रविवार, 25 दिसंबर 2022

राहुल की भारत जोड़ो यात्रा दिल्ली

                     Indian Poltics-BHARAT JODO SE ACHA HOTA CONGRESS JODTE

 

      राहुल गाँधी कल भारत जोड़ो यात्रा का महिमा मंडित करते हुए कल दिल्ली का मनोरंजन करने में सफल हुए । राहुल ने कल लोगो को भाषण दिया जिसमे उसने कहा की "इस यात्रा मे मेरे से हर धर्म जाती समुदाय व वर्ग,किसान,छात्र,मजदूर,महिलाए सब मिले और इन सब से मिलके अब मे कह सकता हूँ कि भारत के लोगो के दिलो मे मोहब्बत भरि हुई हैं सब लोग प्रेम से रह रहे हैं "  केवल विपक्षी दल होने के नाते राहुल ने मोदी सरकार को इसके लिये धन्यवाद नही कह पाये लेकिन अपनी इमानदारी का परिचय दिया।। 

      उधर चापलूसी गेंग अपने अंदाज मे मोदी सरकार डर गई, कोरोना का नाम लेके यात्रा को रोकना चाहती हैं ।सरकार चीन से डर गई हैं ।  अब दिल्ली दूर नही ।। अब कांग्रेस को कौन समझाए की भारत डरा या चीन ये पब्लिक ने विडियो मे देखा है । संसद मे आपके पास कुछ बोलने को नही हैं । तुम लोग 3000 किलोमीटर की यात्रा के बाद भी ये नही कह सकते कि इससे कोई राजनेतिक फ़ायदा होगा। ।। 

         कल राजस्थान मे पुन RpSC के द्वारा आयोजित 2nd grade के टीचर की परीक्षा के पेपर लिक हो गये। जो आपके कार्य क्षमता की पोल खोलता है ।। हाँ ये यात्रा भारत मनोरंजन के तोर पे भारतीय लोगो के दिल मे याद रहेगी।।।

बुधवार, 14 दिसंबर 2022

तवांग की झड़प

                                                 India & Chinda-Its New India

 


 

वैसे तो सीमा पे कभी कभार आपसी झड़प होना कोई नई बात नही है लेकिन इस बार जौ जबाब भरतीय सेना ने दिया हैं और पहले जुबानी जंग और उसके बाद जौ हाथापाई मे भारत ने चीनी सेनिको पे लाठी भांजी उसको पूरी दुनिया ने देखा है की कैसे चीनी सेना दुम हिलाकर पीछे भागी ।। हालांकी आपकी बार विरोधी कंटीली लाठी और डन्डो के साथ तैयारी करके आये थे।।इस घटना से एक बात मोदी की साफ हो चुकी है की मेरा भारत बदल गया हैं ।। अब हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे । वाली नीति धरातल पर दिख रही हैं वैसे तो भारत के जवानो के सामने चीनी सैनिकों का ना हौंसला हैं और ना ही साहस हैं । कद काठी से भी कमजोर है ।और पिछले एक दशक से तकनिकी रुप से भी सूदृड हुये है ।। इस घटना ने चीनी सीमा से लगे अन्य देशो के होंसले भी बुलंद होंगे।और अब या तो चाइना अपनी विस्तारवादी निति को तैयाग दे या इस प्रकार से लाठिया खाने को त्यार रहे।।अब चीनी विदेश मंत्रालय का व्य्कतव्य आया हैं की बौर्डर पर हालात समान्य हैं ।।इस झड़प मे कुछ भारतीय जवानो को भी मामूली चोटे आई हैं जैसा भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने व्यक्तव्य मे बताया।। चाइना को अब ये समझना होगा की भारत अब 24+7 युध्द के लिये तैयार रहता है भारत की एयरफोर्स इसके लिये हर समय तैयार होती है । भारत गलवान घाटी की घटना के बाद ही चौकन्ना था । अब भारत ने शान्ति के लिये फ्लगे मार्च निकला उसमे ये साफ कर दिया की कोई भी उक्षाने वाली कारवाई का जबाब कठोरता से दिया जायेगा।। 

