शुक्रवार, 22 मार्च 2024

सामाजिक समरसता सुमेरपुर की पवित्र पावन धरा पर

 सामाजिक समरसता का  सही अर्थ हैं क्या ?

        किसी भी देश प्रदेश में सभी वर्ग को मूलभूत जरूरतों का हक। जिसमें रोटी,कपड़ा,मकान, शिक्षा ,रोजगार के साथ न्याय का अधिकार मिलना ही सामाजिक समरसता कहलाती हैं। जिस समाज में इन सभी से वंचित लोगो के लिए कार्य करने की परम्परा या व्यवस्था होती हैं। वह समाज और देश अपना एक अलग मुकाम हासिल करते हैं। और  आदर्श समाज और कहे तो रामराज्य के मूल सिद्धांत को चरितार्थ होता हैं। 

          इसी कड़ी ने सरकारी तंत्र सभी के लिए भोजन, शिक्षा और चिकित्सा के साथ आवास की व्यवस्था करने में अपने संसाधनों को लगाती हैं। लेकिन धरातल पर जिस समाज की मानसिकता में बदलाव आता हैं। वहीं पर सच्ची सामाजिक समरसता का सुन्दर रूप देखने को मिलता हैं। भारत में सनातन धर्म का मूल मंत्र ही सामाजिक समरसता पर आधारित हैं। इसके बिना रामराज्य की कल्पना करना भी निरर्थक हैं। 

        इसी भाव को चरितार्थ में पिरोते हुए सुमेरपुर की  पवित्र पावन धरा पर श्री मुरारी बापू के प्रिय शिष्य श्री कमलेश जी शास्त्री आने वाले नवरात्रों में 9 अप्रैल से 17 अप्रैल तक गीता भवन सुमेरपुर में श्री राम कथा का वाचन करेंगे और । हमारे समाज में समरसता का भाव लिए चलो सनातन की और की मुहिम शुरू करेंगे जिसमें सुमेरपुर और शिवगंज के सभी सामाजिक,धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के साथ किसान और ग्रामीण इलाकों से अधिक से अधिक लोग इस आयोजन में अपनी भागीदारी लेकर सनातन की एक नई अलख जगाने का कार्य करेंगे।। आस्था वैदिक संस्थान और श्री राम कथा महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वाधान में इस भव्य आयोजन को रेखांकित किया जा रहा हैं।

बुधवार, 6 मार्च 2024

सुमेरपुर की धरा पर राष्ट्रीय सामाजिक समरसता अनुष्ठान

"श्रीराम का आह्वान सभी मिलकर चलो सनातन की और"

चलो सनातन की और

       सुमेरपुर के कोलीवाड़ा गांव में श्री राम कथा महोत्सव का एक भव्य कार्यकर्म का आयोजन किया जा रहा हैं जिसमे  राष्ट्रीय सामाजिक समरसता अनुष्ठान चलो सनातन की ओर नाम दिया गया हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इस कार्यकर्म का आयोजन 36 कौम के द्वारा आस्था वैदिक संस्थान के सौजन्य से किया जा रहा हैं।  

     इस कार्यकर्म को भव्य और सफल बनाने के लिए मुरारी बापू के शिष्य और मशहूर श्री राम कथा वाचक श्री कमलेश जी शास्त्री डूंगरपुर ९ अप्रैल से १७ अप्रैल तक सुमेरपुर की धरा को शोभित करेंगे। और पतंजलि योगपीठ की और से १००८ भव्य यज्ञ का भी आयोजन किया जायेगा. जिसका नेतृत्व श्री यज्ञदेव जी हरिद्वार से करेंगे।  यह यज्ञ पूर्ण रूप से आयुर्विज्ञान पर आधारित होगा।  जिसमे मधुमेह,कैंसर,लकवा,मानसिक बीमारिया,बांझपन,तनाव,अनिद्रा,जोड़ो के दर्द,नपुंशकता,चर्म रोग,बुखार,दमा,पुराणी खांसी,एसीडिटी अम्लपितरोग,कॉस्टीपेशन कब्ज,पाइल्स अर्श या बवासीर अन्य बीमारियों का निराकरण यज्ञ के द्वारा करने का  प्रशिक्षण दिया जायेगा।
      इस अनुष्ठान में हजारो लोगो के पधारने की सम्भावना हैं।  इसमें बाबा रामदेव , मुरारी बापू,अक्षर धाम के संत,और मोहनभागवत के आने की सम्भावना हैं साथ में क्षेत्र
के ऋषिमुनि और सभी समाज के संतो को एकत्रित कर इस भव्यता प्रदान देने की योजना की जा रही हैं।  इस कार्यकर्म में ग्रामीण और शहरी सभी जगह से हिन्दू धर्म के सभी संगठन और किसान संघं , व्यापर मंडल , महिला संगठन के साथ शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े संगठन के साथ सभी मंदिर ,सामाजिक संघठनो का सहयोग लिया जायेगा।  इस अनुष्ठान को भव्य बनाने के लिए कलश यात्रा और प्रसादी/भंडारा  का भी समावेश किया जाने की सम्भवना हैं। 

        यह माना जा रहा है की इस दौरान नवरात्रा का पवित्र समय के साथ किसान वर्ग भी खेत खलियान के कार्य से थोड़े समय के लिए फ्री हो जायेगा और पढ़ाई करने वाले छात्र/ छात्राओं भी अपनी परीक्षाओ को पूर्ण कर चुके होंगे। इस अनुष्ठान में सभी लोगो की भागीदारी बढ़ाने के लिए सांय सांस्कृतिक कार्यकर्मो का भी आयोजन किया जा सकता हैं।

सुमेरपुर के 50 km में रमणीय स्थल 

जवाई डेम /लैपर्ड सफारी /रणकपुर /पावापुरी 

 

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