसाधनों, टेक्नोलॉजी और नवीनता के साथ उपयोग करना, विदेशी निवेश को सुविधाजनक बनाना, और नैतिकता और कानूनीता का पालन करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए चीन सरकार कई नीतियाँ और उपाय अपनाती है जो निर्यात और विदेशी व्यापार को समर्थन करती हैं और उद्यमियों को अधिक बढ़त और प्रगति का मार्ग प्रदान करती हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश 

         चीन ने विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में महत्वपूर्ण निवेश किया है, जिससे उनकी आर्थिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को सुदृढ़ किया गया है । यह उनकी सड़क, रेलवे, बंदरगाह, उड़ानभरण, ऊर्जा और डिजिटल संचार इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के माध्यम से हुआ है ।   

         चीन ने अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनाया है और इसे अपनी आर्थिक और सामाजिक विकास की प्रमुख चुनौतियों का सामना करने का एक माध्यम माना है। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के माध्यम से चीन सड़क, रेल, हवाई मार्ग, बंदरगाह, ऊर्जा, टेलीकम्यूनिकेशन, नलकूप, औद्योगिक क्षेत्र आदि में उद्यमों को प्रशस्त करने और विकास को प्रोत्साहित करने का प्रयास करता है।

चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के महत्वपूर्ण बिंदुगत ये हैं:

  1. शहरी विकास: चीन ने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। यहां शामिल हैं शहरी सड़कों, पुलों, टनलों, सड़कों, इलेक्ट्रिकल ग्रिड, पानी सप्लाई, नलकूप, औद्योगिक क्षेत्रों की सुविधाएं और शहरी वातावरण परियोजनाएं। इसका मुख्य उद्देश्य शहरों की आवास और परिवहन क्षमता में सुधार कर जनसंख्या की बढ़ती मांग को पूरा करना है।

  2. परिस्थितिकी और ऊर्जा: चीन ने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष ध्यान दिया है। यहां शामिल हैं ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संगठन, ऊर्जा संचार, ऊर्जा परिवहन, और ऊर्जा संभालने के प्रोजेक्ट्स। चीन ने अत्यधिक प्रदूषण और ऊर्जा आपूर्ति की चुनौतियों का सामना करते हुए विकास के लिए पर्यावरणीय और जीवाश्मी ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया है।

  3. बाहरी व्यापार और यातायात: चीन ने बाहरी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अपनी यातायात इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। शामिल हैं बंदरगाह, हवाईअड्डे, रेलवे लाइनें, और जलमार्ग परियोजनाएं। यहां का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, वाणिज्यिक संचार को सुविधाजनक और कार्यकारी बनाना, और विदेशी निवेश को आकर्षित करना है।

  4. राष्ट्रीय उद्यान, जलप्रपात, और पर्यटन: चीन ने अपने पर्यटन और आकर्षण स्थलों के विकास के लिए भी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश किया है। यहां शामिल हैं राष्ट्रीय उद्यान, जलप्रपात, पर्यटनीय परियोजनाएं और पर्यटन सुविधाएं। चीन ने पर्यटन को महत्व दिया है और अपने प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहरों, और ऐतिहासिक स्थलों के प्रशासन और विकास को मजबूत किया है।

    5.  परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर: चीन ने पारिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में विशेष ध्यान दिया है। यहां शामिल हैं बेहतर रेलवे संचार, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, महासागरीय पोत, और उच्च गति रेल मार्गों का निर्माण। इससे चीन लोगों और सामग्री को सुरक्षित और आसानी से यात्रा करने की सुविधा प्रदान करता है और व्यापार और व्यापार को सहज बनाने में मदद करता है।

    6. ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर: चीन ने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। यहां शामिल हैं बांधकाम परियोजनाएं, विद्युत उत्पादन संयंत्र, ऊर्जा संगठन, और विद्युत बिजली ग्रिड का निर्माण। चीन विद्युत उत्पादन क्षमता में अग्रणी है और ऊर्जा स्वरूपों, जैसे कि सौर, वायु, जल और आधुनिक ऊर्जा स्रोतों के लिए विशेष महत्व देता है।


            इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के माध्यम से चीन ने अपने आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है, जिसने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्यमों, व्यापार, और आर्थिक सुविधाओं को प्रोत्साहित किया है। यह निर्माण क्षमता, लोगों के पहुंच को सुधारने, विकास के लिए अवसर प्रदान करने, और आर्थिक सामरिकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चीन का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश एक महत्वपूर्ण कारक है जो उन्नति और सुविधा को संभालने में मदद करता है और देश को ग्लोबल विकास के मार्ग पर अग्रसर करता है।

       चीन ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान को महत्व दिया है और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति की है । उनके विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी ज्ञान की मान्यता बढ़ी है, जिससे उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फायदा मिला ।   

        चीन उच्च शिक्षा और अनुसंधान में बड़ी प्रगति कर रहा है और यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो देश के आर्थिक और तकनीकी विकास को समर्थन करता है। चीन ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान को महत्वपूर्ण रखा है और बड़े स्तर पर निवेश किया है ताकि उद्यमियों, वैज्ञानिकों, और अनुसंधानकर्ताओं को उनकी ऊर्जा और नवीनता को संवारने और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए अवसर मिलें।

चीन के उच्च शिक्षा और अनुसंधान के महत्वपूर्ण बिंदुगत ये हैं:

  1. शिक्षा प्रणाली: चीन ने अपनी शिक्षा प्रणाली को सुधार करने पर विशेष ध्यान दिया है। यहां शामिल हैं उच्च शिक्षा संस्थानों के विकास, पाठ्यक्रमों की समीक्षा, गुणवत्ता मानकों का पालन और नवीनता के अनुसार कौशल विकास को प्रोत्साहन। चीन ने विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए अपनी शिक्षा प्रणाली में सुधार किए हैं और नवीनता, तकनीक, और विज्ञान के क्षेत्र में मान्यताओं को प्राप्त करने के लिए प्रयास किए हैं।

  2. अनुसंधान और नवीनता: चीन ने अनुसंधान और नवीनता को अपनी प्राथमिकता बनाया है। यहां शामिल हैं वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियाँ, और औद्योगिक एकीकरण और प्रगति। चीन अनुसंधान क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है और वैज्ञानिकों को सामरिक और उद्योगिक आधारित अनुसंधान करने के लिए अवसर प्रदान करता है। चीनी वैज्ञानिकों ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अविष्कार किए हैं, जैसे कंप्यूटर विज्ञान, जैव विज्ञान, ऊर्जा प्रबंधन, औरनवाचारी प्रौद्योगिकी।

  3. विदेशी विद्यार्थी और उपस्थिति: चीन ने अपने उच्च शिक्षा क्षेत्र में विदेशी विद्यार्थियों के लिए आकर्षक मौके प्रदान किए हैं। चीन में कई विश्वविद्यालयों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है और विदेशी छात्रों को नवीनता, बांधकाम क्षमता, और वैश्विक संवाद की स्थापना करने का मौका मिलता है। इससे चीन को वैश्विक शिक्षा नेतृत्व में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने का मौका मिला है।

  4. उद्योग-शिक्षा संबंध: चीन में उद्योग-शिक्षा संबंध महत्वपूर्ण है। यहां शामिल हैं उद्योग संस्थानों के साथ औद्योगिक संबंध, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और गतिविधियाँ। चीनी उद्योगों ने उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ साझा कार्य किया है और उन्हें अनुसंधान और विकास के लिए उच्च गुणवत्ता विज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान प्रदान करते हैं।

चीन का उच्च शिक्षा और अनुसंधान उच्च गुणवत्ता, नवीनता, और अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह उद्यमियों, वैज्ञानिकों, और अनुसंधानकर्ताओं को प्रोत्साहित करता है और विभिन्न क्षेत्रों में नवीनता और प्रगति की संभावनाओं को संवारने में मदद करता है। चीन इंफ्रास्ट्रक्चर, बाहरी निवेश, विदेशी व्यापार, और उच्च शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से अपने आरथिक विकास को प्रमोट करता है और देश को ग्लोबल मंच पर महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने में मदद करता है।