सोमवार, 12 दिसंबर 2022

गहलोत का गुजरात चुनाव

                              Indian Politics-Ashok Gahlot and Gujarat election

 



अशोक गहलोत जौ की राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं को कांग्रेस ने उन्हे गुजरात चुनाव प्रभारी बनाया ।। गहलोत जी कल मीडिया से मुखातिब हुये और हार के निम्न कारण मीडिया के सामने बताये।। सबसे बड़ा कारण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बताया की और कहा की ये लोग जँहा भी जाते है बहुत बड़ी बड़ी झूँठ बोलते हैं और कांग्रेस के वोट बैंक को सेंध मारने मे कामयाब होते है ।इस बार भी 13% वोट शेयर लेके इन्होने कांग्रेस को बड़ा नूकसान पहुंचाया।। इसके अलवा प्रधानमंत्री की पिछले 3 महिने से गुजरात मे ताबड़तोड़ रैलियाँ भी हार का एक बड़ा कारण रहा व तीसरा व महत्वपूर्ण भूमिका रही वो था पार्टी के पास फंड की कमी का होना।।और साथ ही गहलोत जी ने भाजपा पे आरोप भी लगाया की पार्टी मे फंड देने वालो को संस्थाओ का डर दिखाया जा रहा हैं ।। यह सही है की आम आदमी पार्टि व ओवेशी हर चुनाव मे कांग्रेस के वोट मे सेंद लगाने मे कामयाब होते हैं इसका कारण है कांग्रेस का अपने वोट बैंक व कार्यकर्ताओ पर ढीली पकड़ जौ गहलोत नी आला कमान का फैसला ना मानके ही सिध कर दिया था और सोनिया राहुल को मुह की खानी पड़ी थी।। दूसरा राहुल की पैदल यात्रा का महिमा मंडित करने मे अधिक ध्यान दिया जा रहा है वंही पे गहलोत कांग्रेस के कार्यकर्ताओ मे गुजरात मे जान फूंकने की बजाय स्वयंं निस्क्रिय रहे और हार के बात पार्टी दफ्तर मे कार्यकर्ताओ ने हंगामा करके ये बात मीडिया मे सम्ने रखी की कांग्रेस मे कार्यकर्ताओ के साथ कोई सक्रिय संवाद स्थापित नही किया गया और आपसी खिंचा तान चलती रही।।

कांग्रेस आलाकमान का गहलोत को प्रभारी बनाना भी गलत साबित हुया क्योंकि गहलोत के मन मे पायलट खेमे का डर हमेशा मन मे बना रहता है जिससे उसका असर सरकार के चल रहे कर्यो पर भी साफ साफ देखा जा सकता हैं ।। पिछले कुछ सालो से राजस्थान मे लो & ऑर्डर की स्थति बहुत बिगड़ी हुई हैं ।। बलत्कार व लुटपाट की घटनाओं मे भी बहुत अधिक इज्जफा हुया है ।। अधिकारी वर्ग दबा कर भ्रस्टाचार मे लिप्त हैं जौ आये दिन न्यूज़ पेपर की हैडिंग बने हुये है ।। ऐसी स्थिति में गहलोत को प्रभारी बनाना ही गलत निर्णय था।। वंही पे हिमाचल मे इसके विपरित कांग्रेस एकजुट होके चुनाव लड़ा और बिना आलाकमान के कुछ खास हस्तक्षेप के सरकार बनने मे कामयाब हुया । रैलियाँ वँहा भी मोदी जी खुब हुई हैं केजरीवाल & टीम वँहा भी सक्रिय भूमिका में थी। इसलिए गहलोत जी अपने चिर परिचित अन्दाज से हमेशा जिमेदारी लेने के बजाय ठिकरा दूसरो के सर पर फोड़ने मे माहिर है और उन्होने हार की  व्यक्तिगत जिमेदारी लेने के बजाय। अन्य कारणों को बता कर अपने दाईत्व को इतिश्री पूरी की है ।। यह राजस्थान के परिवेक्ष मे भी कांग्रेस के लिये ठिक नही होगा।।

