रविवार, 22 जनवरी 2023

भारत में भ्रामक राजनीतिक -गोधरा कांड को लाइमलाइट में रखने के पीछे का सच

      राजनीतक दलों का ध्यान भ्रम शास्त्र। मेरे इस ब्लॉग मे सवाल अधिक व जबाब कम है जो आपको अपने दिल और दिमाक के तराजू मे तोल के एक भारतवासी होने के नाते देखना व समझना हैं । क्या आपको को याद है कि मुंबई दंगों के दौरान महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन था शायद नही जो मुंबई दंगों से कम दोषी नहीं था? क्या किसी को मल्लियाना और मेरठ दंगों के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री का नाम याद है या बिहार के मुख्यमंत्री का नाम जब कांग्रेस के शासन में भागलपुर या जमशेदपुर दंगे हुए थे? उत्तर होगा शायद नही। क्या हम गुजरात के उन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम सुनते हैं जिनके नेतृत्व में स्वतंत्रता के बाद के भारत में सैकड़ों दंगे हुए? 

     क्या किसी को याद है कि 1984 में जब भारत की राजधानी में सिखों का नरसंहार हुआ था तब दिल्ली की सुरक्षा का प्रभारी कौन था? कैसे नरेंद्र मोदी को शैतान अवतार के रूप में चुना गया है जैसे कि उन्होंने 2002 के दंगों के दौरान सभी हत्याओं को व्यक्तिगत रूप से चुना था? मे जों यह लिख रहा हू उसमें तनिक भी संदेह कोई कारण दिखता नही हैं । 2002 के दंगों की वजह बने गोधरा कांड पर क्रिमिनल ब्रिगेड हमेशा खामोश रही है। ये सब डाटा आप किसी भी सर्च इंजन से या RTI से प्राप्त करके तथ्य देख सकते हैं । 

     ** जब कोई कहता है कि पिछले पूरे दशक से गुजरात की कृषि विकास दर 10-11% है तो राजनीति पार्टी कहती हैं 2002 दंगे! **जब कोई कहता है कि उसने एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट बनाया है, तो वो कहते है 2002 के दंगे! 

   **जब कोई कहता है कि गुजरात पूरे भारत में एकमात्र राज्य है जो अपने लगभग सभी 18,000 गांवों को 24*7 और 365 दिन बिजली प्रदान करता है, वो कहते है 2002 दंगे! 

     **जब कोई कहता है - वर्ल्ड बैंक का 2011 का बयान कहता है, गुजरात की सड़कें अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर हैं, तो वो कहते है 2002 के दंगे! 

     **जब कोई कहता है कि गुजरात देश का पहला राज्य है जिसके सभी 18,000 गांवों में हाई स्पीड वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा है, वो कहते है 2002 दंगे! 

    **जब कोई कहता है कि फोर्ब्स पत्रिका ने अहमदाबाद को भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर और दुनिया में तीसरा स्थान दिया है, वो कहते है 2002 दंगे! 

    **जब कोई कहता है कि गुजरात पर्यटन पहले से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है. वो कहते है 2002 के दंगे! 

    **जब कोई कहता है कि केंद्रीय सरकार के श्रम ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में देश में सबसे कम बेरोजगारी दर है, वो कहते है 2002 के दंगे! 

    **जब नरेंद्र मोदी को लगभग सभी सर्वेक्षणों और चुनावों में दुनिया मे बार-बार सर्वश्रेष्ठ वर्तमान भारतीय नेता के रूप में चुना जा रहा है वोकहते है 2002 दंगे! 

    **जब कोई कहता है कि 2003-2013 गुजरात के इतिहास में केवल 10 साल हैं जो पूरी तरह से दंगा-मुक्त हैं, तो वो कहते है कि 2002 के दंगे! 

   **लेकिन जब हम उन्हें कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन के दौरान हुए दंगों की याद दिलाते हैं: 1947- बंगाल....5,000 से 10,000 मरे...कांग्रेस राज। 1967- रांची....200 मरे.........कांग्रेस 1969- अहमदाबाद...512 मृत... कांग्रेस 1970-Bhiwandi....80 मृत ..कांग्रेस राज। 1979- जमशेदपुर..125 मृत. सीपीआईएम शासन (कम्युनिस्ट पार्टी) 1980- मुरादाबाद...2,000 मृत... कांग्रेस शासन। 1983-नेल्ली असम...5,000 मरे...कांग्रेस शासन। 1984- सिख विरोधी दिल्ली...2,733 मरे... कांग्रेस शासन 1984 Bhiwandi....146 मौते कांग्रेस शासन 1985- गुजरात.....300 मरे..कांग्रेस राज 1986- अहमदाबाद......59 मृत. कांग्रेस शासन 1987-मेरठ....81 मरे. कांग्रेस राज [हैदराबाद......300 से अधिक मृत....कांग्रेस शासन 1992- मुंबई....900 से 2000 मरे....कांग्रेस राज 1992- अलीगढ़....176 मरे कांग्रेस राज 1992 सूरत.......175 मरे कांग्रेस राज वे पूरी तरह बहरे हो जाते हैं........... क्योंकि उनके पास कोई उत्तर नहीं होता। कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां सब पाखंडियों की हिंदू विरोधी ब्रिगेड हैं। भारत का युवा कहता है:...... हमें 2002 में कोई दिलचस्पी नहीं है, हमें केवल 2023 और हमारे भविष्य में दिलचस्पी है। यदि आपको लगता है कि तथ्यों को ध्यान में लाने की आवश्यकता है। तो मनन किजीये और राजनिती पार्टी बाजी से बाहर निकल कर देश के लिये सोचिये और करिये।।

2 टिप्‍पणियां:

If you have any suggestions for betterment.Pls let me know

जयपुर गुलमोहर गार्डन मे कार्पेंटर की धोखाधड़ी।

 पढ़े लिखे लोग भी बन रहे हैं ठगी का शिकार                           जयपुर मे आशियाना बिल्डर की सोसाइटी गुलमोहर गार्डन जो वाटिका मे हैं। यंहा ...