विनिर्माण उद्योग 

           चीन ने विनिर्माण क्षेत्र में विश्वस्तरीय महत्वपूर्ण योगदान दिया है । वे दुनिया के सबसे बड़े निर्माण कारख़ानों को होस्ट करते हैं और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण करते हैं । चीन के विनिर्माण सेक्टर ने उन्नति के लिए विश्वस्तरीय मानक स्थापित किए हैं ।   बाहरी निवेश चीन ने विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया है और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है । उन्होंने विदेशी सीमाओं को समाप्त करके विदेशी निवेशकों को आसानी से अपने व्यवसायों में प्रवेश करने की सुविधा प्रदान की है । चीनी कंपनियों का विदेशी निवेश अब तक कई विभाजनों को प्राप्त हुआ है और उन्हें विश्वस्तरीय उपस्थिति देने में मदद मिली है ।   

चीन विनिर्माण उद्योग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है और विश्व भर में अपनी मजबूती और प्रगति के लिए प्रसिद्ध है। चीन विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी है और विविधता, वैश्विक मंच पर प्रभाव, और ऊर्जा क्षमता की उच्च स्तर पर उपलब्धता के कारण मशहूर है।

चीन के विनिर्माण उद्योग के महत्वपूर्ण बिंदुगत ये हैं:

  1. उद्यमिता और व्यापारिक माहौल: चीन का विनिर्माण उद्योग व्यापारिक माहौल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चीन में उद्यमियों को सुविधाजनक माहौल, उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी और सामरिक मूल्य के साथ ऊर्जावान बाजार प्रदान किया जाता है। यह उद्योगियों को नवीनता और प्रगति के लिए अवसर प्रदान करता है और उन्हें विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करता है।

  2. विनिर्माण क्षमता: चीन विनिर्माण क्षमता में मजबूती रखता है और अपने उद्योगों के विकास के लिए प्रमुख धाराओं को पूरा करता है। चीन में उच्च स्तर की तकनीकी क्षमता, संसाधनों की प्रभावी उपयोगिता, और कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों को विनिर्माण करने और उत्पादन करने में मदद की जाती है।

  3. उच्च गुणवत्ता उत्पादन: चीन अपनी उच्च गुणवत्ता उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। चीनी कंपनियाँ विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप उत्पादन करती हैं और उत्पादों की गुणवत्ता और मानकों की पालना करने के लिए प्रयास करती हैं। इससे चीनी उद्योगियों को विश्वव्यापी बाजारों में मजबूती से स्थान बनाने में मदद मिलती है।

  4. उद्योग संरचना और एकीकरण: चीन ने अपनी उद्योग संरचना को और एकीकरण को महत्व दिया है। यह शामिल है उद्योग क्षेत्रों के संगठन, प्रबंधन को अपग्रेड, और उद्योगों के बीच तंत्रिका सुविधाओं का निर्माण। इससे चीन अपनी उद्योग संरचना को प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में सक्षम हुआ है और विभिन्न क्षेत्रों में विनिर्माण की संभावनाओं को बढ़ावदेता है। चीनी उद्योगों का एकीकरण और संरचना उन्नति को प्रोत्साहित करता है और उन्हें बड़े स्तर पर मजबूती और प्रभाव देता है।

चीन का विनिर्माण उद्योग विश्वस्तरीय दर्जे का है और उच्चतम मानकों की पालना करता है। यह देश एक वैश्विक उद्योगिकरण केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त कर रहा है और विनिर्माण क्षेत्र में नए और नवीनतम प्रौद्योगिकी, विकसित संरचना, और ऊर्जावानता के अवसरों को प्रोत्साहित करता है। चीन के विनिर्माण उद्योग ने देश को उद्यमिता, नवीनता, और विकास के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ाहैं।


बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं 

        चीन की आर्थिक तरक्की के लिए वित्तीय सेवाओं और बैंकिंग का महत्वपूर्ण योगदान है । वे बड़ी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को स्थापित करने के माध्यम से वित्तीय सेवाओं के लिए एक स्थायी और सुरक्षित मार्ग प्रदान कर रहे हैं । चीनी बैंकिंग सेक्टर की सुरक्षा, स्थायित्व और प्रगति उनकी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ।  

चीन बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं दुनिया भर में महत्वपूर्ण हैं और देश की आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। चीन के बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में कई महत्वपूर्ण कारक शामिल हैं:

  1. चीनी बैंक: चीन में कई प्रमुख बैंक हैं जो वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं। चीनी बैंकों में सबसे प्रमुख हैंगकांग और चीन बैंक (Hong Kong and Shanghai Banking Corporation - HSBC), चीन बैंकिंग निगम (Bank of China), चीन जीवन बीमा (China Life Insurance) और चीन कन्ट्रोल (China Construction Bank) शामिल हैं। ये बैंक विभिन्न वित्तीय सेवाएं, जैसे वित्तीय संरचना, ऋण और ऋण निगम, वित्तीय निवेश और बीमा प्रदान करते हैं।

  2. विदेशी निवेश: चीन ने अपने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भी खुला है। चीनी बैंकों ने विदेशी निवेश और संपत्ति के प्रबंधन में मजबूती प्रदान की है और विदेशी कंपनियों को वित्तीय सहायता और सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हुए हैं।

  3. शेयर बाजार: चीन के पास अपना शेयर बाजार है, जिसमें आम जनता के लिए शेयरों की खरीदारी और बेचने का मौका होता है। शेयर बाजार चीनी बैंकों और कंपनियों को पूंजीपति जुटाने, नवीनता को प्रोत्साहित करने, और आर्थिक विकास को संभालने में मदद करता है।

  4. डिजिटल वित्तीय सेवाएं: चीन में डिजिटल वित्तीय सेवाएं भी महत्वपूर्ण हैं। चीन के बैंकों ने डिजिटल पेमेंट सेवाएं, ई-वालेट, और इंटरनेट बैंकिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके आसान और सुरक्षित वित्तीय सेवाएं प्रदान की हैं। यह व्यापारियों और उपभोक्ताओं को आसानी से लेन-देन करने की सुविधा प्रदान करता है।

चीन की बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं देश की आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उद्यमियों, व्यापारियों, और व्यक्तियों को आर्थिक सहायता और सेवाएं प्रदान करने में मदद करती हैं। इसके अलावा, चीन की वित्तीय सेवाएं बैंकिंग सुविधाओं, निवेश अवसरऔर ऋण प्रणालियों को सम्पूर्णता देती हैं।

बुधवार, 5 जुलाई 2023

गहलोत v/s पायलट/मरता क्या नही करता।

 गहलोत v/s पायलट/मरता क्या नही करता

अब बस भी कर भाई अब चुनाव सर पर हैं

    जैसे जैसे राजस्थान विधानसभा के चुनाव नजदीक आ रहे हैं। वैसे वैसे कांग्रेस में बैठको के द्वारा मानने मनाने का दौर शुरू हो गया हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  ने सचिन पायलट की मांगों को मानने के संकेत दिए हैं।

पेपरलीक के दोषियों को उम्रकैद तक का प्रावधान संभव।

      सचिन पायलट की तीन महत्वपूर्ण मांगो में से एक थी पेपरलिक के दोषियों को बख्शा ना जाय और कड़े कानून के दायरे में लेकर सक्त सजा का प्रावधान हो। और इसमें पक्ष विपक्ष किसी को आपत्ति नहीं हैं क्योंकि जो लोग युवावो के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं उनके खिलाफ कठोर कारवाई और शक्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। लेकिन पता नही की गहलोत जी को ये स्वीकार करने में इतना वक्त लग गया। या अपने प्रतिद्वंदी की बाती को तब्ज्जो ना देने की मानसिकता का नतीजा था।
       पर मरता क्या नही करता। यह कहावत मुख्यमंत्री पर सटीक बैठती हैं। की मरता क्या नही करता। गहलोत जी में कहा की आने वाले विधानसभा सत्र  जो 14 जुलाई को शुरू होगा में अधिकतम उम्र कैद की सजा का प्रावधान बिल लाया जा सकता हैं और साथ ही राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में और पारदर्शिता लाने के लिए बेहतर प्रक्रिया अपनाने के आदेश मुख्य सचिव को दिए गए हैं।