शनिवार, 10 दिसंबर 2022

समान नागरिक संहिता

                                                               One nation one law

 



समान नागरीक सहिंता जौ अपने आप मे ही परिभाषित करता है ।। सभी के लिये अधिकार समान हो ।। भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 के परा नंबर 4 मे ये विधित हैं की "राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुरक्षित करने का प्रयास करेगा।" लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी इसे हम लागू नहीं कर पाये और इस का नतिजा है की आज भी हमारा देश धर्म,जाती,लिंग,जन्म,स्थान के आधार पर बटा हुया हैं ।।जबकी भारत के धर्मनिरपेक्षता की नीव ये कानुन रखता है ।। और समाज मे एक समरसता का रास्ता पर्सस्थ होता है ।। जब प्राकर्तिक रुप से सब समान हैं ।। धूप छांव सबके लिये बराबर हैं । जौ पृकृति के लिये आवशयक  हैं ।। एक उदाहरण और देखिये जब हम परिवार मे रहते हैं तो बच्चे जवान पुरुष महिला बड़े बुजुर्ग सब समान तरीके से जीवन जीते है ।। और ऐसे परिवारो मे हमेश प्रेम व सौहार्द्र का माहौल रहता है ।। लेकिन समज मे जौ वोट की भाषा शुरू होती हैं वंही से बटवार सुरु हो जाता है ।। और इस ताने बाने को समाजिक-आर्धिक आधार को चुनौती देते हुए भेदभाव का माहौल बनाया जा रहा हैं ।। यह सत्य है की जब ये कानुन धरातल पे आयेगा तो बहुत सी समाजिक दिकत का समाधान हो जायेगा।। निश्चित ही इसपे बहस होनी चाहिए चर्चा होनी चाहिए ।। लेकिन जब राजस्थान के संसद किरोडी लाल मीणा इसको लेकर निजी विधेयक चर्चा के लिये रखा तो 63 सांसदो ने इस पे चर्चा के पक्ष मे वोट दिया जबकी 23 ने विपक्ष मे वोट किया।। मेरा सवाल इन 23 सांसदो से है और इनको समाज के सामने नंगा करना चाहिये नंगा से तात्पर्य हैं की इनको उजागर करना चाहिए कि ये लोग किस आधार पर इस पर चर्चा भी करना मुनासिफ नही समझते। इनकी दिवालिया सोच के कारण ही हम दुनिया से पिछड़े रहे हैं । जब की देश मे एक विधि विधान हैं एक झण्डा है तो सब के लिये कानुन के अधिकार भी एक हों मे कोई दोमत नही होना चाहिये।। कांग्रेस जौ की हर बात के विरोध ही करना का रव्या उसे गर्त मे ले जा चुका है ।। और थोड़ी बहुत कुछ संभावनाए बची हैं उनको भी धूमिल करने का काम नही करना चाहिये।।।। हमे ये नही भूलना चाहिये की इससे देश मे एकीकरण और लेंगीक न्याय व समानता को बढ़ावा मिलेगा व साथ मे महिलको की गरीमा को भी बढ़ावा देने मे कामयाब होंगे।। केरल हाई कोर्ट ने भी केन्द्र सरकार को सभी धर्मो के विवाह अधिनियम एक समान करने पर गंभीरता से विचार करने को कहा है ।

शुक्रवार, 9 दिसंबर 2022

हिमाचल का सन्देश।।।

                            India politics-Himachal elections-Nature Message to us

 