भ्रष्टाचार पर गहलोत की सफाई।

       पायलट के पिछले कार्यकाल के दौरान वसुंधरा राजे द्वारा कथित भ्रष्टाचार पर करवाई के संदर्भ में गहलोत पहले ही सफाई दे चुके हैं।उन्होंने अपने स्तर पर तहकीकात करवा ली हा जिसमे वसुंधरा राजे पर भ्रष्टाचार को कोई भी जांच सही नही पाई गई हैं।

      यह सही हैं की अशोक गहलोत की वर्तमान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारत में भ्रष्टाचार के सारे पैमाने तोड़ दिए हैं। पिछले 4 साल में ऐसा कोई  दिन मुश्किल से होगा जिस दिन कर्मचारी और अधिकारी रंगो हाथ ना पकड़े गए हो। लेकिन कास सरकार में योगी आदित्यनाथ जैसे इच्छा शक्ति होती।।
 

रोडवेज और विद्युत विभाग का बेड़ा गर्ग कर दिया गया हैं

मंत्री जी हमें इतिहास बना कर ही मानोगे ?

     इस सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक नुकसान राजस्थान रोडवेज बस जिसका लोहा पूरे भारत की ट्रांसपोटेशन व्यवस्था में गिना जाता था। सारा विभाग हांसिए पर चल रहा हैं। और इस विभाग के मंत्री की आंखे नही खुल रही हैं। घाटे में पहुंच चुकी रोडवेज में सरकार अपने वोटबैंक के लिए फ्री की सुविधाएं या सब्सिडी की टिकट वितरण करा रही हैं।साथ में लूट इस कदर चल रही हैं की बिना टिकट काटे कंडक्टर अपनी और अधिकारी लोगो की जेब भर रहे हैं और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी के देश में कम सवारियां होने का कारण देकर बसों के रूट बंद किए जा रहे हैं। और सार्वजनिक बसों की जगह प्राइवेट बसों को बढ़ावा दिया जा रहा हैं।
 

       वर्तमान में राजस्थान रोडवेज 6100 करोड़ के घाटे में चल रही हैं और रोडवेज के बेड़े में नई बसों के शामिल हों के समाचार पिछले 4 साल से पढ़ने को मिल रहे हैं लेकिन परिणाम जीरो हैं।

1500 बसों को कंडम घोषित कर बेड़े से बाहर

     राजस्थान जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्र में एकसाथ 1500 बसों को कंडम कर सभी संभागों से कचरा घोषित करके सरकार ने प्राइवेट बसों वालो की मौज कर दी।

विद्युत विभाग की अब तक सी खस्ता हालत।

       जब से विद्युत विभाग प्राइवेट हाथो में गया हैं तब से एक सुधार शानदार हुआ हैं। विद्युत से संबंधित गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जाता हैं। बिल एकदम सही समय पे आते हैं। बिजली किसानों को 2000 यूनिट और घरों में 100 यूनिट फ्री देकर शानदार काम किया हैं लेकिन जब उपभोगता बिजली बिल का अध्यन करते हैं और सर चार्ज देखते हैं तो अपना सर पकड़ लेते हैं। 1500 से 2000 तक के सरचार्ज ।। किस बात के सरकार को पता नही। पिछले 6 महीने में गहलोत जी पूरे राज्य में कहते फिर रहे हैं जो मांगोगे वो मिलेगा।  इसलिए राज्य में गांव को भी जिला बनाने की घोषणाएं कर दी हैं। जिले धरातल पर कितने बनेंगे ये आने वाला समय बताएगा।