हिमाचल का जनादेश वैसे तो कांग्रेस के लिये आशा की किरण बनके आया हैं ।। वंही पे गुजरात की जनता का मत कांग्रेस के लिये गहन मंत्रणा का व अपने कार्यकर्ता के लिये मबोबल गिराने वाला साबित हुया हैं । हिमाचल मे राहुल गाँधी की अनुपस्थित के बावजूद चुनाव मे कामयाब होना व भाजपा के अध्यक्ष नड़ा के स्वयं के इलाके से भी कांग्रेस की सीट आना क्या सन्देश देता है ।।यदि किसी वही पार्टी के पास लोकल केडर हैं और मोटीवेशन उसमे हैं हो उसकी उर्जा बनाये रखने के लिये आवशयक है उस पार्टी का जनाधार हिलाना आसान नहीं है । भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं ।। यंहा पे लोग सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पर्याप्त करते हैं इसका मतलब ये कतई नही हैं की उनके लिये धर्म कोई करो या मरो जैसा मसला हैं ऐसा होता तो देवभूमि हिमाचल मे हिंदुतव का समर्थन करने वाली पार्टी भाजपा की स्थिति कुछ और होती या ओवेशी भी गुजरात मे 10-15 सीट जीत जाता ।। जनता हमेशा अपने लोकल पे किये हुये कार्य व पर्ति द्वारा किये हुये वादों के अनुसार ही अपना निर्णय करती हैं ।। और अब पार्टियो को भी समझना होगा की।। यदि जनता की सेवा का अधिकार लेना है तो इस लोकतांत्रिक प्रणाली मे जनता की सेवा करे। और और शिक्षा,बेरोजगारी,महंगाई, जनशंख्या, स्वाथ सेवाए ,स्व रोजगार,महिला उत्थान, भुखमरी, सबके लिये मकान व मुलभुत सेवाओ के अनुसार अपना कार्य करना चाहिये।इसलिए ये नतीजे एक परिपक्व लोकतंत्र की निशानी हैं ।और हालांकी कांग्रेस की असली परीक्षा कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर,राजस्थान,छतीसगड व मध्य प्रदेश के चुनावो मे होनी हैं । उनमे भी कर्णाटक जो मलिकाअर्जुन खरगे जिनका गृह राज्य भी है और भाजपा जँहा पर कांग्रेस के MLA को मिलाके सरकार चला रही हैं एक बड़ा चलेंग होगा।।और ये राज्य जीतकर भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाओं के द्वारा दुबारा मोदी का रास्ता पर्सस्थ करना चाहेगी।। वंही दुसरी तरफ अब कांग्रेस के लिये आम आदमी पार्टि  व क्षेत्रीय पार्टियाँ से भी निपटना होगा जो उसको बहुत अधिक नुक्सान पहुंच रही है । गुजरात मे आम ने 13% वोट शेयर लेके ये साफ कर दिया हैं की वो आने वाले समय मे बड़ी चुनौती पेश करेगी। वंही पे इस चुनाव मे राहुल गांधी जो की चुनाव से दुर रहे जिससे चुनाव मोदी vs कांग्रेस मे तब्दील हुया जो हिमाचल मे कांग्रेस के लिये फायदे का निर्णय रहा ।।

बुधवार, 7 दिसंबर 2022

सोने के सिक्के देने वाला ATM

Technology-तकनिकी की एक और सफलता

 


 

तकनिकी की दुनिया को समझने वालो के लिये यह खबर आम बात हैं लेकिन जो लोग इससे दुर है उनके लिये ये विषेश व चटपटी के साथ बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं । आज से पहले हमने एटीएम मशीन से रूपए निकालने हुये देखा है कुछ जगह पे पिज़्ज़ा भी एटीएम से निकलता हुया देखा जा सकता ।। चाय या कोफी मशीन भी कमोवेश यही काम करती हैं । लेकिन सोना जो इनवेस्टमेंट का सदियो से सबसे अच्छा रिटर्न देने वाला माध्यम माना जाता हैं । और हमेशा से ही इसकी चमक कायम रही है । सोने को आम लोगो तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोने का व्यवसाय करने वाली कंपनी गोल्डसिका ने दुनिया का पहला एटीएम मशीन जिससे आप 0.5 ग्राम से लेके 100 ग्राम तक के सिके अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड से निकाल सकते है । इस एटीएम को कंपनी ने हैदराबाद मे स्थापित किया है । हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी ओपनक्यूब टेक्नोलॉजी ने इसे तकनिकी सहयोग दिया हैं ।। कंपनी बहुत सिग्रह हैदराबाद मे 2-3 मशीन अलग अलग इलाको मे लगाएगी जिससे लोगो को सोना खरीदने के लिये भटकना नही पड़ेगा।।। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट Mr प्रताप के अनुसार भारत मे कुल 3000 गोल्ड एटीएम लगाने की योजना हैं ।।और एक मशीन मे 5 kg सोना रखने की क्षमता हैं । तो अब वो दिन दुर नही जब लोग अपने मोहल्ला के नुकड से ही सोना खरीद पायेंगे।।

मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

संसद का शीतकालीन सत्र 2022

                                          Winter session in Indian Parliament

 

संसद  का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार सर्वदलीय बैठक का आज आयोजन किया जिसमे मोदी  अपने मंत्रियो के साथ अपने विपक्ष के साथियो के साथ बैठ कर सत्र को शान्तिपूर्वक  व सार्थक होने के लिये आपसी सहयोग करने के उद्देश्य से ये बैठक आयोजन किया जाता हैं ।।। आज गुजरात मे विधानसभा के चुनाव पूर्ण हुये अभी 24 घन्टे ही हुये हैं और जो एक दुसरे के परती शब्दो का चयन किये उस कडवाहट को भूल कर आगे बढ़ जाने का साहस क्या पक्ष व विपक्ष दोनो दिखा पायेंगे इसकी संभावना बहुत कम हैं ।।क्योंकि पिछले 8 साल से विपक्ष इस बात को कभी भी पचा नही पा रहे है की उनको जनता नकार रही है ।। उनको ये लोकतंत्र कन्ही ना कन्ही उनकी जागीर के तोर पे मान लिया हैं इसलिए चुनावो के बाद हर हारी हुई पार्टी कभी evm मशीन को कभी चुनाव आयोग को दोष देती हैं ये बात मानने को तैयार नही होती की जनता जनार्दन ने उनको नकारा हैं ।।। आज सर्वदलीय बैठक मे प्रधानमंत्रि की तीन अलग अलग फोटो सामने आई जिसमे वो कांग्रेस के अधय्क्ष खड़गे, अरविंद केजरीवाल व ममता बनर्जी से मुखातिब होते हुए दिख रहे हैं । 

इसमे मोदी के हावभाव बहुत कुछ बयाँ कर रहे हैं । जँहा केजरीवाल मोदी के सामने हाथ जोड़ कर बहुत अधिक सादगीपूर्ण व्यवहार का परिचय दे रहे हैं वंही पे कांग्रेस के अध्यक्ष मलिकाअर्जुन  खड़के ऐसे दिख रहे जैसे वो मोदी की बात सुन कर हथपर्ष्थ रह गये हैं । और ममता दीदी के सामने मोदी का चेहरा कुछ आक्रमक दिखाई दे रहा है ।। निश्चित ये सत्र आने वाले लोकसभा के चुनाओं के हिसाब से सरकार के लिये महत्वपूर्ण होंगे वंही पे कांग्रेस को अपनी खिसकती हुई जमिन को बचाने के लिये नये गेम प्लान के साथ उतरना होगा अन्यथा तीसरा मोर्चा उसको लगातर विपक्ष की भुमिका से अलग थलक  करने मे कोई कसर नही छोड़ेग इसलिए सरकार की बजाय विपक्ष के लिये अधिक भविष्य की चिंताओ को ध्यान रखते हुये एक सकारत्मक विपक्ष का रोल अदा करना होगा जिसमे जनता जनार्दन को विपक्ष का रोल देश हित मे दिखाई दे।।

इस बैठक में सदन का कार्य सुचारू रूप से सुनिश्चित करने, सत्र के दौरान विधायी कार्यों सहित इससे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सकती है. संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू हो रहा है. यह 29 दिसंबर तक चलेगा. सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक करेंगे.

इस बार उन्होंने पारंपरिक तौर पर सत्र से पहले आयोजित किये जाने वाले सर्वदलीय बैठक के स्थान पर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाने का निर्णय किया है. पिछले सप्ताह सरकार ने शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किये जाने वाले 16 विधेयकों की सूची जारी की थी.

इस बैठक में कुल 27 दलों ने हिस्सा लिया. इस मौके पर विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और कृषि संकट के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर झूठे आश्वासन देने का आरोप भी लगाया.

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा से प्रधानमंत्री के रास्ते की खोज

                   Indian Poltics-Rahul's Bharat Jodo Yatra is try to find out the PM way 

 



भारत जोड़ों यात्रा मे राहुल राजस्थान में प्रवेश कर चुके है ।इस यात्रा को कांग्रेस राजनीति से अलग कर के देख रही है ।। और इसे भारत की सबसे बड़ी पैदल यात्रा के रुप मे पेश कर रही है ।। जिसका उदेश्य साफ साफ दिख रहा है की इसके द्वारा राहुल की पब्लिक मे स्वीकार्यता को स्थापित करना है । और इसी लिये इस यात्रा का महिमा मंडित किया जा रहा है ।। इस ब्लॉग मे हम ये जानने की कोशिश करेंगे की इस यात्रा से क्या कांग्रेस की वोटरस मे स्वीकार्यता बन पायेगी या राहुल को एक नेता के रुप पब्लिक स्वीकार करेगी।। एक राजनितिक दल होने के नाते पब्लिक मे जाना एक अच्छी बात हूँ ।। और इस यात्रा के बाद भी हम कांग्रेस की और से इस प्रकार की और गतिविधियों को देखा जा सकता हैं इसकी संभावना पूरी है ।।इन सब गतिविधियों का अन्तिम रिजल्ट तो 2024 मे होने वाले लोकसभा के चुनाओं के बाद ही पता चल पायेगा। क्योब्की नरेंदर मोदी के सामने कांग्रेस राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री  के तोर पे पेश करने की कोशिश करेगी जो एक अच्छा कदम हो सकता हैं ।। इसलिए राहुल जनता के साथ साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाने की कोशिश मे लगे हुये हैं और देश को समझने का भी एक अच्छा अवसर है ।। इसी लिये राहुल गाँधी पुरे दिन सोशियल मीडिया पे लाइक/ व्यूह  की जानकारी लेते रहते है ।। और स्टूडेंट्स जो कल के मतदाता बनेगे उनसे अधिक नजदीकियां बनाने की भी कोशिश की जा रही है ।। और ये बहुत सही व उचित कदम हैं ।  लेकिन कांग्रेस मे जो चापलूसी पर्वर्ती हैं वो भी इस यात्रा मे साफ झलक रही है ।। राजस्थान मे यात्रा के स्वागत के लिये जो गहलोत जी व पायलट के बीच मे पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया वो इसका साफ अर्थ बताता है की कोन गाँधी परिवार का बड़ा भक्त हैं इससे कांग्रेस को पार पाना होगा।। कल की यात्रा के दौरान राहुल ने पुलिस-प्रशासन की अधिकता से नाराज़गी इसका साफ संकेत हैं ।। जब तक राहुल गांधी अपने ज्ञान को स्किल्ल लिंक नही करेंगे या यूथ को आगे लाने से परेह्ज करेंगे।। अब समय है की किंग बनने से अच्छा हैं की किंग मेकर बने।। लेकिन 2024 आते आते कांग्रेस की कमान फिर से एई बार राहुल के पास आना निशचीत हैं ।। और यदि ये अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेट्वर्क को या कहे की अपने तन्त्र को दूरस्थ नही करेंगे तब तक मोदी से पार पाना आसान नहीं होगा ।। क्योंकि भाजपा की कार्य प्रणाली जनता जनार्दन के भावनायों के इर्द-गिर्द ही बुनी जाती हैं ।।।