         राजस्थान में बलात्कार के केस भारत में सबसे अधिक हैं। बजरी माफिया। हिंदू कार्यक्रमों पर पत्थरबाजी ये सब गहलोत सरकार की मानसिकता का नतीजा हैं या कांग्रेस की मानसिकता बन चुकी हैं इसका हिसाब तो ए वाल चुनाव एम जनता जनार्दन करेगी। लेकिन इस समय गहलोत की हालत एकदम ऐसी हैं की मरता क्या नही करता। इसलिए फ्री फ्री लूट लूट किराया माफ बिजली माफ रोजगार के भंडार सब खोल रखे हैं पर धरातल पर मिल कितना रहा हैं यह जनता अपने वोट से जवाब देगी।

मंगलवार, 4 जुलाई 2023

मुहावरा-"छछूंदर के सिर में चमेली का तेल मुहावरे" का शब्दारार्थ और बोलचाल के वाक्यों मे प्रयोग

 छछूंदर के सिर में चमेली का तेल मुहावरे का शब्दारार्थ  और बोलचाल के वाक्यों मे प्रयोग

छछूंदर के सिर में चमेली का तेल मुहावरे

मुहावरा: "छछूंदर के सिर में चमेली का तेल"

शब्दार्थ: 

         यह मुहावरा एक उपमा है जिसका शब्दार्थ होता है कि किसी के मन में अप्रायासित खुशी या आनंद होना। इसे बहुत ही सरलतापूर्वक दिखाने के लिए छछूंदर एक चूहे प्रजाति का छोटा जीव होता हैं। जिसके शरीर से दुर्गंध निकलती हैं जिससे उसे अच्छी खुशबू की पहचान नहीं होती हैं।  

        जिसके कारण  जंगल के अन्य जानवर उसके पास नहीं आते। चमेली नामक पुष्प के तेल की योग्यता के बावजूद छछूंदर अच्छी और प्रिय बातों की पहचान नहीं होती। इसलिए, यह मुहावरा एक ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो खुशी या आनंद की बातों को समझने में असमर्थ होता है।

     मतलब की अयोग्य व्यक्ति को मूल्यवान वस्तु प्राप्त होना हैं। कहावत “छछूंदर के सर में चमेली का तेल” मैं चमेली का तेल एक उत्कृष्ट वस्तु है और छछूंदर निकृष्ट जीव

उदाहरण वाक्य:
1. वह एक ऐसा व्यक्ति है जिसे छछूंदर के सिर में चमेली का तेल होने की जरूरत है, ताकि वह खुशी की सामग्री को समझ सके।

 2.  अच्छे और बुरे में अंतर के भाव को समझने की आवश्यकता होती हैं। अर्थार्थ अपने आप से बाहर झांक कर देखने की अति आवश्यकता होती हैं।

 3. जब तक उसे अपनी दिमागी समझ में सुधार नहीं होगा, वह हमेशा छछूंदर के सिर में चमेली का तेल बना रहेगा। आवश्यक विद्या या वस्तु पास होने पर भी वो समझने में सक्षम नहीं होता हैं।
  4. उसकी खुशी और आनंद छछूंदर के सिर में चमेली का तेल होने के कारण, वह खुद को अकेला महसूस करता है।

   5 उसे छछूंदर के सिर में चमेली का तेल होने की आदत दूर करनी होगी, ताकि वह अपने दोस्तों के साथ खुशी और आनंद को साझा कर सके।

इसलिए व्यक्ति  को छछूंदर के सिर में चमेली का तेल होने से बचना चाहिए। 


सोमवार, 3 जुलाई 2023

पिकल बॉल-भारत में पहली बार डेजर्ट में/डेजर्ट ओपन-चूरू/9th जुलाई 2023


 डेजर्ट ओपन-चूरू/9th जुलाई 2023 

Associations and Kids players

      यह सत्य हैं की पिकल बॉल अमरीकी खेल अवश्य हैं। लेकिन जिस प्रकार से इस खेल को भारतीय लोगों ने अपनाया हैं यह कहना गलत नहीं होगा की आने वाले समय में यह खेल और खिलाडी  दोनों नई  ऊंचाइयों को छुएंगे।

 पिकल बॉल अब भारत के ग्रामीण परिवेश में

     चूरू जिले में आने वाली 9th जुलाई को पिकल बॉल का एक दिन का आयोजन किया जा रहा हैं। यह प्रतियोगिता अपने आप में विशेष इसलिए भी बन जाती हैं की क्योंकि शेखावाटी आँचल के रामगढ़  शेखावाटी  के छोटे से गांव खोटीया में इस पिकल बॉल खेल का जो माहौल गुरुकुल स्पोर्ट्स डिफेन्स एंड एजुकेशन इंस्टिट्यूट खोटीया ने दिया हैं यह अपने आप में अद्भुत हैं।  और इस छोटे से गांव से सैकड़ो की तादाद में लड़के और लड़कियां अपना परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहरा चुके हैं। और इसका श्रेय जाता हैं। आर्मी से सेवानिर्वरत हो चुके श्री अर्जुन जी कँवर  और उनकी धर्मपत्नी शिव कँवर जो की राजस्थान पिकल एसोसिएशन में भी सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनके तत्वाधान में इस डेजर्ट ओपन पिकल बॉल प्रतियोगिता का आयोजना 9th जुलाई को चूरू में होने जा  रहा हैं। इसमें U-14 बॉय सिंगल्स एंड डबल्स के साथ ओपन में मेंस, विमेंस एंड मिस्ड में सिंगल और डबल्स का आयोजन किया जा रहा हैं।  

      डेजर्ट ओपन-चूरू/9th जुलाई 2023  में जयपुर सहित सभी जिलों से खिलाड़ी अपना नामांकन करा रहे हैं।  और एक सफल और शानदार आयोजन के लिए सभी सम्बंधित पदाधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।  यह खिलाडियों के लिए स्टेट चैंपियनशिप से पहले ( 15 -16 जुलाई को जयपुर के सवाई मानसिंग़  स्टेडियम में होने जा रही हैं )अपने को जांचने और परखने  का एक शानदार मौका होगा। 

 

Team Bhilwara

          यह राजस्थान के खिलाड़ियों के सुनहरा अवसर होगा जिससे उनको आगामी प्रतियोगियों में अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करेगा। हाल ही में पिकल बॉल एसोसिएशन से जुड़े हुए पदाधिकारी और वरिष्ठ खिलाड़ियों से हुई वर्तानुसार दोनों प्रतियोगिताओ के सफल आयोजन के लिए वो पूर्ण प्रयास कर रहे हैं।  अध्यक्ष अश्वनी वाधवा , अर्जुन जी,रिपु दमन ,नीरज शर्मा और पिकल बॉल खेल के ब्रांड अम्बेस्डर नरेंद्र  आस्था और सुभम अजमेरा  सभी अपने अपने स्तर पर इन प्रतियोगिताओं को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

राजस्थान जिला पिकल बॉल संगठनों की भागीदारी 

Team Pali-Marwar 

       इन दोनो प्रतियोगियों में सभी जिला प्रभारी अधिक से अधिक खिलाडियों के रजिस्ट्रशन के लिए कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि इन प्रतियोगिताओं के बाद राजस्थान एसोसिएशन में फेरबदल संभव हैं। और नए लोगों को जिम्मेदारी दी जाने की संभावनाएं हैं।  इसलिए सभी जिला अधिकारी अधिक से अधिक भागीदारी करने की कोशिश में हैं और आयोजकों के साथ समन्वय से कार्य कर रहे हैं। 

चुंबकयुक्त उत्पादों के प्रयोग मात्र से गहन बीमारीयां छुमंतर

केवल सोने पानी पीने और हाथ की कलाई पर मैग्नेटिक ब्रासलेट पहनने से रोगों से चमत्कारी मुक्ति की सचाई             चुम्बकीय चिकित्सा हर आयु के न...