सोमवार, 5 दिसंबर 2022

मनीष जाट का अल्प जीवन/हिस्ट्रीशीटर राजू ठेहठ हत्याकांड

शिक्षा ही समाज का आइना होती हैं। 

         

Crime-Raju Theta Murder in Rajasthan

 


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गैंगस्टर राजू ठेठ हत्याकांड के मुख्य अभुयुक्त मनीष जाट जिसको रोहित गोदारा ने इस हत्याकांड के लिये चुना था और अनुराधा जिसको लेडी डोन के नाम से जाना जाता हैं उसके माध्यम से ये सारा प्लान को अम्लेजामा पहनाया गया था ।

      इस ब्लॉग मे मनीष जाट के जीवन पर रौशनी डालने की कोशिश करते है । मनीष जाट एक गरीब किसान  परिवार से तालुक रखता हैं । इसके दादा दादी दोनो ही बहुत नेक दिल व मेहनती इन्सान थे। बहुत कम जमीन व उस पर भी सिंचाई की व्यवस्था ना होने के कारण इसके दादा जी स्वर्गीय मुलाराम  जाट लोगो के यंहा खेती का काम करते थे। और इसकी दादी जिनका कुछ समय पहले ही अंतकाल हुया हैं  का नाम शिमली देवी था। जिसने अपने जीवन काल मे हमेशा अपने area मे दाई मां  का काम किया वो भी निशुल्क जो एक नेक दिल महिला थी।। मनीष के पिता पप्पू जो की कम उमर मे ही मर्त्यु हो गई थी और 2 ताऊ थे जिनमे एक विकलांग था उसकी भी पहुत पहले मर्त्यु हो चुकी हैं और एक लापता हो गये थे जिनका आज तक कोई सुराख नही मिला।। इसकी माता एक सीधी साधी घरेलू महिला है ।। परिस्थिति के कारण मनीष 5th  क्लास तक ही स्कूल का मुह देख पाया और अभिभावको की कमी के कारण कम उमर मे ही रोजी रोटी के लिये हाथ पांव मारना शुरू किया। और ड्राईवर का काम करने लगा।। और एक कुशल ड्राईवर होने के कारण ही यह आनन्दपाल की गेंग के सम्पर्क मे आया और मात्र 25 साल की आयु मे ही ऐसी वारदातों  को अंजाम देने मे माहिर होगया।। इसके लिये मनीष को कसूर वार ठहराना बिल्कुल सही नहीं होगा।। सरकारो को व समाज को इस और ध्यान देना होगा आज हम 21 वी सदी मे जी रहे है और एक परिवार जो 50-60   साल से अभावों मे अपना जीवन जीने के लिये विवश हो उसमे से मनीष जैसे लडके अपराध की दुनिया का दामन थाम लेने को मजबूर हो जाते है ।।अशिक्षा के कारण अभावग्रस्त  जीवन मे परिवार को चलाना उसका पालन पोषण करने के लिये यह रास्ता चुनते है । इस लेख में हम कन्ही भी मनीष के किये कर्त्य को प्रोत्सान नही दे रहा हूँ । इसकी जितनी निंदा की जाये वो कम हैं लेकिन कल कोई और मनीष समाज मे पैदा नही हो इसके लिये सरकारो व समाज सुधारको को काम  करना होगा। अन्यथा रोहित गोदारा जैसे लोग सामाजिक-आर्थिक स्थिती का फ़ायदा उठा कर और कई मनीष जैसे नवयुवको को अपराध की दुनिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

शिक्षा ही समाज का आइना होती हैं।

यह सही हैं की शिक्षा ही सभ्य समाज का वास्तविक प्रतिबिम्ब होता हैं। समाज में आज भी अपराध की दुनिया में दो प्रकार के लोग  शामिल होते हैं। शिक्षित और अशिक्षित। 

शिक्षित लोग लालच,अधिक पाने की लालसा, द्वेष,बदले की भावना से अपराध को अंजाम देते हैं। तभी आज आंनदपाल ,राजू ठेड जैसलोगो के पीछे अपार  सम्पति छोड़गए हैं।  और मनीष जैसे बच्चो के परिवार आज भी उसी दयनीय िस्थती में जीवन व्यापन कर रहे हैं।

अशिक्षित लोग जीवन को बहुत अधिक दूरी तक नहीं देख पाते। और वो वर्तमान परिस्थति के दबाब को दूर कर लेने में अपनी विजय समझते हैं।

मनीष जाट का घर परिवार देख कर कोई भी जज आसानी से इस नतीजे पे पहुँच सकता हैं।  की आजादी के 78 वर्ष बाद भी यदि हम शिक्षा के अंधकार को नहीं मिटा पा रहे हैं।  तो गलती मनीष की नहीं इस सिस्टम की और सरकारों की हैं।  जो आज भी भारत देश में शिक्षा का अनिवार्य कानून होने के बावजूद हजारो मनीष पढाई से वंचित रह जाते है।  और थोड़े लालच में आपराधिक मानसिकता के लोगों का आसानी से  शिकार  बन जाते हैं


 

शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

गुजरात मे पहले चरण का मतदान

                                    Indian Politics-Gujarat election 1st round polling

 

 गुजरात मे कल एक दिसंबर को प्रथम चरण का चुनाव 60% मतदान के साथ संपन हुया । जो पिछले चुनाव से कम है । मतदाताओ की ये उदासीनता क्या दर्शाती हैं । इसी बिंदु पे आधारित हैं आज का ब्लॉग। आज का चुनाव की त्यौहार से कम नही है विज्ञापन के युग मे आज की आधुनिक तडक भड़क मे कन्ही मतदाता कन्फयूज तो नही हो रहा हैं बिशेषकर कम पढा लिखा तपका ।। वैसे कम मतदान को चुनावी  पण्डित हमेशा वर्तमान सरकार की पुनरावर्ती के तोर पर देखतें है ।।  जिस्की संभावना दिखतीं भी है यदि हम चुनाव परचार या exit पोल के डाटा indicate कर रहे हैं । इस चुनाव मे चुनाव आयोग का रोल भी बहुत उदासिन दिखा हैं । कन्ही से भी इस तरह के पर्याश नही देखे जँहा से ये लगता हो की आयोग ने अधिक मतदान के पर्याश किये हो।।। ये लोकतंत का कमजोर करता है । तकनिकी के जमाने मे पार्टियो को व चुनाव आयोग को मोबाइल पे OTP के द्वारा मतदान करने का अधिकार पे विचार करना चहिय इससे मतदान का प्रतिशत भी बढ़ेगा और लोकतंत और मजबूत होगा।। इससे सरकारी तन्त्र पे काम लोड कम होगा साथ ही खर्चो मे भी भारी कमी होगी। और ये।कम मतदान कन्ही ना कन्ही इसकी और संकेत कर रहा है ।। इसमे सबसे अधिक तादात युवा वर्ग जो प्राइवेट क्षेत्र या लघु उधोग के उदमी आदि की संख्या  अधिक होगी जो समय अभाव मे मतदान नही करते हैं । या अन्य कारण हो सकते हैं । चुनाव आयोग को इसपे मनन करने की व जानकारी जुटा कर उसपे काम करने की जरूरत हैं ।। 40% लोग जब अपनी भावनायों को व्यक्त नही करके ।।लोकतंत व पार्टीयॉ दोनो को इसे गहनता से लेना चाहिये। क्योंकि एक बहुत बड़ा हिसा लोकतांत्रिक मूल्यों से पूरी तरह अलग होना हमारे लिये हानिकारक हो सकता हैं ।

चुंबकयुक्त उत्पादों के प्रयोग मात्र से गहन बीमारीयां छुमंतर

केवल सोने पानी पीने और हाथ की कलाई पर मैग्नेटिक ब्रासलेट पहनने से रोगों से चमत्कारी मुक्ति की सचाई             चुम्बकीय चिकित्सा हर आयु के न...